उद्योग-आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल पारदर्शिता से रोजगार की नई राह
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के युवाओं को एमएसएमई सेक्टर की असली जरूरतों के अनुसार तैयार करने के लिए एक अहम पहल शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) और इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के बीच गोमती नगर के आईआईए भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में युवाओं को इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स देने और प्रशिक्षण के बाद सीधा रोजगार सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
मिशन निदेशक पुलकित खरे का निर्देशबैठक की अध्यक्षता करते हुए यूपीएसडीएम के मिशन निदेशक श्री पुलकित खरे ने साफ कहा कि औद्योगिक संगठनों को प्रशिक्षण भागीदार के रूप में पैनल में शामिल करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। इससे उद्योगों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित होगी और युवाओं को बाजार की वास्तविक मांग के मुताबिक कौशल प्रशिक्षण मिल सकेगा, जिससे प्लेसमेंट की दर में जबरदस्त सुधार होगा।
उद्योगों की जरूरत पर फोकस
- बैठक में यह तय हुआ कि:प्रशिक्षण कार्यक्रम अब पूरी तरह उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए जाएंगे।
- युवाओं को इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स दी जाएंगी।
- प्रशिक्षण पूरा होने के बाद रोजगार की गारंटी पर विशेष जोर रहेगा।
- एमएसएमई सेक्टर और कुशल युवाओं के बीच मौजूद स्किल गैप को तेजी से कम किया जाएगा।
डिजिटल क्रांति: API और QR कोड से पारदर्शी प्रक्रिया
- बैठक में कई अहम डिजिटल फैसले लिए गए:API आधारित डेटा एकीकरण से यूपीएसडीएम और आईआईए के कौशल आंकड़ों को एक सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाएगा।
- इससे सूचनाओं का आदान-प्रदान आसान होगा और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।
- QR कोड आधारित सुविधा के जरिए यूपीएसडीएम पोर्टल पर एमएसएमई, नियोक्ता और नौकरी चाहने वालों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
- सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से दोनों संस्थाएं नियमित सूचनाएं साझा करेंगी।
बता दें कि यह पहल प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने और लाखों युवाओं को सही दिशा देने में गेम चेंजर साबित होने वाली है। उद्योगों के मुताबिक पाठ्यक्रम तैयार होने से युवाओं को बिना समय गंवाए नौकरी मिलने की संभावना बढ़ जाएगी और उत्तर प्रदेश में रोजगार सृजन को नई रफ्तार मिलेगी।
बैठक में यूपीएसडीएम के वरिष्ठ अधिकारी और आईआईए के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
एक कदम आगे- स्किल से समृद्धि की ओर!






