लखनऊ, 13 अप्रैल 2026: शिवांजना और भारतीयम् द्वारा आयोजित सिम्फोरिया म्यूजिकल नाइट में लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के सदाबहार गीतों ने दर्शकों को पुराने फिल्मी संगीत के सुनहरे दौर में ले जाकर मंत्रमुग्ध कर दिया।
सीतापुर रोड स्थित प्रॉमिनेंट मॉल में आयोजित इस यादगार शाम का आयोजन अमित श्रीवास्तव और राजीव रंजन के संयोजन में किया गया। मुंबई से विशेष रूप से आमंत्रित लोकप्रिय गायकों आलोक काटदरे और गुल सक्सेना के साथ मशहूर ड्रमर जॉन टी. हंट और लखनऊ के लोकप्रिय “वायलेंट द म्यूजिकल बैंड” ने पूरे कार्यक्रम को चार चांद लगा दिए।

देर शाम तक चली इस म्यूजिकल नाइट में हर उम्र के संगीत प्रेमी झूम उठे। गुल सक्सेना ने ‘सत्यम शिवम सुंदरम’, ‘तेरे मेरे बीच में’, ‘आ जाने जा’, ‘हवा हवाई’, ‘एक दो तीन’ जैसे गीत गाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। आलोक काटदरे ने ‘मेरी उमर के नौजवानों’, ‘मैं आया हूं ले के साज’, ‘हाल क्या है दिलों का’ और ‘एक हसीना थी’ सुनाकर जोश भर दिया।
लखनऊ के गायकों में कुलदीप चौहान और दिव्यांशी मौर्या ने भी अपनी मधुर आवाज में ‘चाहूंगा मैं तुझे सांझ सवेरे’, ‘मस्त बहारों का मैं आशिक’, ‘मेरे नसीब में तू है कि नहीं’ और ‘बिन्दिया चमकेगी’ जैसे गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को सुरों की बारिश कर दी।
युगल गीतों में ‘जिहाल-ए-मुस्किन’, ‘ढपली वाले’, ‘जुम्मा चुम्मा दे दे’, ‘एक प्यार का नगमा है’, ‘मैं तेरे प्यार में पागल’, ‘ओ मेरी जान बोल मेरी’ और ‘चोली के पीछे’ जैसे गीतों ने माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया। इसके अलावा श्रोताओं की फरमाइश पर ‘एजी ओजी’, ‘नायक नहीं’ और ‘मैं जट्ट यमला पगला’ जैसे हिट नंबर भी गाए गए।
वायलेंट द म्यूजिकल बैंड (1984 से सक्रिय) और जॉन टी. हंट की बेहतरीन ड्रमिंग ने पूरे कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया। तालियों की गूंज और दर्शकों का उत्साह बता रहा था कि यह शाम लखनऊ के संगीत प्रेमियों के लिए खास रही।
शिवांजना के प्रमुख राजीव रंजन सिंह ने बताया कि संगठन भविष्य में भी ऐसे संगीत और थिएटर आयोजन जारी रखेगा। उनका “शिवांजना म्यूजिक” यूट्यूब चैनल पहले से ही “कोई हमदर्द” और “खूबसूरत तुम” जैसे गीतों के साथ संगीत प्रेमियों को जोड़े हुए है।







