बोले, 13 अन्य आरोपी क्रिकेटरों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
नई दिल्ली 04 नवम्बर। स्पॉट फिक्सिंग का आरोप झेल चुके भारतीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत ने फिर से फिक्सिंग के जिन्न को बोतल से बाहर निकाल दिया है। उनका कहना है कि इस मामले में कई और खिलाड़ियों के नाम शामिल थे, लेकिन बीसीसीआई उन्हें बचा रही है। श्रीसंत ने कहा कि इस मामले में जिन अन्य खिलाड़ियों के नाम थे, उन्हें बीसीसीआई ने शह क्यों दे रखी है। स्पॉट फिक्सिंग की जांच करने वाली मुद्गल समिति की रिपोर्ट में करीब 13 और क्रिकेटरों के नाम थे, जिनमें से कई तो अब भी क्रिकेट खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि बीसीसीआई ने इन नामों को सार्वजनिक न करने की अपील की थी, क्योंकि इससे भारतीय क्रिकेट को नुकसान हो सकता था। लेकिन बिना किसी वजह के मैं इसमें आरोपी बना और तिहाड़ जेल में रहा। मैं यह नहीं कह रहा कि मुझे उन 13 लोगों के नाम जानने हैं या फिर उनका खुलासा करने जा रहा हूं, लेकिन जब दिल्ली पुलिस ने मुझसे पूछताछ की थी, तो उसमें कई और लोगों के नाम लिए गए थे। इनमें वह खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो अलग-अलग देशों के लिए अब भी क्रिकेट खेल रहे हैं। मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि उनका क्या हुआ? श्रीसंत ने कहा कि मैं उनके नामों का खुलासा नहीं करुंगा, क्योंकि मैं जानता हूं कि उस दौरान मैंने, मेरे परिवार और मेरे राज्य ने क्या-क्या झेला था। मैं नहीं चाहता कि उस दौर से कोई और गुजरे, जिससे मैं गुजरा था, लेकिन मेरा सवाल है कि बीसीसीआई उनके साथ क्यों खड़ी है और मेरे साथ क्यों नहीं? मुझे जमानत मिलने के बाद मुद्गल समिति का गठन हुआ था। इसके बाद यह नाम सामने आए थे। उनमें से कई खिलाड़ी आईपीएल खेल रहे थे। उन्होंने पिछले साल भी आईपीएल खेला और अभी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं। मालूम हो कि बीसीसीआई ने श्रीसंत पर आजीवन प्रतिबंध लगा रखा है, जिसके खिलाफ उन्होंने अदालत का रुख किया था। हालांकि, उन्हें अभी कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली है।







