65 हजार की पॉलिसी, सामान्य बुखार बोलकर क्लेम रिजेक्ट
मुंबई/दिल्ली। एक महिला ने परिवार की सुरक्षा के लिए 65,000 रुपये की हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ली, लेकिन जब जरूरत पड़ी तो कंपनी ने क्लेम ठुकरा दिया। कंपनी का कहना था कि “ये तो सामान्य बुखार है”। थक-हारकर महिला ने एक्स (ट्विटर) पर वीडियो पोस्ट कर लोगों को चेतावनी दी कहा “मत लो पॉलिसी”।
फिलहाल यह मामला वायरल हो गया है और हजारों लोग इसके साथ अपनी कहानियां शेयर कर रहे हैं।
आम अनुभव: क्लेम लेना शेर के मुंह से निवाला छीनने जैसा
कई लोगों ने बताया कि पॉलिसी लेते समय तो बड़े-बड़े विज्ञापन दिखते हैं, लेकिन क्लेम के समय कागजों की दौड़, बार-बार पूछताछ और छोटी-छोटी बातों पर अड़ंगा लग जाता है। एक यूजर ने लिखा, “कई महीने दौड़ाने के बाद भी डॉक्यूमेंट में कमी निकाल देते हैं।” दूसरे ने अपनी बेटी का उदाहरण देते हुए कहा कि अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद क्लेम रिजेक्ट कर दिया गया।
तुसार दलाल जैसे अनुभवी लोगों का कहना है कि IRDAI या स्वास्थ्य मंत्रालय से आसानी से न्याय नहीं मिलता, केवल कंज्यूमर कोर्ट का रास्ता बचता है।
एक्सपर्ट का नजरिया :
हेल्थ इंश्योरेंस एक जरूरी सुरक्षा कवच होना चाहिए, लेकिन वास्तव में यह कई परिवारों के लिए नई मुसीबत बन गया है। कंपनियां प्रीमियम वसूलने में तेज हैं, लेकिन जब इंसान सबसे कमजोर होता है उस बीच यानि बीमारी के समय – तब कागजी प्रक्रिया और बहानों से परेशान करते हैं यह लोग।
कई लोगों का मानना है कि मानवीय पक्ष सबसे महत्वपूर्ण है। बीमा का उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि संकट में परिवार को सहारा देना है। अगर लोग थककर इंश्योरेंस छोड़ रहे हैं और खुद पैसे बचाकर रख रहे हैं, तो सिस्टम में गड़बड़ी है।
IRDAI को सख्ती से नियम लागू करने चाहिए – क्लेम प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो। डॉक्यूमेंटेशन को आसान बनाएं, अनावश्यक रिजेक्शन रोकें और कंपनियों पर जवाबदेही तय करें। साथ ही, आम लोगों को सलाह: पॉलिसी लेते समय हर शर्त ध्यान से पढ़ें, प्री-एक्जिस्टिंग बीमारियां सही बताएं और जरूरत पड़ने पर तुरंत अपील करें।
वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें – https://x.com/PradeepMaikhur3/status/2066134237724782844/video/1
सरकार और नियामक अगर इस “खेल” पर नजर नहीं रखेंगे तो लोगों का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा। स्वास्थ्य का बीमा होना चाहिए – लेकिन वो सच्चा बीमा, न कि सिर्फ व्यापार। तो अब आपकी कहानी क्या है, कमेंट में बताये ?
सावधानी बरतें और स्वस्थ रहें।






