सीएम योगी ने कहा- 2017 से पहले पुलिस भी सुरक्षित नहीं थी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन सभागार में 930 कंप्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-A) को नियुक्ति पत्र वितरित किए। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित इन युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नौकरी मिली है।
सीएम योगी ने स्वयं सौंपे नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कई अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत रूप से नियुक्ति पत्र दिए। इनमें जौनपुर के अरविंद, बिजनौर के पर्व कुमार, लखनऊ के नीरज कुमार, मुरादाबाद के अभय शुक्ला, चित्रकूट के विकास कुमार शर्मा, सूरज दत्त पांडेय, कृष्ण दत्त पांडेय, बाराबंकी की अंशिका मिश्रा, लखनऊ के सैयद शादाब हुसैन, हरदोई के अनामिका राजवंशी-प्रदीप राजवंशी, लखीमपुर खीरी के अवधेश कुमार, बिजनौर के कार्तिक सैनी और आगरा के कोमल सिंह शामिल हैं।
सीएम योगी का संबोधन
नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए सीएम योगी ने कहा, “2017 से पहले आप सभी टीन एजर ही रहे होंगे। अपने अभिभावकों से पूछिए या पुरानी पत्रिकाएं देखिए कि उस समय उत्तर प्रदेश की क्या हालत थी। महीनों तक कर्फ्यू, उत्सव से पहले उपद्रव, पुलिस खुद सुरक्षित नहीं थी।”
उन्होंने मुरादाबाद का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक डीआईजी स्तर के अधिकारी को उपद्रवियों ने मृत समझकर छोड़ दिया था। हमारी सरकार आने के बाद कार्रवाई की और कुछ दिन पहले उन सभी दोषियों को सजा मिली है।
सरकार का संदेश
इस भर्ती को पारदर्शी प्रक्रिया का उदाहरण बताते हुए सरकार ने जोर दिया कि युवाओं को योग्यता के आधार पर अवसर दिए जा रहे हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी और उनके परिजन मौजूद रहे। बता दें कि यह नियुक्ति युवाओं को सरकारी नौकरी में पारदर्शिता और कानून व्यवस्था सुधार का संदेश देती है।







