लखनऊ, 17 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा सुधारों को अब स्थायी नींव दे रही है। सिर्फ योजनाएं चलाने के बजाय, शिक्षक तैयार करने वाले संस्थानों को मजबूत मानव संसाधन देकर दीर्घकालिक बदलाव की नींव रखी जा रही है।
70 जनपदों के डायट को मिला स्थायी ढांचाप्रदेश के सभी 70 जिलों में संचालित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के कुल 3,346 पदों का स्थायीकरण कर दिया गया है। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए।
प्राचार्य से चपरासी तक सभी को स्थायी लाभ
इस फैसले के तहत विभिन्न संवर्गों के पद स्थायी किए गए हैं:
- 70 प्राचार्य
- 70 उप प्राचार्य
- 420 वरिष्ठ प्रवक्ता
- 1,190 प्रवक्ता
- 70 सांख्यिकीविद
- 70 कार्यानुभव शिक्षक
- 70 तकनीकी सहायक
- 70 कार्यालय अधीक्षक, पुस्तकालयाध्यक्ष, लेखाकार 630 लिपिक
- 126 प्रयोगशाला सहायक
- 350 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
ये सभी पद 1989 से 2004 के बीच सृजित हुए थे और लंबे समय से अस्थायी व्यवस्था में चल रहे थे। अब इन्हें स्थायी स्वरूप मिलने से संस्थानों में स्थिरता और जवाबदेही बढ़ेगी।
शिक्षक प्रशिक्षण और नवाचार को नई ऊर्जाडायट संस्थान प्रदेश में निपुण भारत मिशन, नई शिक्षा नीति-2020, बाल वाटिका, FLN (आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान) और शिक्षक क्षमता विकास कार्यक्रमों के प्रमुख क्रियान्वयन केंद्र हैं।
इन पदों के स्थायीकरण से:
- शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ेगी
- शैक्षणिक अनुसंधान और नवाचार को बल मिलेगा
- विद्यालयों में बेहतर अधिगम परिणाम आएंगे
सरकार का संदेश साफयह फैसला साफ संकेत देता है कि योगी सरकार शिक्षा सुधार को अल्पकालिक योजनाओं तक सीमित नहीं रखना चाहती। वह उन संस्थानों को भी मजबूत कर रही है जो भविष्य के शिक्षकों को तैयार करते हैं।
नतीजा: उत्तर प्रदेश अब ज्यादा सक्षम, आधुनिक और परिणामोन्मुखी शिक्षा व्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है।







