मुंबई, 26 जून 2026 : नवी मुंबई के अपोलो हॉस्पिटल्स में डॉक्टरों ने एक बार फिर चिकित्सा का कमाल कर दिखाया। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 37 वर्षीय मर्चेंट नेवी अधिकारी की जान बचाने के लिए 50 से ज्यादा डॉक्टरों की टीम ने दिन-रात एक कर दिया।
जानलेवा चोटें, लेकिन हार नहीं मानी
दुर्घटना में युवक की एओर्टा (मुख्य रक्त वाहिका) फट गई, शरीर में दर्जनों फ्रैक्चर हो गए, एक हाथ कुचल गया और कई अंग पल्स-लेस हो गए थे। सामान्य स्थिति में ऐसी चोटें घातक मानी जाती हैं, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों की मल्टी-स्पेशियलिटी टीम अलर्ट हो गई।
45 मिनट में शुरू हुई जंग
ट्रॉमा, कार्डियोथोरेसिक, ऑर्थोपेडिक, प्लास्टिक सर्जरी, क्रिटिकल केयर और फिजियोथेरेपी के विशेषज्ञों ने तुरंत समन्वय किया। मात्र 45 मिनट के अंदर सर्जरी शुरू कर दी गई। घंटों चली जटिल ऑपरेशनों के बाद मरीज को स्थिर किया गया।
डॉक्टरों का बयान
अपोलो हॉस्पिटल्स के डॉ. समीर चौधरी ने कहा, “यह हमारे द्वारा हैंडल किए गए सबसे चुनौतीपूर्ण पॉलीट्रॉमा मामलों में से एक था। समय पर सही फैसले और टीमवर्क ने जान बचा ली।”
रिकवरी की राह परएक सप्ताह वेंटिलेटर पर रहने के बाद मरीज की हालत सुधरने लगी। आईसीयू से वार्ड और अब पुनर्वास केंद्र तक की यात्रा तय कर चुका युवक धीरे-धीरे खड़ा होने और चलने की कोशिश कर रहा है।
अपोलो हॉस्पिटल्स नवी मुंबई के सीओओ डॉ. किरण शिंगोटे ने कहा, “50 से अधिक डॉक्टरों, नर्सों और स्टाफ के सामूहिक प्रयास ने इस केस को रिकवरी की प्रेरणादायक कहानी बना दिया।”
बता दें कि यह सफलता आधुनिक चिकित्सा, उन्नत सुविधाओं और बेहतरीन टीमवर्क का शानदार उदाहरण है, जो साबित करता है कि सही समय पर सही इलाज मौत को भी टाल सकता है।






