गाजियाबाद, 6जुलाई 2026 : जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, इंदिरापुरम ने शनिवार को “AIM-PEACE 2026” नामक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य आयोजन किया। थीम थी – AI in Management for People, Ethics, Accountability, Collaboration & Enterprise। सम्मेलन में भारत समेत दुनिया भर के शिक्षाविद, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ और नीति-निर्माता एक मंच पर आए और चर्चा की कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रबंधन को कैसे अधिक नैतिक, जवाबदेह और मानवीय बना सकती है।
AI मानव बुद्धिमत्ता का दुश्मन नहीं, साथी है
सम्मेलन का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। सेठ आनंदराम जयपुरिया एजुकेशन सोसाइटी के चेयरमैन श्री शिशिर जयपुरिया ने उद्घाटन संबोधन में जोर दिया कि AI का मकसद इंसान की जगह लेना नहीं, बल्कि उसे और शक्तिशाली बनाना है।
उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे AI हर क्षेत्र में फैल रहा है, लीडर्स की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। नई लीडरशिप को People, Ethics, Accountability, Collaboration और Enterprise इन पांचों स्तंभों पर मजबूत होना चाहिए। यही लीडरशिप भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में मदद करेगी।”
वैश्विक विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन के Chief Operating Officer प्रो. विशाल तलवार ने कहा कि भविष्य के प्रबंधन मॉडल को तकनीकी नवाचार और नैतिक जिम्मेदारी के बीच सही संतुलन बनाना होगा।
डॉ. प्रमोद कुमार (प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ) ने जोर दिया कि नवाचार का रास्ता नैतिकता, जवाबदेही और मानवीय मूल्यों से होकर गुजरना चाहिए। उन्होंने शिक्षा और उद्योग जगत के बीच घनिष्ठ सहयोग की अपील की।
ग्लोबस स्पिरिट्स के CEO श्री परमजीत सिंह गिल ने उद्योग के नजरिए से बताया कि AI आधारित समाधान किस तरह संगठनों में कार्यकुशलता, पारदर्शिता और हितधारकों का विश्वास बढ़ा रहे हैं।
सम्मेलन के प्रमुख आकर्षण
Conference Souvenir और संस्थान की Research Journal का नवीनतम अंक जारी किया गया।
यह विमोचन गुणवत्तापूर्ण शोध और नवाचार के प्रति जयपुरिया इंस्टीट्यूट की मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।
सम्मेलन के प्रमुख आकर्षण
Conference Souvenir और संस्थान की Research Journal का नवीनतम अंक जारी किया गया। बता दें कि यह विमोचन गुणवत्तापूर्ण शोध और नवाचार के प्रति जयपुरिया इंस्टीट्यूट की मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।







