अयोध्या (विशेष रिपोर्ट) : राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी (चंदा चोरी) का मामला अब और भड़क गया है। अयोध्या के वकीलों का बड़ा हुजूम गुरुवार को सड़कों पर उतर आया और पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा तथा गोपाल राव के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचा। प्रदर्शन के दौरान राम पथ पर पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई और बैरिकेडिंग तोड़ने की घटनाएं सामने आईं।
वकीलों का आक्रोश: “3 दिन में अयोध्या छोड़ो, वरना पूरा शहर जाम”
फैजाबाद बार एसोसिएशन ने सख्त रुख अपनाते हुए फैसला लिया है कि कोई भी वकील इस मामले में गिरफ्तार 8 आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा। उल्लंघन करने वाले पर ₹5 लाख का जुर्माना और बार एसोसिएशन की सदस्यता रद्द करने की चेतावनी दी गई है।
वकीलों ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को 3 दिन के अंदर अयोध्या छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो पूरे शहर को जाम करने की धमकी दी गई है। वकीलों का कहना है कि ये लोग बड़े स्तर पर शामिल हैं और SIT की जांच में भी उनका नाम आने चाहिए।
2024 चुनाव का संदेश BJP ने अनसुना कर दिया?
अयोध्यावासियों ने 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को अप्रत्याशित हार देकर साफ संकेत दिया था कि राम मंदिर के नाम पर अब सब कुछ स्वीकार नहीं होगा। लेकिन स्थानीय लोगों और वकीलों के अनुसार, राम मंदिर ट्रस्ट के नए कर्णधारों ने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया।
आम जनता भी नाराज: राम मंदिर के प्रति भक्तों का आस्था का भाव अटूट है, लेकिन चढ़ावे की कथित अनियमितताओं ने स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। कई लोग कह रहे हैं कि “भगवान राम के नाम पर चोरी” बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
मामला क्या है?
राम मंदिर ट्रस्ट में कथित तौर पर करोड़ों रुपये के चढ़ावे की चोरी का आरोप है। SIT जांच कर रही है, जिसमें 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। चंपत राय और अनिल मिश्रा ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया था, लेकिन वकील और स्थानीय लोग इसे पर्याप्त नहीं मान रहे। अब CBI जांच की मांग भी जोर पकड़ रही है।
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क्या होगा आगे?
वकीलों का प्रदर्शन और तहरीर के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। राजनीतिक दलों (खासकर विपक्ष) ने भी इसे मुद्दा बनाते हुए भाजपा पर हमला बोलना शुरू कर दिया है।
अयोध्या, जो पूरी दुनिया में राम भक्ति का प्रतीक बन चुका है, फिलहाल आक्रोश और अविश्वास के माहौल से गुजर रहा है। आगे की SIT रिपोर्ट और पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी हुई है।







