सुप्रीम कोर्ट में 21 जुलाई को अगली सुनवाई, अभ्यर्थी बोले- “सरकार हाईकोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं कर रही?”
लखनऊ, 14 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश की 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार को आरक्षित वर्ग (दलित, पिछड़े) के सैकड़ों अभ्यर्थी निशातगंज स्थित बेसिक शिक्षा निदेशालय के मुख्य गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। अभ्यर्थी जोर-जोर से नारेबाजी करते हुए सरकार से तुरंत लिस्ट री-विजिट करने की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों की मुख्य मांग
अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में दिए गए वादे के मुताबिक काम नहीं कर रही। 19 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार के अधिवक्ता ने 13 अगस्त 2024 के हाईकोर्ट आदेश के अनुसार लिस्ट री-विजिट करने के लिए 6 सप्ताह का समय मांगा था, जो अब पूरा हो चुका है। इसके बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अभ्यर्थी विक्रम, अमित मौर्य और धनंजय गुप्ता ने बताया कि आरक्षण नियमों की अनदेखी के कारण हजारों आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए। पिछले 6 साल से वे लगातार न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। हाईकोर्ट ने नियुक्ति का आदेश दिया था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है।
क्या है आगे का कार्यक्रम?
अगली सुनवाई 21 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में होनी है। अभ्यर्थी किसी भी तरह की देरी या हिला-हवाली बर्दाश्त नहीं करना चाहते और कह रहे हैं कि सरकार को तुरंत हाईकोर्ट के आदेश का पालन करना चाहिए।
धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
बता दें कि यह भर्ती प्रक्रिया पिछले कई वर्षों से विवादों में घिरी हुई है और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी लगातार आरक्षण के सही क्रियान्वयन की मांग कर रहे हैं।







