पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने लोकायुक्त को पत्र भेजकर की मांग, MP के ‘सोना-कैश’ सिपाही सौरभ शर्मा से भी बड़ी संपत्ति का दावा
उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां नगर पंचायत चरवा के अधिशासी अधिकारी सुभाष चंद्र सिंह पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। पूर्व विकासखंड चायल के ब्लॉक प्रमुख इंजीनियर सोनू कुमार ने लोकायुक्त उत्तर प्रदेश, लखनऊ को पत्र लिखकर सुभाष चंद्र सिंह की आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अधिकारी ने पद का दुरुपयोग कर अकूत बेनामी संपत्तियां अर्जित की हैं, जिसमें पत्नी, रिश्तेदार, भाई-भतीजे और खुद के नाम पर संपत्तियां शामिल हैं।

सोनू कुमार ने मांग की है कि इन अकूत संपत्तियों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराई जाए। उनका दावा है कि यदि ED छापेमारी करती है, तो मध्य प्रदेश के चर्चित आरटीओ सिपाही सौरभ शर्मा के मामले से भी बड़ी रकम और संपत्तियां बरामद हो सकती हैं।
सौरभ शर्मा मामले की याद दिलाती तुलना
मध्य प्रदेश में पूर्व आरटीओ कांस्टेबल सौरभ शर्मा का मामला 2024-2025 में सुर्खियों में रहा था। लोकायुक्त, ED और आयकर विभाग की संयुक्त कार्रवाई में उनके ठिकानों से:
- 52 किलो सोना (लगभग 40 करोड़ रुपये मूल्य),
- 234 किलो चांदी,
- 11-14 करोड़ रुपये नकद,
- लग्जरी SUV,
- दुबई में करोड़ों की कोठी/विला,
- सैकड़ों एकड़ जमीन और अन्य संपत्तियां (कुल 500 करोड़ से अधिक अनुमानित) बरामद हुई थीं।
शर्मा पर रिश्वत, हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे, और ED ने PMLA के तहत केस दर्ज किया। उनकी सैलरी महज 28,000 रुपये मासिक थी, लेकिन संपत्तियां करोड़ों में थीं। जो भ्रष्टाचार में एक बड़े मामले की ओर इशारा करता है।
चरवा अधिकारी पर क्या-क्या आरोप?
- पद का दुरुपयोग कर भाई-भतीजों और रिश्तेदारों की फर्मों को सरकारी ठेके देकर बड़े पैमाने पर हेराफेरी।
- विकास कार्यों में धन का दुरुपयोग, जिसमें जिलाधिकारी की जांच में भ्रष्टाचार साबित हुआ।
- 9 महीने पहले जिलाधिकारी ने निलंबन की सिफारिश की, लेकिन निलंबन के बजाय सराय अकिल नगर पंचायत का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया।
- प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों को लाभ देने और पात्रों से रिश्वत मांगने के आरोप (महिलाओं ने कार्यालय घेराव किया)।
- पत्नी, रिश्तेदारों और बेनामी नामों पर अकूत संपत्ति जमा करने का दावा।
सोनू कुमार ने मांग की है कि ED इन बेनामी संपत्तियों की जांच करे। यदि जांच होती है, तो सौरभ शर्मा जैसे मामले से भी बड़ा खुलासा संभव है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अब सख्ती की उम्मीद
यह मामला यूपी में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को और तेज कर रहा है। जिलाधिकारी स्तर पर पहले से जांच चल रही है, लेकिन ED जैसी केंद्रीय एजेंसी की भूमिका से बड़ा खुलासा हो सकता है। क्या चरवा का यह अधिकारी भी ‘सोने-चांदी’ के जखीरे वाला निकलेगा? जांच एजेंसियों से अब त्वरित कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है। लोकायुक्त और ED से अब कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है। क्या यह भ्रष्टाचार का एक और बड़ा नेटवर्क उजागर होने वाला है? अपडेट्स का इंतजार रहेगा। अधिक अपडेट्स के लिए बने रहिए Shagunnewsindia.com के साथ।






