बिहार के वैशाली जिले के जंदाहा (लक्ष्मणपुर) में एक पिता ने निभाई पुरानी परंपरा – तेजस्वी यादव ने भी शेयर किया; लोग बोले, ‘ये आखिरी पीढ़ी है जो फर्ज निभा रही है’
नई दिल्ली : मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बिहार से एक ऐसी भावुक और दिल छू लेने वाली घटना सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। वैशाली जिले के जंदाहा (लक्ष्मणपुर) गांव के एक पिता ने अपनी बेटी के ससुराल तक लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पैदल तय की। सिर पर दही-चूड़ा की मोटरी (परंपरागत टोकरी) रखे, हाथ में दही का लोटा लिए यह बुजुर्ग पिता बेटी को त्योहार का विशेष प्रसाद देने जा रहे थे।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग इसे देखकर भावुक हो रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा है कि “ऐसे दृश्य अब सिर्फ गांवों में ही देखने को मिलते हैं” और “ये शायद आखिरी पीढ़ी है जो इस तरह परंपराओं को जीवित रख रही है”।

एक यूजर धर्मेंद्र कुमार ने लिखा: “एक पिता अपने बेटी के घर पर मकर संक्रांति का दही और चूड़ा का मोटरी माथा पर लिए आ रहे हैं। आज भी गांव के लोग 5 से 10 किलोमीटर पैदल जाते हैं। गांव के लोग फर्ज निभाते हैं।”
वीडियो को बिहार के नेता तेजस्वी यादव ने भी शेयर किया है, जिससे इसकी पहुंच और बढ़ गई। तेजस्वी यादव के शेयर करने से यह खबर और भी चर्चा में आ गई। लोग इसे बेटी-दुल्हन के प्रति पिता के प्यार और बिहार की ग्रामीण संस्कृति की मिसाल बता रहे हैं।
परंपरा जो दिलों को जोड़ती है
बिहार के कई इलाकों में मकर संक्रांति पर पिता अपनी बेटी के ससुराल दही-चूड़ा (खासतौर पर चूड़ा-दही का मिश्रण) भेजते या खुद लेकर जाते हैं। यह सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि रिश्तों की मजबूती और पारिवारिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। आज के तेज रफ्तार दौर में जब ज्यादातर लोग गाड़ी या बाइक से काम निपटाते हैं, ऐसे पैदल चलकर फर्ज निभाने वाले पिता की तस्वीर लोगों को पुरानी यादें ताजा करा रही है।
वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें – https://x.com/i/status/2011364548935368906
यह वीडियो न सिर्फ भावुक कर रहा है, बल्कि हमें याद दिला रहा है कि रिश्ते दूरी से नहीं, बल्कि दिल से निभाए जाते हैं। उम्मीद है कि ऐसी परंपराएं आने वाली पीढ़ियां भी संजोकर रखेंगी।






