लखनऊ। रमज़ान के पवित्र महीने के समापन पर राजधानी लखनऊ में ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे हर्षोल्लास, उल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज़ अदा करने के लिए बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ पड़ी। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और देश में अमन-चैन व खुशहाली की दुआ मांगी।
राजधानी के ऐशबाग स्थित ईदगाह में हजारों लोगों ने एक साथ नमाज़ अदा की, जहां का नज़ारा एकता और आस्था की मिसाल बन गया।ईद के मौके पर बाजारों में भी खास रौनक देखने को मिली। लोगों ने नए कपड़े, सेवइयां और मिठाइयों की जमकर खरीदारी की। घरों में पारंपरिक पकवान बनाए गए और मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

शहर के विभिन्न इलाकों में गंगा-जमुनी तहजीब की झलक साफ दिखाई दी, जहां अलग-अलग समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर ईद की खुशियां साझा कीं।संवाद के दौरान अलीम खान ने कहा कि रमज़ान और ईद का पर्व आपसी भाईचारे, प्रेम और खुशियों का संदेश देता है। वहीं मुर्शिलीन, तौशीफ हुसैन और शरीक ने भी लोगों को ईद की शुभकामनाएं देते हुए समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखने की अपील की।
मोहम्मद सुहैल ने बताया कि लखनऊ की पहचान उसकी तहजीब और भाईचारा है, जो हर त्योहार पर और मजबूत होता नजर आता है।त्योहार को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी में जुटे रहे, जिससे पूरे शहर में शांति और व्यवस्था बनी रही।






