भाई ने फीस और जाति सूचक शब्दों से दुर्व्यवहार करने का लगाया आरोप
लखनऊ, 7 जून : प्राइवेट शिक्षण संस्थान की मनमानी और मानसिक प्रताड़ना ने एक और होनहार की जान ले ली। समर्पण हॉस्पिटल में बृहस्पतिवार को हुई बी फार्मा चतुर्थ वर्ष के छात्र सुभाष नगर जनपद रायबरेली के रहने वाले 22 वर्षीय शुभम कुमार की मौत को लेकर इंस्टीट्यूशन के अन्य छात्रों ने समर्पण हॉस्पिटल गेट पर प्रदर्शन कर हुए शासन प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्र के समझाने बुझाने एवं कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद छात्र माने।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बृहस्पतिवार को फेयरवेल पार्टी के बाद फीस जमा करने को लेकर और एन ओ सी को लेकर छात्र शुभम कुमार और अकाउंटेंट फेज में बहस हुई थी। जिसके बाद शुभम कुमार द्वारा आत्मग्लानि में समर्पण हॉस्पिटल के हॉस्टल के कमरा नंबर 109 में रस्सी से पंखे में बांधकर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली गई थी। अत्यंत हृदय विदारक घटना के बाद मृतक शुभम कुमार के भाई अमित कुमार ने नामजद तहरीर देते हुए चिनहट थाने पर मृतक शुभम कुमार को लगातार एक वर्ष से प्रताड़ित करने तथा समय-समय पर फीस को लेकर जाति सूचक शब्दों से दुर्व्यवहार करने व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। मृतक के भाई ने छात्र का प्रैक्टिकल न कराए जाने का आरोप लगाते हुए उसके मनोबल को गिराने तथा अन्य छात्रों की तुलना में उसमें हीन भावना से हतोत्साहित करने का आरोप लगाया है।
मृतक के भाई का कहना है कि मृतक शुभम कुमार को कॉलेज द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। जिसकी वजह से अंतिम दिन फेयरवेल पार्टी होने के बाद बकाया पैसा जमा करने के बाद भी उसके भाई ने आत्महत्या कर ली। मृतक छात्र ने सुसाइड नोट में अपनी मौत का कारण लगातार प्रताड़ना एवं कॉलेज प्रशासन को ठहराया है। मृतक के भाई अमित कुमार ने तहरीर में कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. नीरज कुमार वर्मा, कक्षा अध्यापिका गरिमा सिंह, डीन दीप्ति शुक्ला व कैशियर मोहम्मद फैज और कैशियर आशीष को नामजद करते हुए चिनहट थाने पर मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही पीड़ित द्वारा कॉलेज प्रशासन की मेडिकल साइंसेज ऑफ इंडिया तथा जिम्मेदार विभाग पुलिस डिपार्टमेंट एससी एसटी आयोग से भी मामले में संज्ञान लेने की मांग की है।







