सराहनीय पहल: सिद्धार्थ राय
पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक शानदार पोस्ट प्राप्त हुई जिसमें सिद्धार्थ राय लिखते हैं कि मैंने एक गाँव को औषधियों पौधों वाला गाँव बनाने का कार्य पूरा किया ।।
उन्होंने लिखा कि यह किसी सरकारी योजना से संभव नहीं हुआ, यह बस मन का भाव था की एक ऐसा गाँव भी मैं बनाऊँ जिसके हर एक घर में एक अलग तरह का औषधीय पौधा हो …. बोर्ड मैंने लगवा दिया है गाँव के बाहर सड़क पर और उस पर आसानी के लिये लिखवा भी दिया है मैंने की कौन सा पौधा गाँव के किस आदमी के घर में लगा है और उस पौधे का उपयोग किस बीमारी में किया जाता है….इस बोर्ड के माध्यम से लोग आसानी से समझ सकेंगे की उनकी ज़रूरत वाला पौधा गाँव के किस घर में लगा है ।
उन्होंने लिखा कि अब लोग बोलेंगे ऐसा करके तुम्हें क्या मिला सिद्धार्थ ??
उन्होंने लिखा कि इसका जवाब है “ संतोष “ । मुझे संतोष मिलता है की मैंने कुछ अपनी तरफ़ से अपने लोगों के लिये किया और कुछ ऐसा किया जिसे अन्य लोग भी प्रेरित होकर अपने गाँव में कर सकते हैं ।
आख़िर में उन्होंने लिखा कि मेरे भाई मनीष को ढेरों धन्यवाद इस कार्य में अपना भरपूर साथ मेरा देने के लिये ।
सेवा मार्ग ,गाँव फतेहउल्लहपुर, गाज़ीपुर , उत्तर प्रदेश ।
उन्होंने लिखा कि अधिक से अधिक इस पोस्ट को लोग शेयर करें ताकि अन्य लोग भी ऐसा कर सकें यहाँ से कुछ सीख कर इस अच्छे कार्य को आगे बढ़ाएं।







