दे आज़ादी दे
दे साले दे, दे आज़ादी दे
काले अंग्रेज की औलाद
दे दे दे दे
दलित को दे
अल्पसंख्यक को दे
औरत को दे
आदिवासी को दे
पिछड़े मूलनिवासी को दे
गरीबी से दे
बेकारी से दे
बेरोजगारी से दे
महंगाई से दे
जाति से दे
धरम से दे
लिंग से दे
दे साले आज़ादी दे
दे आज़ादी पढ़ने की
दे आज़ादी आगे बढ़ने की
दे आज़ादी क्रूर दारोगा की गिरेबान पकड़ने की
दे आज़ादी घूस मांगने वालों से लड़ने की
दे दे दे
दे साले आज़ादी दे
भारत माता सबकी माता है बे
तू देशभक्ति की परीक्षा मत ले
दे आज़ादी दे
दे दे दे
अपनी माता से बहसने की आज़ादी दे
अपनी बात कहने की आज़ादी दे
दे देश में रात – बिरात घूमने की आज़ादी दे
कहीं आने -जाने
हस्पताल में इलाज पाने
चैन से जीवन बिताने की आज़ादी दे
कहीं बसने अपनी बात खुलकर कहने की आज़ादी दे
झंडा फहर रहा है तीन रंग का
सीख साले पाठ जीवन के ढंग का
भारत माता सबकी माता है
तू बीच में क्यों आता है
कहने दे सबको अपनी बात
सूरज को तलाश, कहे गर कोई रात
सुन यार सुन सबकी बात!
दे दे
आज़ादी दे
कान खोल कर सुन ले!
– हरे प्रकाश उपाध्याय







