पुस्तक मेला समितियों की प्रतियोगिताएं
लखनऊ, 7 अक्टूबर 2020: भक्ति रस का अपना अलग ही अथाह आनन्द का समुद्र है। राष्ट्रीय पुस्तक मेला समिति और लखनऊ पुस्तक मेला समिति द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ऑनलाइन प्रतियोगिताओं के क्रम में आज भक्ति की अविरल धारा बही। आज बाल युवा प्रतिभागियों के संग ही लोक संगीत से जुड़ी महिलाओं ने भजन सुनाकर भक्ति भाव का संचार किया। कल कथाकथन द्वारा कहानियों के पाठ के संग लोकनृत्य प्रतियोगिता होगी।
पहले डा.करुणा पांडेय की उपस्थिति मे सुषमा अग्रवाल ने- मत कर तू अभिमान रे बन्दे….., अर्चना अग्रवाल ने- अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं…., आरती गुप्ता ने- तेरा आसरा है….. भजन मधुर स्वरों में सुनााया। पूनम दिवेदी ने- आली री मेरे नैनन आन पड़ी ….., अंजु गुप्ता ने- कभी राम बन के कभी श्याम बन के…. भजन सुना कर भक्ति का माहौल बना दिया तो शाम को बच्चों ने तोतली और मीठी जुबान में भजनों के माध्यम से प्रभु को याद किया।
उन्नति श्री के भजन- श्री राम चन्द्र कृपालु भजमन….. पर स्तुतिमय नृत्य से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। शिवांगी गुप्ता ने- ओ कान्हा मुरली की धुन सुना दे…. में भक्ति भरा इसरार किया तो आर्या सिंह ने राधे की ज्योत अलौकिक…… में महिमा का बखान किया। अविका गुप्ता ,यशस्वी पोरवाल, तेजस्वी पोरवाल, अनुष्का वर्मा, ऐश्वर्या, अक्षिता सिंह, आन्या मदार सहित 38 प्रतिभागियों ने शामिल होकर ईष्वरीय भक्तिमय वातावरण बनाए रखा।
ऑनलाइन पुस्तक मेला गतिविधियों के मंच को ज्योती किरन के संयोजन मंे सजाया गया। इसी क्रम में कल आठ अक्टूबर को कथाकथन संस्था के संयोजन में कलाकारो द्वारा प्रसिद्ध कहानियों का पाठ नूतन वशिष्ठ के संयोजन में आनलाइन किया जायेगा। साथ ही लोक नृत्य की प्रतियोगिता होगी। मेला संयोजक मनोज सिंह चंदेल ने बताया कि आज इन आनलाइन प्रतियोगिताओं में राजधानी के अलावा बिहार, मुंबई, झारखन्ड से भी कलाप्रेमीषामिल होकर कार्यक्रम का हिस्सा बने।







