उपभोक्ता परिषद् की लम्बी लड़ाई के बाद फिलहाल प्रदेश में नहीं लगेंगे पुरानी तकनीकी आधारित स्मार्ट मीटर, पूरी प्रकिया 15 दिन तक स्थगित
पूरे प्रदेश में खरीदे जा रहे लगभग 40 लाख स्मार्ट मीटर जिसकी कुल प्रोजेक्ट लागत लगभग 1927 करोड है। बता दें कि पुरानी टेक्नोलाजी 2 जी और 3 जी को लेकर हो रहे विवाद पर आज उस समय नया मोड आ गया जब उपभोक्ता परिषद् की लम्बी लड़ाई के बाद अंतता अब प्रदेश में पुरानी तकनीकी स्मार्ट मीटर फिलहाल 15 दिन तक नहीं लगाए जायेगे इस आशय का निर्णय आज पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने लिया है।
पावर कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक श्री ऍम देवराज ने एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) को पत्र भेजकर अभी से थोड़ी देर पहले यह सूचित कर दिया कि 15 दिन तक स्मार्ट मीटर लगने की पूरी प्रकिया स्थगित रहेगी। उपभोक्ता परिषद ने कहा एक बार फिर उपभोक्ताओ की जीत हुई है और इसके लिए प्रदेश का उपभोक्ता माननीय ऊर्जामंत्री जी का आभारी है।
फैसले का स्वागत: उपभोक्ता परिषद
गौरतलब है दो दिन पूर्व प्रदेश के उपभोक्ताओं की पीड़ा को लेकर उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्री श्रीकांत शर्मा से मुलाकात कर पुरानी टेक्नोलाजी 2 जी और 3 जी पर आधारित स्मार्ट मीटरों को लगाने पर पूर्णतया रोक लगाने की मांग करते हुए केवल उच्च अत्याधुनिक तकनीकी के स्मार्ट मीटर लगाने की मांग की गयी थी जिसे ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा जी द्वारा पावर कार्पोरेशन के चेयरमैन को उपभोक्ता परिषद की मांग को आधार बनाकर एक पत्र लिख कर यह निर्देश दिए गये थे की अब केवल प्रदेश में नयी उच्च अत्याधुनिक तकनीकी आधारित स्मार्ट मीटर ही प्रदेश में लगेंगे । मतलब उच्च तकनीकी एनबीआईवोटी संचार तकनीकी पर आधरित मीटर लगेंगे यह तकनीकी मशीन से मशीन के बीच डाटा कमन्यूकेशन की सबसे उच्च तकनीकी है। और 4 जी टेक्नोलाजी के संतुलय है।







