मथुरा के स्कूल शिक्षक श्यामवीर सिंह गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर भड़की नाराजगी- ‘दरिंदों को स्कूलों से दूर रखें, सख्त सजा दो’
आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में एक युवती के साथ हुई घटना ने समाज में सनसनी फैला दी है, जहां मथुरा के एक सरकारी स्कूल में तैनात शिक्षक श्यामवीर सिंह ने रेस्टोरेंट के बाहर खड़ी लड़की को 5 हजार रुपये का लालच देकर साथ चलने का प्रयास किया। मना करने पर आरोपी ने लाइसेंसी पिस्टल तान दी, लेकिन युवती ने हिम्मत नहीं हारी और आरोपी को जमकर फटकार लगाई। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए श्यामवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। (Agra teacher’s shameful act: At gunpoint)

घटना आगरा के सिकंदरा इलाके में राधा कुंज रेस्टोरेंट के बाहर घटी, जहां युवती अकेले खड़ी थी। कार में सवार दो युवकों ने उसे आवाज दी और 5 हजार रुपये ऑफर कर गाड़ी में बिठाने की कोशिश की। युवती के इनकार पर श्यामवीर सिंह ने पिस्टल निकाल ली और धमकी दी। लेकिन युवती ने न केवल डटकर मुकाबला किया, बल्कि आरोपी को खरी-खोटी सुनाकर घटना का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में युवती साफ कहती नजर आ रही है, “तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई?” इस बहादुरी ने पूरे शहर को प्रभावित कर दिया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी श्यामवीर सिंह मथुरा के बलदेव स्थित सरकारी विद्यालय में शिक्षक (Agra teacher’s shameful act: At gunpoint ) है और मूल रूप से मथुरा का रहने वाला है। नशे में धुत होने के कारण उसने यह कृत्य किया। डीसीपी सिटी सोनम कुमार के अनुसार, आरोपी के पास से लाइसेंसी पिस्टल और कार बरामद की गई है। मामले में छेड़छाड़, धमकी और मारपीट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के साथी की तलाश जारी है।
इस घटना ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर चला दिया है।
एक यूजर ने लिखा, “गौर करने वाली बात है- ऐसे दरिंदे स्कूलों में पढ़ा भी रहे हैं। समाज में शिक्षा का स्तर गिराने वाले यही लोग हैं। कानून को उदाहरण पेश करना चाहिए।”
इमरान अकरम ने युवती की तारीफ करते हुए कहा, “शर्मनाक तो है, लेकिन वो लड़की असली हीरो है! पिस्टल देखकर भी डटी रही, बिना डरे खरी-खोटी सुनाई- ये है असली हिम्मत।”
विनोदपाल ने कटाक्ष किया, “स्कूल का टीचर बनकर बेटियों की इज्जत खरीदने निकला था। अब कानून उसे उसकी औकात दिखाए।” वहीं, शिवम् प्रयोग ने मांग की, “ऐसे लोगों का इलाज सिर्फ जेल की सलाखों से नहीं होना चाहिए, बल्कि उनकी नौकरी पर तुरंत बैन, सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।”
यह घटना न केवल महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि शिक्षकों की नैतिक जिम्मेदारी पर भी बहस छेड़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में तत्काल निलंबन और कड़ी सजा जरूरी है ताकि समाज में भय का माहौल न बने। फिलहाल, आरोपी न्यायिक हिरासत में है, और पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।






