निकाय चुनाव की निष्पक्षता भंग करने में जुटी है भाजपा: अखिलेश

0
460

आठ महीने से प्रदेश में विकास ठप है। कानून- व्यवस्था में सुधार के बजाय और बदतर हुई स्थिति , भाजपा वस्तुतः गरीब विरोधी पार्टी है। बहकाने के लिए स्मार्ट सिटी का नारा है लेकिन शहरों में जगह-जगह कूड़े के ढेर हैं, घरों में अंधेरा है व हवा में भारी प्रदूषण है

लखनऊ,17 नवंबर । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर निकाय चुनाव को प्रभावित करने और उसकी निष्पक्षता को भंग करने की साजिश करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही श्री यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निकाय चुनाव में सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप भी लगाया है। श्री यादव ने यहां जारी अपने बयान में कहा कि निकाय चुनाव में सत्ता का ऐसा दुरुपयोग पहले कभी होते नहीं देखा था। मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश सरकार के मंत्री तक चुनाव में दौड़ रहे हैं। लखनऊ में मंत्रियों के कार्यालय खाली हैं और अधिकारियों के पास काम नहीं है।

उन्होंने कहा कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व तक इस चुनाव को प्रभावित करने और उसकी निष्पक्षता को भंग करने की कोशिश में लगा है। लेकिन इनके जंतर-मंतर और टोटकों से जनता अब भ्रमित होने वाली नही हैं। मतदाता भाजपा से विधानसभा चुनाव का बदला इस चुनाव में लेकर रहेंगे।पूर्व मुख्यमंत्री ने निकाय चुनाव के मद्देनजर मतदाताओं से अपील करते हुए भरोसा जताया कि वे सपा प्रत्याशियों को जिताकर विकास विरोधी ताकतों (भाजपा), योगी सरकार की अकर्मण्यता और समाज को बांटने वालों को करारा जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद जनता महंगाई, बेकारी, बीमारी, नोटबंदी और जीएसटी से बुरी तरह त्रस्त हुई है। भाजपा ने अपना एक भी चुनावी वादा पूरा नहीं किया है।

आठ महीने से प्रदेश में विकास ठप है। कानून- व्यवस्था में सुधार के बजाय और बदतर स्थिति हुई है। श्री यादव ने कहा कि भाजपा वस्तुतः गरीब विरोधी पार्टी है। बहकाने के लिए स्मार्ट सिटी का नारा है लेकिन शहरों में जगह-जगह कूड़े के ढेर हैं, घरों में अंधेरा है व हवा में भारी प्रदूषण है। मूलभूत आवश्यकताओं तक से शहरवासी वंचित है। सरकार की जिम्मेदारी है कि जनसमस्याओं का निराकरण करे न कि उसके लिए और परेशानियां बढ़ाई जाएं। उन्होंने कहा कि सपा विकास एवं जनकल्याणकारी कायरें में विास करती है। हमारी पार्टी की कथनी-करनी में फर्क नहीं है। शहरों के विकास की तमाम योजनाएं समाजवादी सरकार ने लागू की थीं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here