सपा मुखिया द्वारा गुरुवार को दिये बयान “पूर्ण सुरक्षित टीका अभी शोध परिक्षण में है” पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने दिया करारा जवाब
लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने की आदत अखिलेश यादव को छोड़ देना चाहिए। वैक्सिन के खिलाफ लोगों को भड़का कर वे कोरोना को बनाये रखने पर आमादा हैं। इस तरह की घटिया राजनीति करने वालों को जनता जवाब देगी। ऐसी सोच रखने वाले पार्टी के मुखिया को अपनी सीट भी निकालनी मुश्किल हो जाएगी। ये बातें भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कही।
वे समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव द्वारा गुरुवार को दिये गये बयान “पूर्ण सुरक्षित टीका अभी शोध परिक्षण में है, फिर भी कोरोना और इसकी वैक्सीन जैसे संवेदनशील मामले में भी भाजपा राजनीति करने पर उतारू है।” का शुक्रवार को जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि एक तरफ डब्ल्यूएचओ कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बधाई दे रहे हैं। 144 देश वैक्सिन बनाने की लाइन में हैं लेकिन कुछ देश ही इसे बना पाए, जिसमें भारत भी है। इसके लिए पूरा विश्व आज भारत की प्रशंसा कर रहा है लेकिन सपा मुखिया को वैक्सिन में ही खामी दिख रही है। जहां यूपी की बात है, टाइम्स मैगजीन ने यहां के मैंनेजमेंट सिस्टम की सराहना की है। यहां कोरोना काल में कैसे लोगों की रक्षा के लिए सरकार ने दिन-रात एक कर दिया। हर कोई इसको देखकर ताज्जूब कर रहा है। पूरे देश की जनता सरकार के मैनेजमेंट और वैज्ञानिकों के अथक प्रयास की सराहना कर रही है। यही कारण है कि अखिलेश इस सराहना को देख-सुनकर बौखला गये हैं।
प्रोपगंडा फैलाने में जुटा रहा विपक्ष
उन्होंने कहा कि सपा मुखिया सहित पूरा विपक्ष इस पर आश्चर्य चकित रह गया कि विश्व में सबसे ज्यादा नियंत्रण भारत में कैसे कर लिया गया। यहां इतनी कम मौतें कैसे हुई, जबकि विपक्ष तमाम तरह के प्रोपगंणा फैलाने में जुटा रहा, जिससे लोग काल के गाल में समा जाएं और उसे राजनीति करने का मौका मिले। मनीष शुक्ला ने कहा कि विपक्ष लोगों की लाशों पर राजनीति करना चाहता है। व्यवस्थाओं में असहयोग कर हर समय अराजकता फैलाने की नाकाम कोशिश कर रहा है।
विपक्ष की बरगलाने की आदत को जनता समझ चुकी है
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अखिलेश यादव सहित पूरे विपक्ष की बरगलाने की आदत को जनता समझ चुकी है। अभी तो प्रदेश में दहाई अंक तक पहुंचे थे लेकिन इस बार वे दहाई का अंक नहीं पूरा कर पाएंगे। मनीष शुक्ला ने कहा कि अखिलेश यादव की बौखलाहट का ही नतीजा है कि उन्होंने वैक्सिन को भाजपा का टीका लगवाने से मना कर दिया। इसके बाद दो दिन तक इस पर सफाई देते रहे लेकिन उनके मन में क्या चल रहा है, यह तो जनता जान ही चुकी है।
अशांति चाहता है विपक्ष
उन्होंने कहा कि “सत्ता में थे तो अराजकता के साथ कर रहे थे बेइमानी, अब लोगों को भड़काना ही है सपा की निशानी।” उनके शासन काल में फैली अराजकता के कारण ही जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया। अब वे बौखला गये हैं। उनकी बौखलाहट देश की प्रगति व प्रदेश में शांति व्यवस्था को लेकर है। वे समझ नहीं पा रहे हैं कि कौन सी जुगत लगायी जाय, जिससे जनता भड़के, प्रदेश में अशांति का माहौल हो और हमें राजनीति करने का मौका मिले।







