चैती मेले का चौथा दिन: अनूप जलोटा को मिला तुलसी गौरव सम्मान-2018
ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन…
लखनऊ,22 मार्च 2018। तुलसी शोध संस्थान उत्तर प्रदेश, लखनऊ के तत्वावधान में श्रीराम लीला ग्राउण्ड ऐशबाग में चल रहे भारतीय नववर्ष महोत्सव चैती मेले-2018 की संध्या में अनूप जलोटा के भजनों व शम्शुर्रहमान के भरतनाट्यम नृत्य ने मंत्र मुग्ध किया।
चैती मेले में तुलसी शोध संस्थान के अध्यक्ष हरीश चन्द्र अग्रवाल और तुलसी शोध संस्थान के सचिव पं. आदित्य द्विवेदी ने प्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा को अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह और सम्मान पत्र भेंटकर तुलसी गौरव सम्मान-2018 से सम्मानित किया।
भक्ति भावना से परिपूर्ण भारतीय नव वर्ष महोत्सव चैती मेले में प्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा ने अपनी खनकती हुई आवाज में भजन ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन वो तो गली गली हरिगुन गाने लगी को प्रस्तुत किया तो श्रोता भक्तों को मंत्र मुग्ध हो उठे। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति के रंग में रंगी इस प्रस्तुति के उपरान्त अनूप जलोटा ने अपनी पुरकशिश आवाज में अच्छुतम केशवम, जग में सुन्दर हैं दो नाम चाहे कृष्ण कहो या राम, रंग दे रंग दे श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया जैसे अन्य भजनों को सुनाकर श्रोता-भक्तों को देर रात तक भाव विभोर किया। अनूप जलोटा के साथ ओमकार शान्तिधर, अंजू पाण्डेय और रौशनी चैबे ने उनका गायन में सहयोग दिया।
इस अवसर पर आकाशवाणी के अनुमोदित कलाकार रज्जन लाल राजन के लिखे गीतों के एलबम का विमोचन भजन गायक अनूप जलोटा ने किया। इस एलबम का संगीत सूर्य एवं चन्द्र प्रकाश ने तैयार किया है। भारतीय नव वर्ष महोत्सव चैती मेला-2018 में विभू बाजपेयी और शम्शुर्रहमान ने शिवाष्टकम पर भावपूर्ण अभिनय युक्त नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को भगवान शिव शंकर के शान्त व रौद्र रूप के दर्शन करवाये। भक्ति भावना से ओतप्रोत इस प्रस्तुति के उपरान्त शम्शुर्रहमान, सुनयना जायसवाल, अनुस्का प्रकाश, प्रांजल अग्रवाल, आर्याका श्रीवास्तव, अश्विनी श्रीवास्तव, पंकज पाण्डेय, अभिलाषा सिंह, मेघवी सिंह और अदिति श्रीवास्तव ने शुद्धम ब्रहमा परात्पर राम पर भावपूर्ण अभिनय युक्त नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को भगवान श्रीराम की महत्ता से अवगत कराया।
मन को मोह लेने वाली इस प्रस्तुति के उपरान्त शम्शुर्रहमान ने अच्छुतम केशवम् पर भावाभिनय द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न रूपों को दर्शाकर दर्शकों को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का रसापान कराया। मीराबाई कृत भजन गुंजन वन झाड़ी हे माधव पर शम्शुर्रहमान ने श्रीकृष्ण की लीलाओं को अपने नृत्य द्वारा दर्शाया। इसी क्रम में स्वाति तिरूनाल कृत रचना धनश्री तिल्लाना पर शम्शुर्रहमान ने राधा-कृष्ण की छेड़छाड़ को प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके उपरान्त शम्शुर्रहमान ने श्रीराम चन्द्र कृपाल भजमन पर नृत्य करते हुए भगवान श्रीराम के विविध चरित्रों को अपने नृत्याभिराम से दर्शाया। मंगलम से शम्शुर्रहमान ने अपने कार्यक्रम को विराम दिया। कार्यक्रम में संस्कृति कारवां के कलाकारों दीपा ने गुजराती नोकनृत्य की मोहक छटा बिखेरी।







