लखनऊ 31 मई। गीता परिवार की ओर से शहर के चार स्थानों पर गुरुवार से तीन दिवसीय संस्कार पथ व्यक्तित्व विकास शिविरों की शुरूआत हुई इनमें राधेश्याम मंदिर जलसंस्थान ऐशबाग, शिव मंदिर चित्ताखेड़ा, बाबा रामदेव पार्क मोतीझील, पोस्ट आफिस पार्क मालवीयनगर लखनऊ शामिल थे। 9 संस्कारशालाओं का समापन किया गया जिनमें पांच दिवसीय शिविर सरस्वती शिशु मंदिर टिकैतराय तालाब में भगवद्गीता में सृष्टि गुप्ता, श्रीगोविन्द दामोदर स्त्रोत में आदित्य सक्सेना, ध्यान में वैभवी राठौर, रचनात्मक कार्य में ओम बाजपेयी, सर्वश्रेष्ठ शिविरार्थी में लक्षित बाजपेई व हनुमान मंदिर पांडेय तालाब में स्तोत्रत में वंशिका, गीता में रौशनी, ध्रुव साधना में नवीन, ध्यान में अनन्त मिश्रा, सर्वश्रेष्ठ शिविरार्थी में मुस्कान को पुस्कारों के लिए चुना गया।
संस्कार पथ शिविरों में संस्कारी बच्चे बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दे रहे है। समापन पर मुख्य अतिथियों में डा. गुरुमिलन सिंह विद्यालय प्रबंधक, वेद प्रकाश गुप्ता प्रधानाचार्य, चुन्नी देवी सक्सेना, प्रमिला तिवारी तथा गणमान्य लोगों में आशु गोयल, अनुराग पाण्डेय, शिवेन्द्र मिश्रा उपस्थित थे। शिविर समापन डा. गुरुमिलन सिंह ने बच्चां को दो प्रेरक कहानियों के माध्यम से बताया कि संस्कारशाला में जो संस्कारों की बातों बताया या सिखाया गया है उन सभी बातों को रटटू तोता नहीं बनना चाहिए बल्कि उसे अपने जीवन उतरना चाहिए तभी यह शिविर सार्थक होगे।
वेदप्रकाश गुप्ता गीत से समझाया कि देश हमे देता है सबकुछ, हम भी तो कुछ देना सीखे, सूरज हमें रोशनी देता, हवा नया जीवन देती है…. हम सभी को देश, समाज, राष्ट्र निर्माण के लिए हमें भी कुछ-कुछ न अवश्य देना चाहिए, जैसे श्रम, बुद्धि, धन से अवश्य ही अच्छे कार्यों में मदद चाहिए। शिविर संचालन ममता रानी, अनामिका मिश्रा, दिव्यांशी मिश्रा कर रही थी। वहीं अन्य स्थानों में श्रीदुर्गा मंदिर शास्त्रीनगर, आनंदेश्वर महादेव मंदिर राजाजीपुरम, ऐशबाग के राजकीय मुद्रणालय कालोनी, श्रम विहारनगर कालोनी पार्क, शास्त्री पार्क मोतीझील, दौलतगिरी मंदिर दुगांवा, हनुमान मंदिर गणेशगंज लखनऊ में शिविर समापन हुए। समापन पर विजयी बच्चों को मुख्य अतिथियों ने पुरस्कार से नवाजा। मीडिया प्रभारी ने बताया कि शीतलखेड़ा पार्क ऐशबाग, शनि मंदिर मवैया, मालवीय पल्ली पार्क मंदिर, बाबा रामदेव मंदिर एसएस कालोनी मोतीझील, ब्रह्मस्थल सेमरा गौढी मडियांव, सेमरा गांव मडियांव में शिविरों चर्मात्कर्ष पर है।






