ठंडी रेत पर कांटों की शैय्या बनाकर प्रायश्चित कर रहे हैं बाबा, एक ने उगाया सिर पर जौ के पौधे

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प्रयागराज के माघ मेले में दिखा अजब गजब संसार

यह दुनिया भी रहस्यमय लोगों से भरी पड़ी है ये कभी प्रतक्ष्य तो कभी अप्रतक्ष्य रूप से सामने आते रहते हैं इसी कड़ी में बाबाओं का भी अपना एक विचित्र ससार है जो विविधता से भरे हैं। बाबाओं का कुछ ऐसा ही रूप मध् मेले में भी देखने को मिला। जहाँ बाबाओं के विविध रूप और वेश देखकर मेले का रंग चटख हो गया है। किसी ने सिर को क्यारी बनाकर उस पर जौ के पौधे उगा लिए हैं, तो किसी ने रेती पर खुद के लिए कांटों की शैय्या बिछा ली है। संगम पर बसे माघ मेले में आए अजब-गजब बाबाओं की साधना भीड़ भी बटोर रही है और देश दुनिया से आए श्रद्धालुओं को अलग से चौंका रही है।

बता दें कि प्रयागराज के माघ मेले में संगम की रेत पर ऐसे भी बाबा है जिनके स्वरुप और अंदाज किसी को भी हैरान कर देने के लिए काफी हैं। सोनभद्र के राबर्ट्सगंज से आए बाबा अमरजीत उन्हीं अजब-गजब बाबाओं में से एक हैं। उन्होंने अपने सिर को ही क्यारी बना लिया है। मकर संक्रांति पर संगम में डुबकी लगाने वाले अमरजीत बाबा के सिर पर बालों की जगह उगे छह इंच तक लंबे घने जौ के पौधों के दर्शन के लिए भीड़ लगी रही।

अमरजीत ने मीडिया से बातचीत में बताया कि राष्ट के मंगल और सुखसमृद्धि की कामना से पौष पूर्णिमा से पहले ही उन्होंने अपने सिर पर जौ के बीज बोए थे। अब उनके संकल्पों के वो पौधे लहलहा उठे हैं।

इसी तरह एक बाबा ने संगम की रेत पर कांटों की शैय्या बिछा ली है। ये हैं आगरा के लक्ष्मण राम उर्फ रामा बाबा। रामा बाबा वर्षों पहले से कांटों की शैय्या पर लेट कर प्रायश्चित कर रहे हैं। इस बार भी वह माघ मेले में काटों की शैय्या पर लेटकर हर किसी का ध्यान खींच रहे हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में विदेशी साधु-संत भी पहुंचे हैं। अपनी तरह-तरह की कलाकृतियों, भजन और संगीत से ये भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

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