Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, November 5
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»Uncategorized

    बाबाओं के विरुद्ध लोग आक्रोश प्रकट कर रहे हैं

    By September 4, 2017 Uncategorized No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 826

    बाबा राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद उनसे संबंधित जो तथ्य उजागर हो रहे हैं उसे लेकर आमतौरपर सभी बाबाओं के विरुद्ध लोग आक्रोश प्रकट कर रहे हैं यह स्वाभाविक है कि जब कोई वर्ग या व्यक्ति विशेष अपने प्रति प्राप्त विश्वास को तोड़ता है तो जनमानस में उसके विरुद्ध स्वत: आक्रोश उत्पन्न होता है बाबाओं साधु संतों से जिस उत्कृष्ट जीवन शैली की अपेक्षा होती है उसपर यदि वे खरे नहीं उतरते तो उनके प्रति अविश्वास पैदा होता है लोगों का भरोसा टूटता है जिस पर जितना भरोसा होता है वह उतना ही पूज्यनीय होता है भरोसा जस साधू तस न साधू अस तो साधू कस? परंतु संतों के बीच में कोई बहुरूपिया सामने आ जाय तो क्या समस्त संत समुदाय को लांछित कर देना चाहिए ? याद रखिये सौ रुपए का नोट कहीं असली होता है तभी उसकी आड़ में नकली नोट चलता है यदि हम असली और नकली का भेद नहीं समझते हैं तो दोष किसका है ?

    जानवर कभी धोखा नहीं देते वे जैसे होते हैं वैसै प्रस्तुत होते हैं परंतु आदमी का भरोसा नहीं वह जैसा प्रस्तुत हो रहा है वैसा है भी कि नहीं! लंका का राजा रावण आदमी के रूप में ही तो था बड़ा विद्वान धा शंकरजी का भक्त था परंतु सीता को चुराने के लिये साधु बनकर गया साधु इसलिये बना कि चोरी चमारू के लिये साधु का वेष बड़ा मुफीद रहता है किसी को शक नहीं होता साधुओं की तो कोई पोशाक होती भी है भला किसी ने चोरों डकैतों की भी कोई पोशाक देखी है? हां जो पोशाकें विभिन्न कोटि के लोगों के लिये निर्धारित होती हैं उनका अपात्र लोग भी उपयोग कर उन्ही भूमिकाओं में प्रस्तुत होकर लाभान्वित होने की चेष्टा करते हैं तो साधु का वेश ही न देखिए उसका आवेश देखिए उसकी वाणी देखिये स्वभाव देखिये व्यवहार देखिये और यही नहीं इस सब के पीछे उसका उद्देश्य देखिये मोर पक्षी बड़ा मीठा बोलता है पर सीधे सीधे विषधर सर्प गटक जाता है तालाब के तट पर लकालक सफेदी के आवरण में ध्यानस्थ बैठा बगुला कितना महान है इसे तो वह मछली समझ पाती है जिसे वह एकाएक निगल जाता है ऐसे बाबाओं साधुओं की भरमार है इनसे बचकर ही रहना चाहिये।

    पीतल को सोना बनाकर देने वाली टोली को यदि हम घर में बुलाकर स्वागत करेंगे तो शिकार तो होना ही पड़ेगा
    मात्र बनने से कोई कुछ नहीं होता उसके लिये अपेक्षित पात्रता का विकास करना होता है साधु संतों की परंपराएं हैं उनमें उन्हे दीक्षित होना होता है साधना के दौरान कठिन संघर्षों से गुजरना होता है फिरभी इनमें से बिरले ही कुछ लोग संत परंपरामें विकसित हो पाते हैंइधर उधर उठाईगीरी कर लोगों को चकमा देने वाले साधु परंपरा के हैं ही नहीं इनके विषय में कबीर ने बहुत सुंदर बात कही

    सद्गगुरु सांचा न मिला मिली अधूरी सीख
    स्वांग जती का पहनकर घरघर मांगी भीख

    संतों के कोई डेरे नहीं होते वे अपना कोई साम्राज्य नहीं विकसित करते वे सतत परहित निरत रहते हैं शरीर से वेभी सामान्य लोगों की ही भांति जीवन यापन करते हैं परंतु जो लोग उन्हे केवल शरीर से जानते हैं वे भ्रमित होते हैं कबीर ने ऐसे लोगों के सिये भी कहा
    सद्गुरु सांचा सूरमा नखशिख मारा पूर
    बाहर घाव न दीखई भीतर चकनाचूर

    सच्चे संत रहते संसार में जरूर हैं पर वे सीधे सर्वेश्वर की शरण में बने रहते हैं वे रेलगाड़ी की तरह होते हैं जिसके पहिए सड़क की पटरियों पर पड़ी गंदगी से होकर गुजरते जरूर हैं पर उसके इंजिन का हुड निरंतर ऊपर जारहे बिजली के तारों से जुड़ा रहता है उसे देख कोई कितना भी मुंह बनाये वह किसी से प्रभावित नहीं होती अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती जाती है
    संत कभी मान अपमान की चिंता नही करते संसार उन्हे जो कुछ भी देता है वे उसे सर्वेश्वर को सौंप दे ते हैं उनका अपना कुछ नहीं जिसे समुद्र से उठती लहरों हिमालय के उत्तुंग शिखरों सूर्य और चंद्र की आभा के पीछे छिपी सुषमा का एहसास हो जाता है उनका अपना सबकुछ विस्मृत हो जाता है अपना प्रदर्शन तभी तक होता है जबतक दर्शन नहीं होता दर्शन हो जाता है तो प्रदर्शन स्वत: बंद हो जाता है इसलिये सामान्य तौर पर एक ही लाइन में सभी बाबाओं महात्माओं को खड़ा करने से बचने की जरूरत है क्योंकि पता नहीं ऩकली बिजली के तार के धोखे मेंखंभे से लगा करेंट वाला तार पकड़ मे न आ जाय क्यों क्योंकि गुरु बृहस्पति प्रभु श्री राम का स्वभाव जानते हैं वे इन्द्र से कहते हैं।

    सुनु सुरेस रघुनाथ प्रभाऊ
    निज अपरीध रिसाहिं न काऊ
    जो अपराध भगत कर करई
    राम रोष पावक सो जरई
    लोकहुं वेद विदित इतिहासा
    यह महिमा जानहिं दुर्वासा

    साभार: वीर विक्रम बहादुर मिश्र

    Keep Reading

    Bulletproof Glass for Artists: A Serious Question Regarding Law and Order

    कलाकारों का बुलेटप्रूफ कांच: कानून-व्यवस्था पर एक गंभीर सवाल

    आग ही क्यों? जब घर की चारदीवारी में ही महिलाओं की सुरक्षा पर उठने लगे सवाल!

    नीले ड्रम’ हत्याकांड पर आया फैसला : जैसी करनी, वैसी भरनी

    अकीदा बनाम अंधविश्वास: पक्के विश्वास और भटकती भीड़ की दास्तान

    नालसा का एलएडीसी सिस्टम खत्म करने का फैसला: क्या गरीब कैदियों से छिन जाएगा न्याय का सहारा?

    Nepal Flood Tragedy: The Most Harrowing Incident of Devastation

    नेपाल बाढ़ त्रासदी: तबाही का सबसे दर्दनाक हादसा

    Comments are closed.

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    ‘Ada Ki Aahat’ will stir up terror—a double dose of fear and mystery this Halloween!

    ‘अदा की आहट’ से मचेगा खौफ, हैलोवीन पर डर और रहस्य का डबल धमाका!

    November 4, 2026
    Earth is constantly moving forward through space; along with the Sun, we too are continuing our journey through the galaxy.

    अंतरिक्ष में लगातार आगे बढ़ रही है पृथ्वी, सूर्य के साथ हमारी भी जारी है आकाशगंगा की यात्रा

    November 4, 2026
    Sharmila Nasarpuri Memorial Clinic inaugurated in Sarojini Nagar; free health camp proves successful

    सरोजनी नगर में शर्मिला नसरपुरी मेमोरियल क्लिनिक का शुभारंभ, निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर सफल

    November 4, 2026
    Following a controversial statement, Bageshwar Baba Dhirendra Shastri fled the scene to save himself, leaving his religious discourse (katha) behind; a video of the incident has gone viral.

    विवादित बयान के बाद बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री को कथा छोड़कर जान बचाकर भागे, वीडियो वायरल

    November 4, 2026
    Ghazipur: Police raid within just 2 hours! Officers pursued the suspects behind a jewelry store robbery and opened fire; 2 suspects injured.

    गाजीपुर: सिर्फ 2 घंटे में दबिश! सर्राफा लूटने वाले बदमाशों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर मारी गोली, 2 घायल

    November 3, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading