Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, July 1
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग

    दिल्ली में बांग्लादेशी घुसपैठिए चिंता का विषय

    ShagunBy ShagunFebruary 4, 2025 ब्लॉग No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Bangladeshi intruders
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 421

     डॉ राकेश कुमार आर्य 

    देश के राजनीतिक लोग जिस प्रकार वोट और तुष्टिकरण की राजनीति के माध्यम से अपनी सत्ता को स्थाईबनाने का घृणास्पद कार्य करते जा रहे हैं, वह देश के लिए चिंता का विषय है। नेताओं के इस प्रकार के आचरण के चलते देश में बांग्लादेशी घुसपैठिए दिल्ली में 147 विधानसभा सीटों को प्रभावित करने की स्थिति में आ गए हैं। आम आदमी पार्टी के नेता केजरीवाल ने जानबूझकर इन बांग्लादेशी घुसपैठियों को दिल्ली में प्रवेश करने दिया है और इन्हें स्थाई रूप से केवल इसलिए बसाने का काम किया कि ये उन्हें सत्ता में बनाए रखने में सहयोग कर सकते हैं। हममें से कौन नहीं जानता कि ये बांग्लादेशी घुसपैठिए देश को अस्थिर करने वाली एक बीमारी हैं। ये बीमारी जनसांख्यिकीय संतुलन को तो बिगाड़ती ही है , साथ ही सामाजिक परिवेश को भी बिगाड़ती है। इन घुसपैठियों में से अधिकांश हत्यारे, लुटेरे, बलात्कारी, जेबकतरे और बदमाश होते हैं। इनका भारतीयता और भारत माता से कोई संबंध नहीं है । ये शत्रु भाव से देश की सीमा में प्रवेश करते हैं और शत्रुभाव से ही यहां रहते हैं। जितने भी गैर मुस्लिम हैं , वे सब उनके लिए शत्रु के समान होते हैं। इसीलिए उनके साथ किसी भी प्रकार का अपराध करना ये अपने लिए जायज मानते हैं। इनकी आपराधिक प्रकृति के कारण राजधानी का अपराधिक रिकॉर्ड भी खराब होता है।

    अब इन बांग्लादेशी घुसपैठियों की जिस प्रकार राजधानी दिल्ली में जनसंख्या बढ़ी है, उसको लेकर जेएनयू के प्रोफेसरों ने भी कई प्रकार के प्रश्न उठाए हैं। ‘सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक परिणामों का विश्लेषण’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में इनकी समस्या को लेकर स्पष्ट किया गया है कि अवैध अप्रवासियों द्वारा अनधिकृत बस्तियों ने झुग्गियों और अनियोजित कालोनियों के विकास में योगदान दिया है। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दिल्ली अपनी समस्याओं को लेकर पहले से ही बोझ में दबी हुई है। आधारभूत ढांचे, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा प्रणाली की समस्या से जूझती हुई दिल्ली बांग्लादेशी घुसपैठियों से उत्पन्न हुई स्थिति को संभालने में अक्षम होती जा रही है। यह अध्ययन जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान ने एक संयुक्त टीम के माध्यम से किया है।

    इस अध्ययन से स्पष्ट होता है कि देश के जितने भर भी धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दल हैं, वे सभी देश के प्रति समर्पित होकर जीने वाले हिंदू समाज की मानसिकता को या तो समझने में अक्षम रहे हैं या फिर जानबूझकर उसे समझने का प्रयास नहीं करते हैं। यदि भारत से अलग किसी अन्य देश की बात करें तो वह अपने देश के देशप्रेमी जन समुदाय की भावनाओं का सर्वाधिक सम्मान करते हुए दिखाई देते हैं। इतना ही नहीं, वे देशप्रेमी लोगों को ही राष्ट्र की मुख्यधारा स्वीकार करते हैं। जबकि भारत में इसके विपरीत होता रहा है। यहां देशप्रेमी हिंदू समुदाय के ऊपर उन लोगों की भावनाओं को सम्मान दिया जाता है जो न केवल इस देश प्रेमी जन समुदाय को अपना शत्रु मानते हैं, बल्कि इसके हक को छीनकर खाने को भी अपना मौलिक अधिकार मानते हैं। हद उस समय हो जाती है जब राजनीति भी उनके इस प्रकार के ‘असभ्य और अनीतिपरक आचरण’ को अपना समर्थन देती हुई दिखाई देती है।

    हमारा मानना है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों ने जिस प्रकार दिल्ली में प्रवेश करने में सफलता प्राप्त की है और यहां की केजरीवाल सरकार ने जिस प्रकार उनका संरक्षण किया है, उससे राजनीतिक दलों की और विशेष रूप से आम आदमी पार्टी की यही मानसिकता स्पष्ट होती है कि वह देशप्रेमी हिंदू जन समुदाय के ऊपर इन बांग्लादेशी घुसपैठियों को प्राथमिकता देती है, अन्यथा क्या कारण था कि राजनीति में शुचितात, ईमानदारी, कर्तव्य निष्ठा और देश प्रेम की नई बयार बहाने का आवाहन करने वाली आम आदमी पार्टी और उसके नेता केजरीवाल इस बीमारी को चुप-चुप पालते रहे और इसका विरोध करने के स्थान पर इससे राजनीतिक लाभ प्राप्त करते रहे ?

    रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अवैध अप्रवासियों की अनधिकृत बस्तियों ने झुग्गियों और अनियोजित कालोनियों के विकास में योगदान दिया है। दिल्ली में स्थान – स्थान पर हमें इन अनधिकृत बस्तियों के दर्शन हो जाते हैं। हमें लगता है कि इन सब झुग्गी झोपड़ियों में हमारे देश के लोग ही रहते होंगे। परंतु ऐसा नहीं है । इनमें अधिकांश में बांग्लादेशी घुसपैठियों के रूप में देश के छुपे हुए शत्रु रहते हैं। जिन पर समय रहते कठोर कानूनी कार्यवाही किया जाना समय की आवश्यकता है ।

    जहां तक भाजपा की बात है तो वह भी यह कहकर अपना बचाव नहीं कर सकती कि दिल्ली में सरकार आम आदमी पार्टी की है और उसने इन घुसपैठियों को अपने राजनीतिक लाभ के लिए यहां बसने दिया है। किसने बसने दिया है और किसने नहीं बसने दिया है, प्रश्न यह नहीं है । प्रश्न यह है कि जब केंद्र में भाजपा की सरकार है तो भाजपा की सरकार के रहते हुए देश के शत्रु देश के दिल अर्थात राजधानी दिल्ली तक आने में सफल कैसे हो गए ? जब हृदय से ही प्रदूषण युक्त रक्त निकलेगा तो उसका सारे शरीर पर प्रभाव क्या पड़ेगा ? राजनीतिक लच्छेदार भाषण देने वाले भाजपा के नेताओं को इस प्रश्न पर भी विचार करना चाहिए। अपने गले के सांप को दूसरे के गले में डालकर भाग जाने से काम नहीं चलेगा। काम चलेगा जमकर प्रतिरोध करने से । उस प्रतिरोध के लिए भाजपा ने क्या रणनीति अपनाई या बनाई है ? इसका खुलासा होना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली के चल रहे विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत जितनी भर भी चुनावी रैलियां की हैं, उनमें उन्होंने कहा है कि जहां पर झुग्गियां हैं, वहां पर मकान खड़ा होगा तो क्या इसका अंतर्निहित अर्थ यह निकाला जाए कि जहां पर आज झुग्गी हैं, वहां रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मकान दिया जाएगा अर्थात अपने लाभ के लिए बांग्लादेशी घुसपैठियों का स्थाईकरण कर दिया जाएगा ? या फिर इसका अर्थ यह है कि जहां आज झुग्गी है ,वहां की पड़ताल की जाएगी और पड़ताल के बाद यदि यह निश्चित होता है कि यहां का रहने वाला व्यक्ति मूल रूप से भारतीय है तो उसे मकान दे दिया जाएगा । इन दोनों बातों में अंतर है। अब बीजेपी कौन सी रणनीति पर काम कर रही है ? उसे यह स्पष्ट करना ही होगा अन्यथा उसमें और आम आदमी पार्टी में कोई अंतर नहीं रहेगा। आशा है कि भाजपा दिल्ली की जनता को निराश नहीं करेगी।

    Shagun

    Keep Reading

    Questions raised again about high-security prison security following the killing of dacoit Jagan Gurjar.

    डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा पर फिर सवाल

    Without striking at the root, it is all hypocrisy...

    जड़ पर प्रहार किए बिना सब पाखंड है …

    Diplomatic lessons for India from Meloni's 'self-respect'

    मेलोनी के ‘स्वाभिमान’ से भारत के लिए कूटनीतिक सबक

    Pledge to protect the Constitution: CM Yogi recalls the fight for democracy on 'Constitution Murder Day'

    संविधान की रक्षा का संकल्प: सीएम योगी ने ‘संविधान हत्या दिवस’ पर याद की लोकतंत्र की लड़ाई

    Kejriwal’s scathing attack upon reaching Ayodhya: What secret does Champat Rai know that even the PM is helpless?

    अयोध्या पहुंचे केजरीवाल का तीखा हमला: चंपत राय को क्या राज पता कि पीएम भी मजबूर?

    गोमती का डूबता भविष्य: वह पवित्रता अब कहाँ?

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Questions raised again about high-security prison security following the killing of dacoit Jagan Gurjar.

    डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा पर फिर सवाल

    June 30, 2026
    Students of Navyug Kanya Mahavidyalaya embodying the ideals of Ahilyabai Holkar.

    अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों से सजीं नवयुग कन्या महाविद्यालय की छात्राएं

    June 30, 2026
    Without striking at the root, it is all hypocrisy...

    जड़ पर प्रहार किए बिना सब पाखंड है …

    June 30, 2026
    Joy Banerjee issues a stern warning to the government! Restore the OPS during the monsoon session, or else...

    जॉय बनर्जी का सरकार को तगड़ा वार्निंग! मानसून सत्र में OPS बहाल करो, वरना…

    June 30, 2026

    यूपी में मानसून की दस्तक! 30 जून से तेज बारिश, 66 जिलों में गरज-चमक और वज्रपात का अलर्ट

    June 30, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading