Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, June 24
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    बटालियन-1 का कमांडर बारसे देवा का आत्मसमर्पण, छत्तीसगढ़ में माओवाद की अंतिम कहानियां दिखना शुरू

    ShagunBy ShagunDecember 2, 2025 Current Issues No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 786

    उपेंद्र नाथ राय

    हिड़मा के करीबी सहयोगी और वर्तमान में बटालियन नंबर एक का नेतृत्व संभाल रहे पावर्ती के बारसे देवा ने आत्मसमर्पण कर दिया। अब राज्य में मात्र पाप्पा राव जैसे कमांडर शेष हैं, जिनके साथ मुश्किल से 100 हथियारबंद कैडर बचे हैं। उनकी गिरफ्तारी के साथ ही बस्तर का माओवादी तंत्र पूरी तरह ढह जाएगा। देवा पर 50 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

    हिड़मा की हत्या के पश्चात देवा को मिलिट्री विंग का प्रमुख बनाया गया था। तब से वह भयभीत था। खबरें हैं कि बस्तर की सबसे घातक बटालियन-1 के प्रभारी देवा ने हथियार त्याग दिए हैं, हालांकि सरकारी स्तर पर अभी पुष्टि बाकी है। सुकमा क्षेत्र में उनके निकासी हेतु सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया गया। देवा के इस कदम से नक्सलियों की प्रमुख सशस्त्र इकाई पीएलजीए बटालियन-1 का अस्तित्व समाप्ति की ओर अग्रसर है।

    अभी अधिकारिक पुष्टि नहीं

    पुलिस के विश्वसनीय स्रोतों का कहना है कि देवा के आत्मसमर्पण की औपचारिक घोषणा शीघ्र होगी। कमांडर बनने के बाद से वह भयाक्रांत था और सरेंडर की प्रक्रिया स्वयं ही आरंभ कर चुका था। मुख्य चुनौती यह थी कि वह और उनके साथी यह तय नहीं कर पा रहे थे कि छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना या महाराष्ट्र में सरेंडर से अधिक लाभ मिलेगा, लेकिन अंततः छत्तीसगढ़ का चयन किया। देवा ने बस्तर के आईजी को फोन कर सूचना दी। उनके साथ 12 से अधिक नक्सली भी शामिल हैं।

    Battalion-1 commander Barse Deva surrenders, Chhattisgarh begins to see the last of Maoism's stories
    बटालियन-1 का कमांडर बारसे देवा का आत्मसमर्पण

    पिछले कुछ दिनों से अफवाहें

    देवा के सरेंडर की चर्चाएं विगत दो-तीन दिनों से गर्म हैं। सुरक्षाबल अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं कर पाए हैं। हिड़मा की मौत के बाद देवा मानसिक तनाव में है और सुकमा लौटकर सामान्य जीवन अपनाने की योजना बना रहा है। उसके परिजन और सहयोगी भी परिस्थितियों को भांपते हुए सरेंडर का आग्रह कर रहे हैं।

    हिड़मा के बाद देवा की क्रूरता प्रसिद्ध

    हिड़मा को सबसे निर्दयी हमलावर माना जाता था। उसी गांव के देवा को उसका सबसे विश्वसनीय साथी समझा जाता था। हिड़मा की उन्नति के साथ देवा की भी प्रगति हुई, जिसमें हिड़मा का बड़ा योगदान रहा। वह प्रतिबंधित सीपीआई (माओइस्ट) की पीएलजीए बटालियन-1 का कमांडर था। हिड़मा द्वारा आयोजित अधिकांश घटनाओं में देवा का हाथ था।

    हालिया महीनों में सरेंडर की बाढ़

    विगत कुछ माहों में छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संख्या में उछाल आया है। जुलाई 2025 में 66 कैडरों ने हथियार छोड़े थे। अक्टूबर 2025 में 210 से ज्यादा ने सरेंडर किया, जिससे बस्तर के कई इलाके नक्सल-मुक्त हो चुके हैं।

    सिर्फ दस दिन में 200 से अधिक ने डाले हथियार

    बसवराजू की मौत और भूपेश के सरेंडर के बाद माओवादियों में दहशत फैल गई। उसके बाद हिड़मा का खात्मा संगठन की कमजोरी का प्रतीक बन गया। हिड़मा की मृत्यु के मात्र दस दिनों में चार करोड़ से अधिक इनामी 209 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें दक्षिण-पश्चिम बस्तर डिवीजन के सचिव मुचाकी एर्रा, दरभा प्रभारी जी. पवनदम रेड्डी उर्फ श्याम दादा और एमएमसी जोनल सदस्य अनंत नागपुरे जैसे प्रमुख नाम थे। अब बचे कैडरों के पास दो ही विकल्प हैं मुख्यधारा में विलय या बसवराजू-हिड़मा जैसी सजा।

    11 Naxals surrendered in Gondia, Maharashtra
    11 Naxals surrendered in Gondia, Maharashtra

    3 अप्रैल 2021 की घटना से गृह मंत्री का संकल्प

    याद हो कि, 3 अप्रैल 2021 को टेकुलगुड़ेम में हिड़मा के दल ने 21 जवानों की हत्या की थी। इस घटना ने बस्तर में माओवादी संरचना के विघटन की नींव रखी। उसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर जाकर हिंसा उन्मूलन का कड़ा वादा किया। प्रारंभिक लक्ष्य 30 मार्च 2023 था, बाद में इसे 30 मार्च 2026 तक विस्तारित किया गया।

    जब गृहमंत्री के बयान पर नहीं हो रहा था भरोसा, अब तो सब मानने लगे खत्म हुआ माओवाद

    गृह मंत्री के बयान पर स्थानीयों को प्रारंभ में संदेह था, किंतु अब वास्तविकता ने इसे साकार कर दिया है। निर्धारित समय से पूर्व माओवाद समाप्ति की घोषणा संभव दिख रही है। यह शाह की रणनीति और सुरक्षाबलों की अथक प्रयासों से हुआ, जिन्होंने नक्सलियों में भय उत्पन्न किया। इस वर्ष बड़े नेताओं को निशाना बनाकर उन्हें या तो समाप्त किया या सरेंडर के लिए बाध्य किया, जिससे संगठन में भगदड़ मच गई।

    2025 माओवादियों के लिए भारी

    यह साल नक्सलियों के लिए अभिशाप सिद्ध हुआ। वर्षारंभ गरियाबंद में शीर्ष कमांडर चलपति की मुठभेड़ से हुआ। फिर बसवराजू का अंत संगठन को हिला गया। पोलित ब्यूरो सदस्य भूपति और केंद्रीय समिति के रूपेश सहित 261 कैडरों का सरेंडर सबसे बड़ा आघात था। दक्षिण बस्तर का कुख्यात हिड़मा, जो संगठन का प्रतीक और जंगल युद्ध का मास्टरमाइंड था, आंध्रप्रदेश मुठभेड़ में मारा गया। इसने माओवादी मनोबल को पूर्णतः भंग कर दिया।

    Shagun

    Keep Reading

    A World Drifting Towards Loneliness: Questions About the Institution of Family

    अकेलेपन की ओर बढ़ती दुनिया: परिवार की संस्था पर सवाल

    मुंबई में तोड़फोड़ की राजनीति: शिवसेना का दूसरा टूटना

    Shared heritage gave the country 'Amrit' (nectar), while extremism is spreading 'poison'!

    साझी विरासत ने देश को दिया ‘अमृत’ तो कट्टरपंथ दे रहा ‘ज़हर!’

    Idli. For just one rupee—not a bad deal!

    इडली. सिर्फ एक रुपए में, सौदा बुरा नहीं !

    पीओके में भीतरी बगावत बनी पाकिस्तान के लिए सबसे गंभीर चुनौती

    Trump's Stern Message to Iran: 'A Very Good Deal' or 'The Other Path'

    पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेत

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Defeating cyber adversaries with the power of AI! Kratical Tech's blockbuster IPO on June 30.

    एआई की ताकत से साइबर दुश्मनों को मात! क्राटिकल टेक का 30 जून को धांसू IPO

    June 24, 2026
    Monsoon arrives! Weather in UP to change in 3-4 days; major relief from heat and humidity expected.

    मानसून की दस्तक! UP में 3-4 दिनों में बदलेगा मौसम, गर्मी-उमस से मिलेगी बड़ी राहत

    June 24, 2026
    A World Drifting Towards Loneliness: Questions About the Institution of Family

    अकेलेपन की ओर बढ़ती दुनिया: परिवार की संस्था पर सवाल

    June 24, 2026
    Shocking revelation of bonded labor in Muzaffarnagar: 12 workers rescued from the jaws of death; 2 arrested.

    मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरी का सनसनीखेज खुलासा: 12 श्रमिकों को मौत के मुंह से बचाया, 2 गिरफ्तार

    June 24, 2026

    AI के विस्तार को लेकर CTO का विश्वास लगातार तीसरे साल कमजोर पड़ा: अक्कोडिस रिपोर्ट

    June 23, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading