मनोज तिवारी एनडीए के पक्ष में प्रचार करने पहुंचे थे, हेलीकॉप्टर से उतरते ही स्थानीय लोगों ने शुरू कर दी जोरदार नारेबाजी
पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच आज एक वायरल वीडियो ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। दिल्ली से बीजेपी सांसद और भोजपुरी गायक मनोज तिवारी जब जितौरा बाजार पहुंचे, तो हेलीकॉप्टर से उतरते ही स्थानीय लोगों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। भीड़ चिल्लाई, “ऐ मनोज तिवारी भैय्या, RJD जिंदाबाद, लालू यादव जिंदाबाद, खेसारी लाल यादव जिंदाबाद!” वीडियो में तिवारी शांत भाव से खड़े दिख रहे हैं, जबकि नारे लगाने वालों की संख्या इतनी थी कि माहौल एकदम विपक्षी रैली जैसा हो गया। यह घटना समस्तीपुर जिले के जितौरा बाजार में हुई, जहां तिवारी एनडीए के पक्ष में प्रचार करने पहुंचे थे। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से फैल रहा है और इसे महागठबंधन की बढ़ती पकड़ का संकेत माना जा रहा है।

चुनावी जंग चरम पर होने के बीच यह वीडियो बीजेपी के लिए झटके जैसा है। तिवारी, जो बिहार में एनडीए के स्टार प्रचारक हैं, पिछले कुछ दिनों से तेजस्वी यादव और आरजेडी पर तीखे प्रहार कर रहे हैं। कल ही पटना में उन्होंने आरजेडी प्रत्याशी खेसारी लाल यादव के ‘जंगलराज’ वाले बयान पर कटाक्ष किया था, कहते हुए कि “महागठबंधन का असली चेहरा अब खुल गया है। शहाबुद्दीन जिंदाबाद कहने वाले और जंगलराज का बचाव करने वाले बिहार की सुरक्षा कैसे करेंगे?” तिवारी ने आगे जोड़ा कि बिहार की जनता एनडीए के साथ खड़ी है और विकास के नाम पर ही वोट देगी। लेकिन जितौरा की यह घटना उनके दावों पर सवाल खड़े कर रही है। आरजेडी समर्थक इसे स्थानीय असंतोष का प्रमाण बता रहे हैं, जहां यादव और पिछड़े वर्ग के वोटर महागठबंधन की ओर लौट रहे हैं।
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जितौरा बाजार, जो पूर्वी बिहार के ग्रामीण इलाके में आता है, हमेशा से जातिगत समीकरणों का केंद्र रहा है। यहां यादव, कुर्मी और मुस्लिम वोटरों की अच्छी खासी तादाद है, जो आरजेडी का कोर बेस माना जाता है। वीडियो में नारेबाजी करने वाले ज्यादातर युवा दिख रहे हैं, जो तेजस्वी यादव के 10 लाख नौकरियों के वादे से प्रभावित लगते हैं। खेसारी लाल यादव, जो छपरा से आरजेडी टिकट पर लड़ रहे हैं, का नाम भी नारों में शामिल होना खासा है। खेसारी, भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार, हाल ही में आरजेडी में शामिल हुए हैं और उनके गाने-बजाने से पार्टी को ग्रामीण इलाकों में फायदा हो रहा है। बीजेपी ने उन्हें ‘नाचने वाला’ कहकर निशाना बनाया, तो लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने पलटवार किया कि “तिवारी, रवि किशन, निरहुआ, पवन सिंह, हेमा मालिनी और कंगना रनौत तो क्या हैं?” यह तंज स्टार प्रचारकों की जंग को और गहरा रहा है।
महागठबंधन के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि “तिवारी जैसे सितारे प्रचार के लिए आते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। बिहार का युवा जंगलराज की पुरानी छवि भूल चुका है और तेजस्वी के विकास एजेंडे पर भरोसा कर रहा है।” वहीं, बीजेपी ने वीडियो को ‘अराजक तत्वों का कारनामा’ बताया है और कहा कि मतदाता अंततः मोदी-नीतीश की जोड़ी चुनेंगे। कल जारी एनडीए घोषणा-पत्र में एक करोड़ नौकरियां, किसान कल्याण और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जैसे वादे हैं, जो तिवारी जैसे नेताओं का हथियार हैं। लेकिन यह वायरल वीडियो चुनाव के आखिरी दौर में विपक्ष को मजबूती दे रहा है।
6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होने वाले मतदान से पहले बिहार का सियासी पारा उफान पर है। जितौरा जैसी घटनाएं दिखा रही हैं कि वोटर का मूड ऊंट की करवट जैसा अनिश्चित है। क्या यह एनडीए के लिए चेतावनी है या महागठबंधन की नैया पार लगाने वाला संकेत? नतीजे आने ही वाले हैं।






