BJP Misson 2019: लक्ष्य 350 सीटें प्लस, कोई शक!

0
737
file photo

जहाँ भाजपा का खाता नहीं खुला उन 122 सीटों पर फतह करने की जिम्मेदारी 24 नेताओं पर

नई दिल्ली। भाजपा ने अगले आम चुनाव में 350 से अधिक सीटें जीतने के मकसद से 122 उन सीटों के लिए 24 नेताओं की एक टीम तैयारी की है, जहां भाजपा कभी भी नहीं जीती है। इन नेताओं के कामकाज की निगरानी स्वयं पार्टी अध्यक्ष अमित शाह करेंगे। पार्टी का मानना है कि हिंदी क्षेत्र की 282 सीटें वह जीत चुकी है और 150 सीटों पर नंबर दो आयी। इन सभी सीटों पर पार्टी का फोकस अलग है और इन सीटों के लिए अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती 122 सीटों पर है जहां कभी भाजपा जीती ही नहीं। यदि इन सीटों में आधी भी भाजपा की झोली में आ गयीं तो अमित शाह को 350 प्लस का आंकड़ा पार करने में मुश्किल नहीं होगी।

file photo

गत 17 अगस्त को पार्टी मुख्यालय में हुई बैठक में अमित शाह ने स्पष्ट तौर पर 122 सीटों के लिए रणनीति बनायी। बैठक में कुल 31 नेता मौजूद थे। इन नेताओं को एक प्रेजेंटेशन दिया गया और 122 सीटें चिह्नित की गयीं। संबंधित नेता को उसकी सीट का ऐतिहासिक, भौगोलिक और राजनीतिक महत्व बताया गया। पश्चिम बंगाल में भाजपा कभी एक और कभी दो सीटों पर ही चुनाव जीती है जबकि यहां 42 लोकसभा सीटें हैं। इन सीटों के लिए तीन नेताओं को लगाया गया है। यहां केंद्रीय मंत्रियों निर्मला सीतारमण और अजरुन राम मेघवाल के साथ वरिष्ठ महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय को लगाया गया है।

केरल में भी भाजपा कभी नहीं जीती। वर्तमान में वहां पार्टी का मात्र एक विधायक है। आरएसएस और माकपा के बीच चल रहे खूनी खेल के बीच भाजपा को उम्मीद है कि वहां भाजपा का जनाधार बढ़ेगा। केरल में 20 लोकसभा सीटें हैं। इसलिए वहां की जिम्मेदारी दो मंत्रियों प्रकाश जावड़ेकर और धर्मेंद्र प्रधान को दी गयी हैं।

ओडिशा में भाजपा को काफी उम्मीदें नजर आ रही हैं। राज्य में 21 सीटें हैं। यहां के लिए केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा के साथ महासचिव अनिल जैन को लगाया गया है। आंध्र प्रदेश में 25 में से 2 सीटों पर ही भाजपा जीती थी। टीडीपी से गठनबंधन के बाद आधी सीटें भाजपा की झोली में आएंगी। इन सीटों को जीतने के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ महाराष्ट्र के विधायक आशील शेलार को लगाया गया है।

कर्नाटक में भाजपा अच्छा कर रही है, फिर भी सभी 28 सीटें जीतने के लक्ष्य के साथ महामंत्री राम माधव के साथ महाराष्ट्र के तेजतर्रार नेता विनोद तावड़े को यहां लगाया गया है। तेलंगाना राज्य केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार के साथ मुरलीधर राव को दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री महेंद्र सिंह को छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की जिम्मेदारी दी गयी है। छत्तीसगढ़ में एक सीट पार्टी हार जाती है।

इसी तरह मध्य प्रदेश में छिंदवाड़ा सीट भाजपा ने कभी नहीं जीती और राजमाता विजया राजे सिंधिया के निधन के बाद भाजपा नहीं जीती। इन सीटों की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री स्वतंत्र देव को सौंपी गयी है। असम की 14 में से 7 सीटें भाजपा जीत चुकी है। इस बार राज्य सरकार भी भाजपा की है। बाकी सात सीटें जीतने के लिए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को जिम्मेदारी गयी है।

बाकी पूर्वोत्तर की सभी सीटों की जिम्मेदारी असम के मंत्री हेमंत विश्वाल को दी गयी है। पीयूष गोयल को तमिलनाडु की जिम्मदेरी दी गयी है। पंजाब, जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी दो नेताओं की सौंपी गयी है। अरुण सिंह, भूपेंद्र यादव को दिल्ली में पार्टी की गतिविधियों को देखने को कहा गया है जबकि महासचिव सरोज पांडेय को कोई जिम्मेदारी नहीं दी गयी है।