लखनऊ, 6 जनवरी 2026। कल रात जब आप स्क्रॉल कर रहे होंगे, तो शायद ये खबर चुपके से आपके फीड में आ जाएगी: सामाजिक नाटक ‘ब्लैक होल’ का मंचन गुरुवार, 8 जनवरी को शाम 7 बजे राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह, कैसरबाग में होने वाला है।
रामकिशोर नाग द्वारा लिखित यह नाटक आज के दौर के उन अदृश्य ब्लैक होल्स पर तीखा प्रहार करता है, जो हमारे आसपास फैल रहे हैं, आत्मकेंद्रित संस्कृति, ढहते मानवीय मूल्य, और वो बदलते मानदंड जिनमें इंसानियत धीरे-धीरे गायब हो रही है।
महर्षि कपूर के निर्देशन में बिम्ब सांस्कृतिक समिति के कलाकार इस बार संस्कृति मंत्रालय, नई दिल्ली के सहयोग से मंच पर उतर रहे हैं। पिछले साल अक्टूबर में हास्य नाटक ‘हम तो चले हरिद्वार’ से दर्शकों को हंसाते-हंसाते रुला देने के बाद, इस बार टीम कुछ गंभीर और विचारोत्तेजक पेश कर रही है।
तो अगर आप भी सोचते हैं कि आज का समाज सचमुच एक ब्लैक होल बन चुका है – जहाँ रिश्ते, संवेदनाएँ और नैतिकता सब कुछ खींचकर अंदर गुम हो जाते हैं – तो ये नाटक आपके लिए है।
टिकट लें, जगह बुक करें, और 8 तारीख को वहाँ पहुंचें… क्योंकि ये ब्लैक होल सिर्फ देखने का नहीं, बल्कि समझने और बाहर निकलने का मौका है!







