Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Friday, July 24
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग

    रवीश कुमार अपनी साख, गरिमा और तेवर बुरी तरह गंवा चुके हैं

    By November 28, 2017 ब्लॉग No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 515

    दयानन्द पांडेय

    एक समय मैं रवीश कुमार के अनन्यतम प्रशंसकों में से एक था। उन की स्पेशल रिपोर्ट को ले कर उन पर एक लेख भी लिखा था सरोकारनामा पर कभी। रवीश तब मेरे इस लिखे पर न्यौछावर हो गए थे। मुझे भी अच्छा लगा था उन का यह न्यौछावर होना । यह लेख अब मेरी एक किताब में भी है। मेरी मातृभाषा भी भोजपुरी है इस नाते भी उन से बहुत प्यार है। लेकिन बीते कुछ समय से जिस तरह सहजता भरे अभिनय में अपने को सम्राट की तरह वह उपस्थित कर रहे हैं और लाऊड हो रहे हैं , एकतरफा बातें करते हुए और कि अपने अहमक अंदाज़ में लोगों का भरपूर अपमान हूं या हां कह कर कर रहे हैं और कि एक ढीठ पूर्वाग्रह के साथ अपने को प्रस्तुत कर रहे हैं जिस का कि किसी तथ्य और तर्क से कोई वास्ता नहीं होता वह अपनी साख, अपनी गरिमा और अपना तेवर वह बुरी तरह गंवा चुके हैं ।
    अब समझ में आ गया है कि उन की सहजता और सरलता एक ओढ़ी हुई और एक बगुला मुद्रा है। इस बगुले में एक भेड़िया छुपाने की दरकार उन्हें क्यों है , यह समझ में बिलकुल नहीं आता। उन्हें सोचना चाहिए कि अगर वह सौभाग्य या दुर्भाग्य से एक सफल एंकर न होते तो होते क्या ? उन की पहचान भी भला तब क्या होती ? उन का ब्लॉग कस्बा भी कहां होता ? पर एक एंकर की यह संजीदा गुंडई और इस कदर ज़िद उसे सिर्फ़ और सिर्फ़ बर्बाद करती है। किसी भी संवाददाता या एंकर का काम पूर्वाग्रह या पैरोकारी नहीं ही होती। उस के अपने निजी विचार या नीति और सिद्धांत कुछ भी हो सकती है पर रिपोर्टिंग या एंकरिंग में भी वह झलके या वह इसी ज़िद पर अड़ा रहे यह न उस के लिए , न ही उस के पाठक या दर्शक या श्रोता के लिए भी मुफ़ीद होता है। रवीश से पहले इसी एन डी टी वी पर एक समय पंकज पचौरी भी थे । बड़ी सरलता और सहजता से वह भी पेश आते थे। हां ,  रवीश जैसी शार्पनेस उन में बिलकुल नहीं थी। तो भी उन का हुआ क्या ? मनमोहन सिंह के सूचना सलाहकार बन कर जिस मूर्खता और जिस प्रतिबद्धता का परिचय उन्हों ने दिया , अब उन्हें लोग किस तरह याद करेंगे भला? रवीश कुमार को भी यह जान लेना चाहिए कि वह भी कोई अश्वत्थामा नहीं हैं। न ही भीष्म पितामह । विदा उन्हें भी लेना है । पर किस रूप में विदा लेना है यह तो उन्हीं को तय करना है। लेकिन उन्हें इतिहास किस रूप में दर्ज कर रहा है यह भी लोग देख ही रहे हैं , वह भले अपने लिए धृतराष्ट्र बन गए हों । उन की गांधारी ने भी आंख पर भले पट्टी बांध चुकी हो।
    लेकिन समय का वेदव्यास उन की मुश्किलों और उन की होशियारियों को जस का तस दर्ज कर रहा है । नहीं होशियार तो अपने को शकुनी और दुर्योधन ने भी कम नहीं समझा था । तो बाबू रवीश कुमार इतना स्मार्ट बनना इतनी गुड बात नहीं है। आप की कुटिलता अब साफ झलकने लगी है , लगातार . निरंतर और सारी सहजता और सरलता के बावजूद। समय रहते छुट्टी ले लीजिए इस कुटिलता से । नहीं बरखा दत्त की केंचुल आप के सामने एक बड़ी नजीर है। बाकी तो आप समझदार भी बहुत हैं और शार्प भी । पर आप की समझदारी और शार्पनेस पर आप का पूर्वाग्रह बहुत भारी हो गया है। या कि आप की नौकरी की यह लाचारी है यह समझना तो आप ही पर मुन:सर है ।
    क्यों कि रवीश बाबू नौकरी तो हम भी करते हैं सो नौकरी की लाचारी भी समझते हैं। पर अपनी अस्मिता को गिरवी रख कर नौकरी हम तो नहीं ही करते , न ही हमारा संस्थान इस के लिए इस कदर कभी मजबूर करता है। जिस तरह आप मजबूर दीखते हैं बार-बार। और अपनी सहजता – सरलता और शार्पनेस के बावजूद आप लुक हो रहे हैं लगातार। अटल जी के शब्द उधार ले कर कहूं तो यह अच्छी बात नहीं है। इतने दबाव में नौकरी नहीं होती। मुझे जो इस वैचारिक दबाव और क्षुद्रता में नौकरी करनी हो तो कल छोड़नी हो तो आज ही छोड़ दूं । क्यों कि बाकी दबाव तो नौकरी में ठीक हैं , चल जाती हैं । मैं ही क्या हर कोई झेलता है जब तब। हम सभी अभिशप्त हैं इस के लिए । साझी तकलीफ है यह । घर-परिवार चलाने के लिए यह समझौते करने ही पड़ते हैं, मैं भी नित – प्रतिदिन करता हूं । पर अपनी आइडियोलाजी, अपने विचार , अपनी अस्मिता के साथ समझौता तो किसी भी विचारनिष्ठ आदमी के लिए मुश्किल होती है। मुझे भी। आप को भी होनी चाहिए । हां, कुछ लोग कंडीशंड हो जाते हैं। आप भी जो हो गए हों तो बात और है ।
    सरोकारनामा से साभार

    Keep Reading

    the-nations-future-on-the-streets-of-delhi

    दिल्ली की सड़कों पर देश का भविष्य!

    क्रूर नियति के बीच हमारी क्रूरता और उम्मीद की कुछ किरणें

    The battle between development and the environment in Uttarakhand.

    उत्तराखंड में विकास बनाम पर्यावरण की जंग

    Give up the insistence on a hunger strike; instead, wage a long-term struggle to change the system.

    सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद अब अदालत में जंग, आदिवासी महिलाओं पर भी लाठी

    अब उच्चतम न्याय की आस में शिक्षा का एक मंदिर

    A golden chapter for Indian women's cricket at Lord's: England crushed by 270 runs; history made.

    लॉर्ड्स पर भारतीय महिला क्रिकेट का स्वर्णिम अध्याय: इंग्लैंड को 270 रनों से धूल चटाई, इतिहास रचा

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    You will feel proud when you look at your reflection in the mirror... You lost your job, but not your principles!

    शीशे में चेहरा देखकर गर्व होगा… नौकरी चली गई, लेकिन सिद्धांत नहीं!

    July 24, 2026
    Enough of 'Mann Ki Baat' (talk from the heart); now, O Ruler, speak of 'Jan Ki Baat' (the voice of the people)!!

    मन की बात बहुत हुई, अब जन की बात करो राजन्!!

    July 23, 2026
    Surgeon Vice Admiral Arti Sarin visited the 7 Air Force Hospital in Kanpur.

    सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन ने कानपुर के 7 एयर फोर्स अस्पताल का दौरा किया

    July 23, 2026
    सुप्रीम कोर्ट का बड़ा झटका! इंदौर की सोनम रघुवंशी को फिर जाना पड़ेगा जेल, जमानत रद्द

    सुप्रीम कोर्ट का बड़ा झटका! इंदौर की सोनम रघुवंशी को फिर जाना पड़ेगा जेल, जमानत रद्द

    July 23, 2026
    Major allegation by the 'Cockroach Janata Party'! Accusation against the BJP of sending goons to the protest site; statement by Abhijit Dipke.

    कोकरोच जनता पार्टी का बड़ा आरोप!

    July 23, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading