Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Sunday, June 14
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग

    कर्नाटक में भाजपा का सही कदम

    By May 22, 2018 ब्लॉग No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 572

    श्याम कुमार

    कर्नाटक विधानसभा के चुनाव का जो घटनाक्रम हुआ, उसमें सबसे अधिक हास्यासपद, निन्दनीय एवं घृणित भूमिका कांग्रेस की रही है। ऐसा लग रहा था कि कांग्रेस सत्ता के लिए अपनी छटपटाहट में कुछ भी कर डालने को तैयार है। उसने ऐसा किया भी। गुजरात के चुनाव में भी उसने ऐसा ही किया था तथा कर्नाटक में पुनः उस नाटक को वैसा ही बुरे रूप में दोहराया। उसने अर्धरात्रि के बाद देश की सबसे बड़ी अदालत को बैठने के लिए विवश कर दिया।

    कांग्रेस की छवि अब ऐसी बन गई है कि वह जनसेवा के बल पर नहीं, तरह-तरह की तिकड़मों एवं नौटंकियों के सहारे सत्ता प्राप्त कर लेने के लिए कटिबद्ध है। जिस हिन्दू धर्म का नेहरू वंश ने हमेशा गला काटा और उसे मिटाने के षड्यंत्र किए, उसी हिन्दू धर्म का ढोंगी लबादा ओढ़कर राहुल ने गुजरात में मंदिरों की परिक्रमा की शुरुआत की तथा वह क्रम कर्नाटक में भी जारी रखा। जो राहुल दिल्ली में भी कभी मंदिर नहीं गया था, वह ढोंगी हिन्दू का रूप धारण कर गुजरात एवं कर्नाटक में ढूंढ़-ढूंढ़कर मंदिरों में जाता रहा। राहुल ने पूरे चुनाव में देवगौड़ा की आलोचना की और उनकी पार्टी को भाजपा की ‘बी टीम’ बताकर कोसता रहा। लेकिन चुनाव के बाद जब कांग्रेस की शर्मनाक पराजय हुई तो वह विपक्ष में रहकर देशहित में सार्थक व रचनात्मक भूमिका अदा करने के बजाय भूखे भेड़िए की तरह सत्ता की ओर झपट पड़ी। वह सत्ता पाने के लिए देवगौड़ा की उसी जनतादल (एस) पार्टी के चरणों पर जा गिरी, जिसकी वह चुनाव में आलोचना कर रही थी। उसने स्वयं देवगौड़ा के पुत्र कुमार स्वामी को मुख्यमंत्री बनने का प्रस्ताव किया, ताकि उनकी मातहती में सत्ता के कुछ हिस्से उसे भी मिल जाएं।

    जिस कांग्रेस पार्टी का कभी पूरे देश में वर्चस्व था, उसने नेहरू वंश की चाकरी में अपना विनाश कर डाला, जिसके परिणामस्वरूप वह इस समय लगभग एक क्षेत्रीय पार्टी बनकर रह गई है। इतना नुकसान हो जाने के बाद भी उसे अभी भी विष्वास है कि यह वंश उसका उद्धार करेगा। वह इस बात को समझने से इनकार कर रही है कि नेहरू वंश को देश के बजाय सिर्फ अपने स्वार्थ की चिंता रहती है। जवाहरलाल नेहरू के समय से यह वंश देश को लूट रहा है। जो सोनिया गांधी अपने मायके इटली में होटल में काम कर खर्च चलाती थी, वह आज अथाह सम्पत्ति की मालिक हैं। केवल वही नहीं, पूरा कुटुम्ब अथाह दौलत में खेल रहा है। नेहरू ने कांग्रेस के वास्तविक महान नेताओं के पुण्य कर्माें को भुनाकर एवं खोखले-लुभावने नारों के बलपर फायदा उठाया। उनके बाद इंदिरा गांधी ने ‘गरीबी हटाओ’ के नारे का ढोंग रचा और सत्ता पर लम्बे समय तक काबिज रहीं। राजीव गांधी के मारे जाने पर कांग्रेस को सहानुभूति की लहर का फायदा मिला। लेकिन उसके बाद मनमोहन सिंह को कठपुतली प्रधानमंत्री बनाकर सोनिया गांधी और उनका परिवार दस वर्षों तक सत्ता पर कब्जा जमाय रहा तथा इन दस वर्शों में देश को घरती, आकाश एवं पाताल तक में बहुत बुरी तरह लूटा गया। लाखों करोड़ के घोटाले हुए, जिनसे विश्व भर में भारत की बड़ी बदनामी हुई।

    कर्नाटक में जनता दल (एस)-जैसी छोटी पार्टी के नेतृत्व में कांग्रेस ने सरकार बनाना स्वीकार किया है, लेकिन भविष्य में यह गठबंधन अधिक मजबूत नहीं रहेगा। स्वाभाविक है कि देवगौड़ा एवं कुमार स्वामी कर्नाटक में अपनी पार्टी का आधार बढ़ाएंगे। यह आधार कांग्रेस की कीमत पर ही बढ़ पाएगा, जिससे वह और सिमटेगी। कुमार स्वामी को मुख्यमंत्री बना देने का फारमूला यदि भारतीय जनता पार्टी अपनाती तो जाहिर है कि कुमार स्वामी भारतीय जनता पार्टी के खेमे में आ जाते। देवगौड़ा की पार्टी एवं कांग्रेस के बीच कोई सैद्धांतिक मिलन नहीं हुआ है। यह सिर्फ स्वार्थ का गठबंधन है। कांग्रेस का चरित्र वैसे भी धोखाधड़ी का रहा है। उसने जिस पार्टी के साथ गठबंधन किया, उसकी जड़ काटी। स्वयं देवगौड़ा भी प्रधानमंत्री के रूप में कांग्रेस की धोखेबाजी का शिकार हो चुके हैं।

    कांग्रेस पार्टी ने देश का सबसे बड़ा अहित यह किया कि उसने अन्य राजनीतिक दलों में भी अपना चरित्र प्रविस्ट कर उन्हें अपने ही रंग में रंग दिया। कुछ समय से अमित शाह के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ‘लोहे को लोहा काटता है’ वाले मुहावरे का अनुसरण कर कांग्रेसी फारमूले से ही कांग्रेस को पराजित कर रही है। लेकिन उक्त फारमूला भारतीय जनता पार्टी के चरित्रवाला फारमूला नहीं है। इसीलिए कर्नाटक के चुनाव में जब अल्पकालिक मुख्यमंत्री यदुयेरुप्पा ने अपने मार्मिक भाषण के साथ जब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की घोशणा की तो तत्काल उनका कद बहुत उंचा उठ गया। उन्होंने यह बहुत सही कदम उठाया तथा आगे चलकर इसका भाजपा को बहुत लाभ मिलेगा। यदुयेरुप्पा कर्नाटक में ताकतवर लिंगायत समुदाय के हैं। कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक के पिछले चुनाव में लिंगायत समुदाय को अलग धर्म घोषित कर हिन्दुओं में फूट डालकर चुनावी लाभ उठाने की कोशिश की थी। इससे लिंगायत समुदाय में फूट पड़ी और कांग्रेस ने उस फूट का फायदा उठाया। लेकिन बाद में लिंगायत समुदाय को कांग्रेस की कुटिल चाल समझ में आ गई और उसकी सहानुभूति अपने एकछत्र नेता रहे यदुयेरुप्पा के प्रति पुनः हो रही है। इस्तीफा दे देने से लिंगायत समुदाय महसूस कर रहा है यदुयेरुप्पा ने मजबूर होकर इस्तीफा दिया है और यह उनका अपमान है।

    अटल बिहारी वाजपेई ने लोकसभा में एक वोट से अपनी सरकार के पराजित होने पर जब त्यागपत्र दे दिया था तो पूरे देश की सहानुभूति उनके साथ हो गई थी और भाजपा सत्ता पर काबिज होने में सफल हुई थी। यदि कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी ने सिर्फ सत्ता को अपना लक्ष्य बनाने के बजाय जनसेवा को लक्ष्य बनाया तो निष्चित है कि अगला चुनाव भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत दिला देगा। वैसे भी, इस समय कर्नाटक विधानसभा के चुनाव में जहां कांग्रेस पार्टी सत्ता से बेदखल होकर बहुत सिमट गई है, वहीं भाजपा 104 सदस्यों की गिनती के साथ वहां सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। उसने गुजरात की तरह अति आत्म विश्वास का शिकार होकर कर्नाटक में भी अपना नुकसान किया। अन्यथा इस चुनाव में ही वह भारी बहुमत से विजयी होती। पिछले सत्तर वर्षों से कांग्रेस एवं अन्य फर्जी सेकुलरवादियों के षड्यंत्र का शिकार होकर हिन्दू अपने ही देश में बुरी तरह उपेक्षित व अपमानित स्थिति में हो गया था तथा दूसरे दरजे का नागरिक बना दिया गया था। जबसे हिन्दू जाग्रत हुआ है, देश दो खेमों में बंट गया है- हिन्दू-समर्थक एवं हिन्दू विरोधी। कर्नाटक में कांग्रेसी सरकार ने हिन्दू मंदिरों पर एक ऐसा टैक्स लगाया है, जिसकी आमदनी का अधिकांश हिस्सा मसजिदों एवं मदरसों पर खर्च किया जाता है। भारतीय जनता पार्टी कर्नाटक की हिन्दू जनता को कांग्रेस का यह अत्याचार नहीं समझा सकी।

    Keep Reading

    A weeping Great Nicobar and a smiling 'Ego'!

    रोता हुआ ग्रेट निकोबार और मुस्कुराता हुआ अहम्!

    US attack off the Oman coast and diplomatic surrender: Is India's strategic autonomy merely a facade?

    ओमान तट पर अमेरिकी हमला और कूटनीतिक आत्मसमर्पण: क्या भारत की रणनीतिक स्वायत्तता एक छलावा मात्र है?

    Many writers are caught in a labyrinth of duties!

    कर्त्तव्यों के चक्रव्यूह में घिरे हैं कई कलमकार!

    Do not play vote-bank politics at the cost of internal security.

    आंतरिक सुरक्षा की कीमत पर वोटों की राजनीति न करें

    Sold taxi to save a girl's life; later, the true recipient of the gold medal was found.

    टैक्सी बेचकर बचाई लड़की की जान, फिर मिला गोल्ड मेडल का असली हकदार

    When a clever merchant and an innocent king taught a lesson to the forest and the sea...!

    जब चतुर व्यापारी और मासूम राजा ने दी जंगल और समंदर को सीख तब..!

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    A weeping Great Nicobar and a smiling 'Ego'!

    रोता हुआ ग्रेट निकोबार और मुस्कुराता हुआ अहम्!

    June 14, 2026
    US attack off the Oman coast and diplomatic surrender: Is India's strategic autonomy merely a facade?

    ओमान तट पर अमेरिकी हमला और कूटनीतिक आत्मसमर्पण: क्या भारत की रणनीतिक स्वायत्तता एक छलावा मात्र है?

    June 14, 2026
    Lethal danger at the railway crossing! Scouts raise awareness through street plays.

    रेलवे क्रॉसिंग पर मौत का खतरा! स्काउट्स ने नुक्कड़ नाटक से जगाई सावधानी

    June 14, 2026
    Body of a 12-year-old boy found on a cot with a belt tightened around his neck.

    चारपाई पर पड़ी मिली 12 वर्ष के बच्चे की गले में बेल्ट से कसी हुई लाश

    June 13, 2026

    3 मिनट की झपकी एक ईमानदार इंसान की इज़्ज़त लगभग छीन लेती

    June 13, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading