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    Home»ब्लॉग»Current Issues

    बेहतर समाज के लिए कर्तव्य बोध

    By September 18, 2018 Current Issues 1 Comment4 Mins Read
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    Post Views: 681
    डॉ दिलीप अग्निहोत्री
    किसी भी देश की मजबूती के वास्तविक निर्धारण वहां के समाज से होता है। जहां नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते है, वहां संवैधानिक व्यवस्था का संचालन भी प्रभावी ढंग से होता है। अनेक समस्याओं का समाधान केवल कर्तव्य पालन से ही हो जाता है। संविधान के अलावा भारतीय संस्कृति में कर्तव्य पालन को बहुत महत्व दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते भी है कि जनता के ऊपर विश्वास करके बड़े से बड़ा कार्य किया जा सकता है। जब प्रत्येक व्यक्ति इसके प्रति जागरूक होता है, तब बेहतर समाज का निर्माण होता है। भारतीय संविधान ने भी अच्छे नागरिक बनने को अहमियत दी। जिसमें ईमानदारी, अहिंसा, राष्ट्र और समाज के हित का ध्यान रखना, कानून को अपने हाँथ में न लेने के प्रावधान किए गए। फिर भी नैतिक जीवन के लिए संस्कृति के महत्व को भी समझना चाहिए। राजनीति में भी नैतिकता होनी चाहिए। अन्यथा राजनीति किसी का कल्याण करने वाली नहीं हो सकती।
    राजनीति और लोकतंत्र एक दूसरे पर आश्रित है। संविधान के दायरे में रहकर इनको मर्यादित किया जाता है। प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकार के साथ साथ कर्तव्यों का भी ज्ञान होना चाहिए। देश को सर्वोच्च मानना होगा। अपने विरोध की अभिव्यक्ति भी शांतिपूर्ण होना चाहिए। अराजकता या तोड़फोड़ प्रजातन्त्र को कमजोर करते है।
    यह बात राजनीति की पाठशाला संगोष्ठी में वक्ताओं ने कही। संविधान में मूल कर्तव्यों को स्थान दिया गया। इसके साथ ही हमको भारतीय संस्कृति के अनुरूप नैतिक, मर्यादित और समरसतापूर्ण जीवन शैली अपनानी चाहिए। भारत की सनातन संस्कृति में ही कर्तव्यों को बहुत महत्व दिया गया। प्रातः उठने के साथ ही कर्तव्य पालन शुरू हो जाता था। कर्तव्य ही दिनचर्या और जीवनशैली का निर्धारण करते थे। प्रकृति का भी एक संविधान होता है। इसे ही ऋतु कहा गया। सोने ,जागने, खान पान सबका प्राकृतिक नियम होता है। इसी को विकृत कर दिया गया। इन नियमों के उल्लंघन को ही फैशन मान लिया गया। पश्चिम की सभ्यता का वर्चस्व बढ़ रहा है। प्रकृति के संविधान का उल्लंघन हो रहा है। जिसने वैचारिक सोच को भी बदल दिया है।
    उपभोगवादी संस्कृति के प्रभाव में स्वहित ही सबसे महत्वपूर्ण हो गए। इसमें तो नियमों का उल्लंघन होना ही था। इसलिए संविधान में कर्तव्यों के उल्लेख की आवश्यकता पड़ी।ऐसे में दो स्तर पर प्रयास करने होंगे। पहली यह कि भारतीय चिंतन के अनुरूप जीवनशैली हो। दूसरा यह कि संवैधानिक व्यवस्था का पालन किया जाए।  दोनों को साथ लेकर चलना होगा। इसमें कोई विरोधाभास नहीं है। भारतीय संस्कृति में मानवता और समरसता का सन्देश है। संविधान भी ऐसी ही व्यवस्था चाहता है।राजनीति के मूलभूत और उद्दात तत्वों को समझना चाहिए। ईमानदारी की भावना के साथ ही राजनीति और समाजसेवा की भावना से ही प्रवेश करना चाहिए। इसका प्रत्येक दशा में पालन भी करना चाहिए। इससे राजनेताओं की नकारात्मक छवि भी दूर होगी। संवैधानिक सिद्धांतो और राजनीति के वास्तविक तत्वों से संबद्ध करना होगा।
    भारत की एकता अखंडता को मजबूत बनाने का सदैव प्रयास करते रहना चाहिए। महिलाओं का सम्मान , पर्यावरण का संरक्षण संवर्धन , स्वच्छता का संकल्प लेना चाहिए।  संविधान  में कर्तव्यों का प्रावधान है। भारतीय संस्कृति में निजी, परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बोध कराया गया। परिवार के लिए निजी हितों को छोड़ देना चाहिए। समाज के लिए परिवार के हितों को छोड़ देना चाहिए। देश हित के लिए समाज के हितों का त्याग कर देना चाहिए। इस विचार को कर्तव्य की श्रेणी में रखा गया। इसका निहितार्थ यह है कि देश सर्वोच्च है। निजी हित का स्थान सबसे नीचे है। संविधान भी देश को सर्वोच्च मानता है। हमारे कोई भी कार्य देशहित के विरुद्ध नही  होने चाहिए। इसके अलावा समाज में सहिष्णुता होनी चाहिए। अपने मत को सर्वश्रेष्ठ मानने से कार्यों में असहिष्णुता आ जाती है। यह संविधान और भारतीय संस्कृति के विरुद्ध है।
    भारतीय संस्कृति में उपासना के आधार पर कोई भेद भाव नहीं किया गया। सभी पंथों को सम्मान दिया गया। इस भावना को अपने कर्तव्यों में शामिल करना चाहिए। माता पिता असहाय लोगों की सेवा भी कर्तव्य है। भारतीय संस्कृति में इसे बहुत महत्व दिया गया। लेकिन पाश्चात्य संस्कृति के कारण वृद्धाश्रम खोलने पड़ रहे है। इसका मतलब है कि कर्तव्य पालन के प्रति उदासीनता बढ़ रही है। जाहिर है कि देश और समाज के हित व्यापक है। उसी के अनुरूप हमारे कर्तव्य होने चाहिए। राजनीति की पाठशाला में भी कर्तव्यों की जानकारी देनी चाहिए। कर्तव्य बोध तो भारतीय परिवारों से मिल जाते है। इनके प्रति सदैव कृतसंकल्प रहना चाहिए।

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    1 Comment

    1. massage foot on September 20, 2018 2:54 am

      Very interesting info!Perfect just what I was searching for!

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