विकास की सौगात व चुनाव की धार

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डॉ दिलीप अग्निहोत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की काशी और कानपुर यात्रा दो सन्दर्भो में कामयाब रही। एक तो दोनों ही स्थानों पर उन्होंने हजारों करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। इस प्रकार विकास के मामले में केंद्र और प्रदेश भाजपा सरकार की बढ़त दिखाई। दूसरा यह कि मोदी ने यहां आयोजित जनसभा में विपक्ष पर निशाना लगाया। उनपर विकास के क्षेत्र में गंभीर न होने का आरोप लगाया। मोदीं ने पुलमावा आतंकी हमले और उसके बाद भारत द्वारा किये गए सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख किया। सुरक्षा बलों की प्रशंसा की, शहीदों की नमन किया। विपक्ष पर बड़ा आरोप लगाया। कहा कि ये लोग सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठा कर न केवल सेना का मनोबल गिरा रहे है, बल्कि दुश्मनों को खुश करने वाले बयान दे रहे है। जिससे उनका मनोबल बढ़ रहा है। इसके बाबजूद देश को अपनी सेना पर विश्वास है। वह सैनिकों का उत्साहवर्धन कर रहे है। सबसे पहले मोदी अपने निर्वाचन क्षेत्र पहुंचे। उन्होने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की और वहां के संपर्क मार्ग के सौंदर्यीकरण और सुदृढ़ीकरण परियोजना की नींव रखी।  दीनदयाल हस्तकला संकुल में राष्ट्रीय महिला आजीविका सम्मेलन शामिल हुए।  दीनदयाल अंत्योदय योजना के माध्यम से संपोषित महिला स्वयंसहायता समूहों की ओर से प्रधानमंत्री को भारत के वीर कोष के लिए एक चेक दिया गया।

नरेंद्र मोदी ने कानपुर में करीब साढ़े छह सौ मेगावाट क्षमता के विद्युत उत्पादन एवं वितरण इकाई और वीडियो कान्फ्रेंसिंग से लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना का भी उद्घाटन किया। आगरा में मेट्रो की नींव भी रखी। इस अवसर पर मोदी ने जनसभा को भी संबोधित किया। कहा कि डिफेंस कॉरिडोर के अलावा सड़कों, हाईवे, एक्सप्रेस वे, रेलवे, एयर वे का जाल बिछाया जा रहा है। कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी जा चुकी है। आजादी के बाद भी कानपुर के डेढ़ लाख घर विजली से वंचित थे। जिन्हें भाजपा सरकार ने बिजली के कनेक्शन दिए। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार बनने के बाद विकास कार्यो में तेजी आई है। करीब साठ हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव का शिलान्यास हुआ। उन पर कार्य प्रगति पर है।
मोदी ने कहा भी उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने निवेश के अनुकूल माहौल बनाया है। योगी ने यहां मोदी हैं तो मुमकिन है, नारे को प्रमाणों के साथ प्रस्तुत किया। बिजली कनेक्शन, रसोई गैस कनेक्शन , जनधन खाता, दो सर्जिकल स्ट्राइक जैसी अनेक योजनाओं का उल्लेख किया। उनके साथ जनसभा में मौजूद लोगों ने भी मोदी हैं तो मुमकिन है नारे का उद्घोष किया।उत्तर प्रदेश में परिवहन क्रांति का नया अध्याय शुरू हुआ है। इसका विस्तार सड़क, जल और मेट्रो तक विस्तृत है। सात मार्च को नितिन गडकरी ,राजनाथ सिंह, योगी आदित्यनाथ ने सड़कों का उद्घाटन व शिलान्यास किया था।
एक लाख पच्चीस हजार करोड़ रुपये की लागत वाली अनेक परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इनमें एक  लाख दस हजार  करोड़ रुपये लागत की पांच हजार नौ सौ बहत्तर किलोमीटर लंबी परियोजनाएं भी शामिल है। उत्तर प्रदेश में लगभग तीन लाख  पच्चीस करोड़ रुपए की परियोजनाएं या तो पूरी की जा चुकी है। वाराणसी से हल्दिया के बीच एक हजार छियासी किलोमीटर लंबे जलमार्ग के सफल संचालन किया गया। यमुना नदी में दिल्ली से प्रयागराज के बीच जलमार्ग तैयार करने के लिए बारह हजार करोड़ रुपए की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई है।
प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद बाइस हजार करोड़ के गांव में संपर्क मार्ग बनाये जा  रहे हैं। एक्सप्रेस वे से पांच किमी अंदर के मार्ग जोड़े जाएंगे। नई तकनीक से लागत घटाई गई। गुणवत्ता भी बढ़ी है। कार्बन उत्सर्जन कम हुआ। राजमार्ग निर्माण की गति दोगुनी बढाई है। गंगा नदी में भी  बारह हजार करोड़ रुपये का काम हो रहा है। पांच हजार करोड़ जलमार्ग में तीन हजार करोड़ का काम यूपी में होगा। पिछली सरकार में भूमि अर्जन नहीं होता था।
यह नितिन गडकरी ने कहा था कि जो सड़क बनाएंगे उन पर दो सौ वर्ष तक गड्ढे नहीं होंगे। जल मार्ग के जरिये वाराणसी से बांग्लादेश माल जा सकता है। लखनऊ में एक सौ पांच किमी की आउटर रिंग रोड का काम दो हजार बाइस तक पूरा हो जाएगा। अगले तीन महीने में बारहकिमी आउटर रिंग रोड पूरा हो जाएगा। कुकरैल नाले पर पुल-सिक्स लेन रोड, आउटर रिंग रोड के अलावा शहर के रेलवे स्टेशनों पर सुधार कार्यों का लोकार्पण किया गया। लखनऊ कानपुर के बीच एक्सप्रेस वे, कुर्सी रोड टेढ़ी पुलिया और मडिय़ांव आइआइएम तिराहे के बीच फ्लाइओवर का शिलान्यास हुआ।

लखनऊ मेट्रो के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर में कुल इक्कीस  स्टेशन हैं। अमौसी एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया तक रूट पर संचालन शुरू हुआ। इसके पहले ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक केवल आठ स्टेशनों के बीच ही संचालन हो रहा था। जाहिर है कि  नरेंद्र मोदी की केंद्रीय व योगी आदित्यनाथ की प्रदेश सरकार विकास के मामले में आगे दिख रही है। इसके अलावा भाजपा विरोधियों को घेरने का भी कार्य कर रही है। चुनावी माहौल में यह नीति कारगर हो सकती है।
कानपुर को कभी उत्तर भारत का मैंचेस्टर कहा जाता था। लेकिन उपेक्षा के चलते यह नगर बदहाल होता गया। कानपुर की पहचान बने बड़े उद्योग बन्द हो गए। नरेंद्र मोदी का इस महानगर को  छह हजार छह सौ बीस करोड़  रुपये की सौगात विषय उल्लेखनीय है। जैसे ही पीएम रैली स्थल पहुंचे इससे कानपुर की तस्वीर बदलेगी। उद्योग जगत पुनः इसकी ओर रुख करेगा। नमामि गंगे और पनकी पॉवर प्लांट प्रोजेक्ट का शिलान्यास भी कानपुर के लिए महत्वपूर्ण था। जबको पक्का घर देने का वादा भी पूरा हो रहा है। अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत देश में लगभग डेढ़ करोड़ घर बन चुके हैं। इससे पहले की सरकार पच्चीस लाख घर ही बनाये जा सके थे। सांसद मुरली मनोहर जोशी ने सरकार के कार्यो की प्रशंसा की। भारत की अर्थव्यवस्था का तेजी से विकास हो रहा है। हमारी अर्थव्यवस्था चीन को पछाड़ने के कगार पर पहुंच गयी है। भारत की सेनाएं सीमा पार कर शत्रुओं से लोहा ले रही हैं। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। इस प्रकार नरेंद्र मोदी की काशी और कानपुर की यात्रा को कारगर कहा जा सकता है।

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