दिलीप अग्निहोत्री
समाज सेवा की भावना कल्याणकारी होती है। विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले इसमें योगदान करते है। सब कुछ सरकार पर छोड़ देना बेहतर समाज का लक्षण नहीं होता। वह समाज श्रेष्ठ होता है जहां सक्षम व्यक्ति निर्बल की सहायता के लिए तत्पर रहता है। ऐसा करने के लिए राजनीति के क्षेत्र में ही जाना आवश्यक नहीं होता। बल्कि चिकित्सा, शिक्षा, कला ,संगीत, लेखन, पत्रकारिता, कृषि, पर्यावरण, प्रशासन,आदि के क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले भी समाज को बेहतर बनाने में योगदान कर सकते है। यह वस्तुतः कर्तव्य बोध से संभव होता है। सम्यक कर्तव्य से अपना ही नहीं समाज का भी हित होता है। ऐसा करने वालों में सम्मान की लालसा नहीं होती, फिर भी उनका सम्मान होने से समाज के अन्य लोगों को प्रेरणा मिलती है।ऐसे समारोह समाज सेवा का ही सन्देश देते है।उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने संस्था रंगभारती एवं ‘उत्तर प्रदेश नागरिक परिषद’ द्वारा राजभवन में आयोजित सम्मान समारोह में न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना न्याय, रूकैया परवीन (महिला सशक्तीकरण , विष्णुकांत मिश्र समाज सेवा शकील अहमद खान, खेल, सैयद रफत, प्रशांत कुमार मिश्र प्रशासनिक सेवा, श्री विलास मणि त्रिपाठी पुलिस सेवा, रंजना दीवान गायन, डाॅ श्यामलेश तिवारी संस्कृत भाषा, सुश्री इस्मा जहीर साम्प्रदायिक सद्भाव, श् राज बिसारिया कला, श् भूपेश लिटिल छायांकन, श् प्रेमचंद होम्बल नृत्य, श् सुधीर सोलोमन (कृषि), डाॅ सुनील प्रधान चिकित्सा, श्रीमती श्रुति सुडोलीकर काटकर शास्त्रीय गायन, श्प्रेमबिहारी वर्मा पत्रकारिता, उत्तम चटर्जी संगीत, श्रणजीत सिंह पर्यावरण, किशन सेठ छायांकन, डाॅ शिव शंकर त्रिपाठी (आयुर्वेद चिकित्सा), श्री किशोर चतुर्वेदी गायन, प्रज्ञेश कुमार सिंह कला एवं आसिफ जमां रिजवी शिक्षा डाॅ राजीव लोचन चिकित्सा को स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। संस्था ‘रंगभारती’ एवं ‘उत्तर प्रदेश नागरिक परिषद’ द्वारा उत्तर प्रदेश की स्थापना की उनहत्तर वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या तेईस जनवरी, उन्नीस सौ उन्नीस को आयोजित कार्यक्रम में अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिये महानुभावों का सम्मान किया जाना था परन्तु माननीय राष्ट्रपति के उत्तर प्रदेश भ्रमण कार्यक्रम में सम्मिलित होने के कारण राज्यपाल सम्मान समारोह में उपस्थित नहीं हो सके थे। सम्मान प्राप्त महानुभावों को सम्मानित करने के लिये संस्था की ओर से राजभवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
राज्यपाल ने कहा कि ‘मैं तो पोस्टमैन हूँ। जो भी निवेदन आता है, मैं आवश्यकतानुसार उसे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, संबंधित मंत्री या अधिकारी को भेजता हूँ। मैंने इस संबंध में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र भेजा। किन्हीं कारणों से सुझाव पर अमल नहीं हो सका। बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरे सुझाव को स्वीकार किया और उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस का शानदार कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसका उद्घाटन उप राष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडु द्वारा किया गया। मुझे संतोष है कि उत्तर प्रदेश स्थापना के अड़सठ वर्ष बाद ही सही परन्तु स्थापना दिवस का आयोजन प्रारम्भ हुआ। मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शुक्रिया करता हूँ।’
श्री नाईक ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस को आम आदमी का उत्सव बनाने की आवश्यकता है। सार्वजनिक क्षेत्र में कार्य करने के लिये सम्मान पाना अपने आप में विशेषता है। अपने प्रदेश में सम्मान मिलना अपने आप में संतोष देने वाली बात है। अपने घर में सम्मान को पहचान मिलती है तो उस सम्मान की अपनी विशेषता होती है। आपने अपने प्रदेश के लिये कुछ किया इसलिये आपको यह सम्मान मिला।
उन्होंने कहा कि सम्मान प्राप्त करने वाले सम्मानमूर्ति आगे भी नये कीर्तिमान स्थापित कर प्रदेश का नाम रोशन करें।
राज्यपाल ने इस अवसर पर सभी महानुभावों से लोकतंत्र के महापर्व यानि चुनाव में मतदान का आह्वान किया। मतदाता की भागीदारी से ही चुनाव सम्पन्न होते हैं। लोकसभा चुनाव घोषित हो चुके हैं, ऐसे समय में मतदान करना सर्वश्रेष्ठ दान है। मतदान सबसे बड़ा राष्ट्रधर्म है। उन्होंने कहा कि लोकसभा 2019 के चुनाव में सबसे अधिक मत प्रतिशत वाले लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र, विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, वार्ड एवं मतदान केन्द्र तथा सर्वाधित मत प्रतिशत वाले केन्द्र से जुड़े लोगों का राजभवन में सम्मानित किया जायेगा।







