Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, October 7
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    संविधान, मतदान, और सम्मान

    By April 18, 2018Updated:April 18, 2018 Current Issues No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 597
    डॉ. दिलीप अग्निहोत्री
    प्रजातन्त्र की सफलता मतदान पर निर्भर होती है। कम मतदान प्रजा की निष्क्रियता को उजागर करती है। इसका प्रतिकूल प्रभाव तंत्र पर पड़ता है। जबकि मतदाताओं की जागरूकता प्रजातन्त्र को जीवंत बनाती है। अभी तक मतदान में वृद्धि के प्रयास को राज्यपाल का विषय नहीं माना जाता था। लेकिन उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने इसे भी अपने संवैधानिक दायित्व का हिस्सा माना। इसके लिए प्रयास किया।
    मतदान प्रोत्साहन का प्रत्येक प्रयास संविधान के शिल्पी के प्रति सम्मान है। डॉ भीमराव रामजी आम्बेडकर ने  शक्तिशाली प्रजातन्त्र की कल्पना की थी। इसमें मतदान की बाध्यता तो नहीं रखी गई, लेकिन इसका महत्व निर्विवाद था। मतदान के माध्यम से ही सत्ता का निर्धारण होता है। संविधान की शुरुआत ‘हम भारत के लोग से होती है’। इस शब्दावली में मतदान के प्रति जागरूकता का विचार समाहित है। ऐसे में अधिक से अधिक मतदान होना चाहिए। यह हमारे प्रजातन्त्र और संवैधानिक आधार को मजबूत बनाता है।
    उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक अभिनव प्रयोग करते है। मतदान प्रोत्साहन कार्यक्रम शुरू करने का प्रयोग भी उन्ही के खाते में है। उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में उन्होंने अधिक मतदान के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया। इतना ही नहीं  उन्होंने सर्वाधिक मतदान वाले तीन पोलिंग बूथ से जुड़े लोगों को राजभवन में सम्मानित करने का ऐलान किया था। विधानसभा चुनाव के बाद राम नाईक ने अपना वादा पूरा किया था। यह क्रम आगे बढ़ा। इस बार नगर निकॉय में सर्वाधिक मतदान वाले तीन पोलिंग बूथों के लोगों को राजभवन में सम्मानित किया गया।
    डॉ आम्बेडकर के जन्म जयंती पर अनेक आयोजन होते है। राम नाईक ने इस दिन को सार्थक बनाने वाले एक कार्यक्रम को शामिल किया। मतदान प्रोत्साहन से संबंधित कोई भी कार्यक्रम अंततः डॉ आम्बेडकर के प्रति ही सम्मान है। क्योंकि यह कल्पना संविधान के शिल्पी की ही थी। इस कार्यक्रम का दोहरा महत्व मिला। एक तो वह लोग पुरष्कृत किये गए, जिन्होंने मतदान प्रोत्साहन के लिए प्रयास किया। इसमें संबंधित बूथ के सफाई कर्मी को भी सम्मानित किया गया गया।दूसरा महत्व यह कि इस कार्यक्रम के लिए संविधान निर्माता की जन्म जयंती को चुना गया। राम नाईक ने कहा भी 14 अप्रैल को यह कार्यक्रम आयोजित करने का यही उद्देश्य है। अधिकार और कर्तव्य साथ साथ चलते है। मतदान एक अधिकार है। लेकिन इस दायित्व के प्रयोग में पर्याप्त जागरूकता दिखाई नहीं देती।
     मतदान प्रोत्साहन का ऐसा कार्यक्रम केवल उत्तर प्रदेश में आयोजित किया जाता है। इसका श्रेय राम नाईक को है। वह इस सम्बंध में वह एक श्लोक का उल्लेख करते है। इसका भाव है कि विद्वान लोग पहले कार्य शुरू नहीं करते, लेकिन जब कार्य शुरू करते है, तो उसे अंजाम तक पहुंचाते है। मतदान प्रोत्साहन समारोह भी ऐसा ही है। पिछली बार सम्मानित होने वालों को राज्यपाल ने संविधान की मूलप्रति भेंट की थी। उसमें सभी सदस्यों के हस्ताक्षर थे। डॉ आम्बेडकर ने इसमे अपना पूरा हस्ताक्षर किया था। इसमें उन्होंने भीमराव रामजी आम्बेडकर लिखा है। इस बार नरेंद्र राघव द्वारा संपादित पुस्तक भेंट की। इसमे डॉ आंबेडकर के सामाजिक, आर्थिक, राजनीति, धर्म, आदि पर विचार दिए गए है। नरेंद्र राघव भी गरीबी में संघर्ष करते हुए आगे बढ़े थे। वह विश्वविद्यालय में कुलपति, योजना आयोग के सदस्य और राज्यसभा सदस्य रहे है।
    राम नाईक ने वोट के महत्व का दिलचस्प उदाहरण दिया। राम नाईक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निकट सहयोगी और उनकी सरकार में मंत्री हुआ करते थे। अटल जी की पहली सरकार एक वोट से गिर गई थी। इसके बाद फिर चुनाव हुए थे। इस आधार पर एक एक वोट का महत्व समझना चाहिए।
    भारतीय जनमानस के रग-रग में लोकतंत्र है। इसकी अभिव्यक्ती भी स्वभाविक उत्साह के साथ होनी चाहिए। योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों की परीक्षा और चुनाव को रोचक ढंग से जोड़ा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए परीक्षा उत्सव की भांति होना चाहिए । इसके लिए परीक्षा की अवधि कम होनी चाहिए। इस बार उनकी सरकार ने माध्यमिक परीक्षा की अवधि कम कर दी है। अगली बार पन्द्रह दिन में परीक्षा समाप्त हो जाएगी।
    इसी प्रकार विभिन्न मतदान की अवधि भी कम होनी चाहिए। उत्साह बना रहना चाहिए। मतदाता सूची सही होनी चाहिए।
    इसे आधार से भी जोड़ा जा सकता है। जो लोग अठारह वर्ष के हो जाये, वह स्वतः मतदाता बन जाये। वोटर लिस्ट में गड़बड़ी से भी लोग मतदान से निरुत्साहित होते है। इसके अलावा एक ही साथ सभी चुनाव कराने की दिशा में भी प्रयास तेज करने चाहिए। भारत का संविधान राष्ट्र निर्माण में संभव है। मतदान सबसे बड़ा और सशक्त अधिकार है। इसका समुचित प्रयोग होना चाहिए।
    सोलह बार लोकसभा चुनाव हो चुके है। लेकिन अब तक केवल छह आम चुनाव ऐसे थे जिनमें साठ प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ । इस स्थिति को बदलने की आवश्यकता है। नगर निकॉय चुनाव में  पिछली बार सैंतालीस प्रतिशत मतदान हुआ था। इसमें करीब पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई। लेकिन यह वृद्धि भी संतोषजनक नहीं कही जा सकती।
    मतदान वृद्धि का एक अन्य सुझाव भी राम नाईक ने दिया था। उनका कहना था कि स्थानीय निकॉय से लेकर लोकसभा चुनाव तक कि मतदाता सूची एक होनी चाहिए। जब अठारह वर्ष से अधिक उम्र के  सभी नागरिक मतदाता है, तब मतदाता सूची अलग अलग रखने का कोई औचित्य नहीं हो सकता। राज्यपाल के इस सुझाव पर विचार हेतु  मुख्यमंत्री ने एक समिति गठित की है। यह  उम्मीद करनी चाहिए निकट भविष्य में इस संबन्ध में सुधार देखने को मिलेगा।
    नगरीय निकाय निर्वाचन- दो हजार सत्रह में सर्वाधिक मतदान प्रतिशत वाले मतदेय स्थलों, संबंधित अधिकारियों एवं विजयी महानुभावों को आज राजभवन में सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में राज्यपाल श्री राम नाईक ने आगरा नगर निगम के वार्ड संख्या ट्रांस यमुना के मतदान स्थल पांच सौ  वानवे, गंगा देवी पूर्व माध्यमिक विद्यालय, रामबाग, कक्ष संख्या- दो  में  लगभग सत्तासी प्रतिशत मतदान के लिये महापौर श्री नवीन कुमार जैन, पार्षद श्री प्रकाश केशवानी शेरा भाई, पीठासीन अधिकारी श्री भानु प्रताप सिंह, मतदान अधिकारी श्री अखिलेश हरी त्रिवेदी, सुश्री रूबीना सैफी तथा श्री यदुवीर सिंह, बरेली की नगरपालिका परिषद-बहेड़ी के वार्ड संख्या-दो गोटिया श्यामाचरन के मतदान स्थल- चार प्राथमिक पाठशाला, शेखूपुर में  वानबे प्रतिशत मतदान के लिये अध्यक्ष  फैजुल, सदस्य आलोक कुमार गंगवार, पीठासीन अधिकारी  अशोक कुमार, मतदान अधिकारी प्रताप सिंह, सुशीला कुमारी चैरसिया तथा राम समझ राना तथा मेरठ की नगर पंचायत-खिवाई के वार्ड संख्या- सात तेलियोवाला के मतदान स्थल संख्या- नौ प्राथमिक पाठशाला संख्या-एक खिवाई में  सत्तानबे  प्रतिशत मतदान के लिये अध्यक्ष श्री रंगीला, सदस्य इमलसख, पीठासीन अधिकारी राकेश कुमार तोमर, मतदान अधिकारी  रमेश कुमार वर्मा, आशू मलिक एवं विशाल कुमार को सम्मानित किया गया।  इस प्रकार राज्यपाल ने अपने संवैधानिक दायित्व का बखूबी निर्वाह किया। ऐसे कार्यक्रम प्रेरणा देने का कार्य करते है।

    Keep Reading

    अकीदा बनाम अंधविश्वास: पक्के विश्वास और भटकती भीड़ की दास्तान

    नालसा का एलएडीसी सिस्टम खत्म करने का फैसला: क्या गरीब कैदियों से छिन जाएगा न्याय का सहारा?

    Nepal Flood Tragedy: The Most Harrowing Incident of Devastation

    नेपाल बाढ़ त्रासदी: तबाही का सबसे दर्दनाक हादसा

    रक्षाबंधन: परंपरा, पहचान और बाजारवाद का संगम

    Trump Trapped in a Labyrinth: US President's Mounting Difficulties Amid the Maze of an Iran War

    चक्रव्यूह में फंसे ट्रंप: ईरान युद्ध की भूलभुलैया में अमेरिकी राष्ट्रपति की बढ़ती मुश्किलें

    Maa Khaira Bhavani had appeared in the form of a divine beam of light.

    ज्योति पुंज के रूप में प्रकट हुईं थीं माँ खैरा भवानी

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Eight BJP Rajya Sabha candidates filed their nominations.

    भाजपा के आठ राज्यसभा प्रत्याशियों ने दाखिल किया नामांकन

    October 6, 2026
    Education requires not just academics but also life skills: Sharman Joshi

    शिक्षा में सिर्फ पढ़ाई नहीं, जीवन कौशल भी जरूरी: शरमन जोशी

    October 6, 2026
    5,000 youths in UP to receive AI training; Samsung Innovation Campus 2026 launched.

    यूपी के 5 हजार युवाओं को मिलेगा AI प्रशिक्षण, सैमसंग इनोवेशन कैंपस 2026 शुरू

    October 6, 2026
    ‘नये औजार से कबीर की खुदाई’ ने छेड़ा नया विमर्श, पुस्तकों के बीच गूंजीं कविताएं

    ‘नये औजार से कबीर की खुदाई’ ने छेड़ा नया विमर्श, पुस्तकों के बीच गूंजीं कविताएं

    October 5, 2026
    Teachers' 11-point demands resonated at the TFI conference; calls made for the old pension scheme and relief regarding the TET.

    टीएफआई सम्मेलन में शिक्षकों की 11 सूत्रीय मांगें गूंज उठीं, पुरानी पेंशन और टीईटी से राहत की मांग

    October 5, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading