तू डाल डाल मैं पात पात

0
214

भारतीय बैंकों के 13 हज़ार करोड़ डकार कर विदेश भाग चुका कारोबारी मेहुल चौकसी भारत में प्रत्यर्पण से बचने के लिए रोज ‘तू डाल डाल मैं पात पात’ का खेल खेलने में लगा है। उसने योजनाबद्ध तरीके से भारत छोड़ने के बाद एंटीगुआ जैसे देश की शरण ली है। जिसके साथ भारत की प्रत्यर्पण की संधि नहीं है उसके भारत लाए जाने की उम्मीद अब इसलिए धुंधली होती जा रही है क्योंकि अभी पिछले हफ्ते ही उसने तकनीकी रूप से भारत की नागरिकता भी छोड़ दी है।

अब एंटीगुआ सरकार ने भी साफ तौर पर कहा है कि वह मेहुल चौकसी को भारतीय अधिकारियों को नहीं सौंप सकता, एंटीगुआ सरकार का तर्क है कि क्योंकि चौकसी ने अपनी भारतीय नागरिकता छोड़ दी है इसलिए अब वह एंटीगुआ का नागरिक है। ऐसे में एंटीगुआ चौकसी के सभी अधिकारी उसके अधिकार सुनिश्चित करेगा जो वहां के नागरिक को होना चाहिए। इसी के साथ अब संभावना भी लुप्त होती जा रही रही है कि मेहुल चौकसी को कभी भारतीय कानून के तहत कानून के कठघरे में लाया जा सकेगा!

file

हालांकि एंटीगुआ की अदालत में चौकसी के प्रत्यर्पण के मामले पर भारतीय जांच एजेंसियों के आवेदन विचाराधीन है। इस मसले में जो अब नया मोड़ आ चुका है उसे देखते हुए अब अगर भारत राजनीतिक या राजनयिक स्तर पर चौकसी के पणजी गोवा से संवाद भी करता है तो शायद अब इसका खास असर नहीं रह जाएगा क्योंकि स्वयं एंटीगुआ के प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बड़े अधिकारी ने मामला अदालत में होने की वजह से राजनीतिक या राजनयिक स्तर पर किसी संभावना से इनकार कर दिया है।

इसका मतलब तो यही है कि पहले तो मेहुल ने भारतीय नागरिकता जानबूझकर छोड़ दी और अब उसे भारत को सौंपने से एंटीगुआ सरकार इंकार कर रहा है। यह एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा ही तो था, इसलिए उसे अब भारत वापस लाने की कोशिशों में बड़ा पेच फंस चुका है सच तो यह है कि चौकसी के मामले में भारत सरकार एक तरफ से और लाचार लग रही है। वैसे भी अब अगर कोई भारतीय नागरिक अपराध करने के बाद विदेश भाग जाता है तो उसे वापस लाने की प्रक्रिया काफी जटिल हो जाती है यह जटिलता तब और बढ़ जाती है जब वह तकनीकी रूप से विदेशी नागरिक हो चुका हो और अब लगभग यही स्थिति आर्थिक भगोड़ा मेहुल चौकसी के मामले में दिख रही है। अब यदि सरकार ऐसी लाचारी में दिख रही है तो आखिर इस लापरवाही और अनदेखी की जिम्मेदारी किस पर होगी! ऐसे लोगों को किसका संरक्षण मिला है जिसकी वजह से ऐसे भगोड़े पकड़े जाने से पहले ही विदेश में अपना सुरक्षित ठिकाना बनाने में कामयाब हो सके हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here