स्थापना दिवस में विकास का संकल्प

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डॉ दिलीप अग्निहोत्री
दो वर्ष पहले तक उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस की कोई चर्चा नहीं होती थी। इस प्रसंग की तरफ किसी का खास ध्यान भी नहीं था। इस ओर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक का ध्यान गया। उनका कहना था कि महाराष्ट्र अपनी स्थापना दिवस को प्रतिवर्ष समारोह पूर्वक मनाता है। इतना ही नहीं मुम्बई में चौबीस जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस का भी आयोजन होता है। राज्यपाल के रूप में राम नाईक ने सरकार को उत्तर प्रदेश दिवस आयोजित करने का सुझाव दिया। पिछली सरकार ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई। योगी आदित्यनाथ जब मुख्यमंत्री बने तब उन्होंने इस ओर ध्यान दिया।
उन्होंने चौबीस जनवरी को न केवल उत्तर प्रदेश दिवस मनाने का निर्णय किया, बल्कि इसे उत्तर प्रदेश के विकास से जोड़ दिया। विश्वकर्मा पुरष्कार की यही प्रतिध्वनि थी। धीरे धीरे इसका विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाएगा। लखनऊ में  सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश दिवस का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विधान सभा अध्यक्ष  हृदय नारायण दीक्षित, उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान’ योजनान्तर्गत प्रस्तावित टूलकिट वितरित किये तथा प्रादेशिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमी पुरस्कार, विशिष्ट हस्तशिल्प प्रादेशिक पुरस्कार, राज्य निर्यात पुरस्कार, खिलाड़ियों को लक्ष्मण एवं रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से प्रदेश की हस्तियों को पदक, प्रशस्ति पत्र व नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने पर्वतारोही श्रीमती अरूणिमा सिन्हा को रूपये ग्यारह लाख रुपये का प्रोत्साहन पुरस्कार देने का ऐलान किया। उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर कई योजनाओं एवं परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया।
राज्यपाल श्री राम नाईक ने उत्तर प्रदेश को विकास के पथ पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अभिनन्दन करते हुए कहा कि जब वे उत्तर प्रदेश में राज्यपाल बनकर आये थे तो कहा था कि राजभवन का दरवाजा सबके लिए खुला रहेगा तथा उत्तर प्रदेश को ‘उत्तम प्रदेश’ बनाने में सहयोग करेंगे। ‘साढ़े चार साल के बाद यह कह सकता हूँ कि उत्तर प्रदेश सर्वाेत्तम प्रदेश बनने की राह पर चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्रिपरिषद के सहयोगी एवं अधिकारी बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री ने हर वर्ग के लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़कर आगे बढ़ाने का कार्य किया है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना सरकार की अच्छी पहल है, इसे आगे बढ़ाने के लिए सभी को अपना सहयोग करना चाहिए।  स्थापना दिवस के अवसर पर पूर्व में संचालित योजनाओं का सिंहावलोकन का समय है जो अब तक की सफलता को ध्यान में रखकर भावी नीति निर्धारण का अवसर है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस का आयोजन उनके लिए समाधान का विषय है। मुंबई में उत्तर भारतीय नागरिकों द्वारा उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया जाता रहा है जबकि उत्तर प्रदेश में अड़सठ वर्षों तक सरकारी स्तर पर आयोजन नहीं होता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके सुझाव को माना और स्थापना दिवस की शुरूआत की। राज्यपाल ने बताया कि गत वर्ष उत्तर प्रदेश दिवस के आयोजन के बाद विभिन्न प्रदेशों में निवास कर रहे उत्तर प्रदेश के निवासियों नेे पत्र एवं संदेश भेजकर उन्हें बधाई भेजी थी।
गत दिनों वाराणसी में सम्पन्न हुए भारतीय प्रवासी दिवस’ में उत्तर प्रदेश के प्रवासी भारतीयों ने भी खुशी जाहिर की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। इस वर्ष के कुम्भ की विशेषता है कि कुम्भ इलाहाबाद में नहीं प्रयागराज में हो रहा है। फैजाबाद का भी नाम अयोध्या किया गया है। गत वर्ष सम्पन्न हुये इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों ने उत्तर प्रदेश के प्रति विश्वास जताते हुये रूपये चार लाख अठ्ठाइस हजार करोड़ के निवेश के प्रस्ताव देकर रूचि दिखाई। कानून एवं व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है जिसके कारण उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का मंच दिया है। स्पोर्ट्स कोटा के अंतर्गत रिक्त सरकारी पदों को6 जल्दी भरा जाये जिससे प्रतिभा का लाभ देश को मिले तथा प्रतिभावान खिलाड़ियों को आजीविका के लिये किसी के आगे हाथ फैलाने की स्थिति न हो। गाँव-गाँव में खेल के मैदान होने चाहिए तथा हर गाँव कस्बे में खेलो इण्डिया खेलो को लागू करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पर्वतारोही अरूणिमा सिन्हा को पुरस्कार देने की घोषणा करते हुये कहा कि अरूणिमा सिन्हा ने दिव्यांग होते हुये भी प्रेरणादायी कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनहत्तर वर्ष में उत्तर प्रदेश में दूसरी बार उत्तर प्रदेश दिवस का शासकीय स्तर पर आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन राज्यपाल जो वास्तव में जनता के राज्यपाल हैं कि प्रेरणा से संभव हुआ है। एक सौ तिरानवे  पुरस्कार यहाँ वितरित किये गये हैं। प्रदेश का निर्यात बढ़ा है। हस्तशिल्प के क्षेत्र में गत वर्ष एक जिला एक उत्पाद  योजना की शुरूआत हुई थी जिसके अंतर्गत परम्परागत उद्योगों को जोड़ा गया है। पांच वर्ष में इस योजना के तहत बीस लाख लोगों को रोजी रोटी से जोड़ा जा सकता है। पर्यटन और स्वच्छता के क्षेत्र में प्रदेश का अग्रणी स्थान है। टीम भावना, सामूहिकता और उचित वातावरण से प्रदेश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को प्रगति के पथ पर और तीव्रता से आगे ले जाने के लिये उत्तर प्रदेश की तेईस करोड़ जनता को आगे आना होगा।
उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है जो मिनी भारत के नाम से जाना जाता है। प्रदेश के आबादी तेईस करोड़ से अधिक है तथा साक्षरता करीब अस्सी  प्रतिशत है। रोजगार सृजन का केन्द्र बनाने के लिये सरकार ने छोटे उद्योगों को बढ़ावा दिया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, चिकित्सा के क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने स्थापना दिवस समारोह के आयोजन के लिये राज्यपाल का धन्यवाद करते हुये कहा कि डेढ़ वर्ष में उत्तर प्रदेश रोजगार के अवसर वाले प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। कार्यक्रम में लोक संस्कृति से जुड़े कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। इसके माध्यम से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों की कला को दर्शाया गया। कहा जा सकता है कि स्थापना दिवस समारोह के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास का सन्देश दिया गया।

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