Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Sunday, June 14
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Hot issue

    सेना प्रमुख के बयान पर विकृत राजनीति और बहस

    By February 25, 2018 Hot issue No Comments7 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 496

    मृत्युंजय दीक्षित

    इस समय में देश का राजनैतिक स्तर व बहस के मुददे इतने गिरते जा रहे हैं कि अब बौद्धिक रूप से मजबूत जनमानस टी वी पर होने वाली बहसों और चर्चाओं को नजरअंदाज तक करने लग गया है। सोशल मीडिया व टी वी चैनलों के दौर में केवल अपनी टी आर पी बढ़ाने के उददेश्य से तथा अपनी राजनीति को चमकदार रखने के लिये ऐसी बयानबाजी करते हैं कि बस उनसे बड़ा समझदार और देशहित व समाजहित के लिए उनसे अधिक जानने वाला कोई नहीं है। अभी देश मेें तीन महत्वपूर्ण घटनाएं घटीं कनाडा के पीएम अपने परिवार के साथ सात दिनों की यात्रा के लिए भारत पहुंचे , बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में संघ के 125 स्कूलों को बंद करने का तुगलकी फरमान सुना दिया और अपना एक बार फिर मुस्लिम प्रेम दिखा दिया वहीं देश के सेना प्रमुख विपिन रावत ने असम दौरे में एक सेमिनार में बांग्लादेशी घुसपैठ पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए एक बड़ा बयान दिया । इन तीनोें ही घटनाओं को सेकुलर मीडिया ने अपने राजनैतिक आकाओं के हिसाब से तोड़ मरोड़ कर पेश किया और एक गर्मागर्म बहस तैयार करने का काम किया। जिसमें सबसे अधिक चर्चा सेना प्रमुख के बयान पर हो गयी जबकि उन्होंने असम की बांग्लादेशी घुसपैठ के बारे में वास्तविक बातें ही रखी थी तथा उनका कोई राजनैतिक उददेश्य नहीं था लेकिन मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले दलों को मिर्ची लगनी थी सो लग गयी।

    Image result for बदरुद्दीन

    यह वहीं दल व नेता हैें जिन्हें थलसेना प्रमुख सड़क के गुंडे लगते हैं। यह वहीं दल हैं जो कश्मीर घाटी में पत्थरबाजों व अलाववादियों के खिलाफ सेना के इस्तेमाल का विरोध करते हैं। यह वहीं लोग हैं जो समय- समय पर कश्मीर में आपरेशन आल आउट का विरोध करते हुए कहते हैं कि सेना को बैरकों में ही रहना चाहिये क्योंकि आपरेशन आल आउट के कारण तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दलों का मुस्लिम वोट बैंक भी खतरे में पड़ रहा हैं। जब से सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कमान संभाली है और भारतीय सेना लगातार बेहद विपरीत परिस्थितियों में देश की सुरक्षा में लगी हैं तथा सीमा पार से होने वाले हर प्रकार के खतरे का डटकर सामना कर रही है तब से इन तथाकथित राजनैतिक ताकतों को अपना वोटबैंक खतरे में नजर आने लग गया है। यह सभी दल किसी न किसी बहाने भारतीय सेना को बदनाम करना चाह रहे हैं।

    आज यह कटु सत्य है कि पूर्वोत्तर के राज्यों विशेषकर असम और बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठ एक बहुत बड़ी समस्या बन गया है। यह भी पता है कि इन तत्वों को कौन से दल व नेता हर प्रकार का संरक्षण व सहायता प्रदान कर रहे हैं। अभी रोहिंग्या मुसलमानों के प्रति सबसे बड़ा और खतरनाक प्रेम सबसे पहले एआईएमआईएम अध्यक्ष असबुददीन ओवैसी ने ही दिखाया था और फिर उसके बाद याकूब मेनन और अफजल प्रेमी गैंग सुप्रीम कोर्ट की चौखट में पहुंच गया कि वे शणार्थी हैं उन्हें शरण दी जाये।

    सेना प्रमुख के बयान के बाद यही गैंग एक बार फिर ओवैसी के नेतृत्व में सक्रिय हो उठा और ताबड़तोड़ बयानबाजी करने के बाद टी वी चैनलों पर चर्चा शुरू हो गयी। वहीं इसकी आढ़ में भारतीय सेना व बीएसएफ के जवान जिस प्रकार से सीमा पर पाकिस्तान को करारा जवाब दे रहे हैं वह भी पीछे छूट गया।

    सेना प्रमुख बिपिन रावत ने सेमिनार में कहा था कि पूर्वोत्तर को अशांत रखने के लिए चीन की मदद से चलाये जा रहे परोक्ष युद्ध के अंतर्गत पाकिस्तान अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारत में योजनाबद्ध तरीके से भेज रहा है और वे हमेशा यह कोशिश करेंगें कि परोक्ष युद्ध और घुसपैठ के द्वारा इस क्षेत्र पर नियंत्रण का प्रयास कर लें। उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठ और बदरूददीन की पार्टी एआईयूडीएफ पर बयान देते हुए कहा कि असम मेें भाजपा को उभरने में कई साल लग गये लेकिन एआईयूडीएफ का उभार बहुत तेज गति से हो रहा है तथा इसका सबसे बड़ा कारण है कि बांग्लादेशी इस दल में काफी सक्रिय रूप से शामिल हो रहे हैं। उनका कहना सही भी है क्योंकि अभी विगत चुनावों में बदरूदीन की पार्टी के साथ भाजपा को रोकने लिए सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतें चुनावी तालमेल को लेकर काफी परेशान थी। लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका था।

    Image result for बदरुद्दीन

    एआईयूडीएफ का असम की राजनीति में उभार तो काफी तेज गति से हो रहा है इसमें कोई दो मायने नहीं हैं लेकिन ओवैसी साहब को मिर्ची अवश्य लग गयी है। असम में 2005 में इस दल का गठन किया गया था। 2006 में ही इस दल को काफी चौकाने वाले अंदाज में 10 सीटें मिल गयीं। लेकिन 2011 के चुनाव में बांग्लाभाषी मुस्लिम बहुल निर्वाचन क्षेत्रों में 18 सीटें बटोर लीं। फिलहाल लोकसभा में उनके तीन संसद और असम में 13 विधायक हैं। बदरूदीन पैदा तो असम में ही हुए हैं लेकिन मुंबई में कपड़ों, रियल स्टेट, चमड़ा, शिक्षा और इत्र का विशाल करोबार चलाते हैं। विगत विधानसभा चुनावों में यह चर्चा बड़ी गर्म थी कि एक न एक दिन असम में बांग्लादेशी घुसपैठिया भी मुख्यमंत्री बन सकता है। लेकिन मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के पद और सीटों के बंटवारे को लेकर धर्मनिरपेक्ष ताकतों के बीच विवाद के चलते समझौता नहीं हो पाया वोट विभाजन के चलते असम में पहली बार भाजपा की अकेले बहुमत की सरकार बन गयी । असम में बदरूददीन अजमल के विरोधी भी मानते हैं कि निचले असम के ग्रामीण इलाकों में गरीबी से परेशानहाल मुसलमानों पर पकड़ मजबूत है। वह कई स्कूल, मदरसे अस्पताल और अनाथालय चलाता है। लेकिन यह भी सच है कि घुसपैठ का दायरा विस्तृत हुआ हैं । सेना प्रमुख ने मात्र उसी की चिंता जाहिर की थी कोई राजनैतिक बयानबाजी नहीं की थी।

    लेकिन सांसद ओवैसी जो आजकल अपने आप को देश के मुसलमानों का एकमात्र नायक साबित करने में जुटे हुए है ने कोइ देर नहीं कि और कह डाला कि सेना प्रमुख को राजनैतिक बयानबाजी से बचना चाहिए। वहीं फिर उसके बाद एक के बाद एक होड़ मच गयी उनके समर्थन में संदीप दीक्षित से लेकर भीम अफजल, मनीष तिवारी व स्वयं बदरूददीन अजमल भी मैदान में कूद पड़े और सेना प्रमुख के खिलाफ बोल पड़े। यह वही गैंग था जिसने सेना से सर्जिकल स्ट्राइक से सबूत मांग लिये थे। अब यही लोग राष्ट्रपति प्रधानमंत्री के पास शिकायत लेकर यह कहने जा रहे हैं कि सेना प्रमुख को राजनैतिक बयानबाजी करने से रोका जाये। यह एक चिंता का विषय है। अजमल ने दो हाथ आगे बढ़कर कहा कि यदि हम घुसपैठिये हैं तो बयानबाजी करने की बजाय हम सभी लोगों को बांग्लादेश वापस भेज दिया जाये।

    आज देश के विपक्ष को पीएम मोदी व बीजेपी के खिलाफ समझ में नहीं आ रहा है कि उसे किस प्रकार से रोका जाये तथा उनका एजेंडा किस प्रकार से सेट हो की उनकी नैया फिर से पार हो सके। यह लोग देशहित को पूरी तरह से भूल चुके है तथा अपने निहित स्वार्थे में डूबकर बयानबाजी कर रहे है। यह सभी दल जिस प्रकार से बयानबाजी कर रहे है उसके कारण यह सभी दल एक्सपोज होते जा रहे हैं और जनता से दूर भी। बांग्लादेशची घुसपैठ एक बहुत बड़ी गंभीर समस्या बनती जा रही है तथा असम की जनसंख्या में तेजी से खतरनाक स्तर पर बदलाव हो रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह भी है कि बांग्लादेशी घुसपैठ पर कोई नियंत्रण नहीं है तथा उनकी जनसंख्या में भी तीव्रगति से वृद्धि हो रही है तथा उन्हें क्षेत्रीय कटटरपंथी दलों का संरक्षण भी प्राप्त हो रहा है तथा अल्पसंख्यकवाद की राजनीति करने वाले दल राजनीति कर अपने निहित स्वार्थे को साधते हैं।

    .लेखक वरिष्ठ पत्रकार है

    Keep Reading

    A weeping Great Nicobar and a smiling 'Ego'!

    रोता हुआ ग्रेट निकोबार और मुस्कुराता हुआ अहम्!

    US attack off the Oman coast and diplomatic surrender: Is India's strategic autonomy merely a facade?

    ओमान तट पर अमेरिकी हमला और कूटनीतिक आत्मसमर्पण: क्या भारत की रणनीतिक स्वायत्तता एक छलावा मात्र है?

    Many writers are caught in a labyrinth of duties!

    कर्त्तव्यों के चक्रव्यूह में घिरे हैं कई कलमकार!

    Do not play vote-bank politics at the cost of internal security.

    आंतरिक सुरक्षा की कीमत पर वोटों की राजनीति न करें

    Sold taxi to save a girl's life; later, the true recipient of the gold medal was found.

    टैक्सी बेचकर बचाई लड़की की जान, फिर मिला गोल्ड मेडल का असली हकदार

    When a clever merchant and an innocent king taught a lesson to the forest and the sea...!

    जब चतुर व्यापारी और मासूम राजा ने दी जंगल और समंदर को सीख तब..!

    Add A Comment

    Comments are closed.

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    A weeping Great Nicobar and a smiling 'Ego'!

    रोता हुआ ग्रेट निकोबार और मुस्कुराता हुआ अहम्!

    June 14, 2026
    US attack off the Oman coast and diplomatic surrender: Is India's strategic autonomy merely a facade?

    ओमान तट पर अमेरिकी हमला और कूटनीतिक आत्मसमर्पण: क्या भारत की रणनीतिक स्वायत्तता एक छलावा मात्र है?

    June 14, 2026
    Lethal danger at the railway crossing! Scouts raise awareness through street plays.

    रेलवे क्रॉसिंग पर मौत का खतरा! स्काउट्स ने नुक्कड़ नाटक से जगाई सावधानी

    June 14, 2026
    Body of a 12-year-old boy found on a cot with a belt tightened around his neck.

    चारपाई पर पड़ी मिली 12 वर्ष के बच्चे की गले में बेल्ट से कसी हुई लाश

    June 13, 2026

    3 मिनट की झपकी एक ईमानदार इंसान की इज़्ज़त लगभग छीन लेती

    June 13, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading