नतीजे: आप 62: भाजपा 08: कांग्रेस 00
दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजें आ गये हैं वहां पर एक बार फिर से लोगों ने अरविंद केजरीवाल की सरकार पर भरोसा जता कर यह सिद्ध कर दिया है कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली की सत्ता को संभालते हुये अपने अच्छे कामो के बलबूते वहां पर लगातार तीसरी बार सरकार बनाने में सफल रही।
बड़े बड़े धुरंधरों को धूल चटाने के बाद उन्होंने भगवान् बजरंग बली जी को धन्यवाद् दिया और कहा यह मेरी नहीं दिल्ली वालों की अपनी जीत है। बता दें की इस चुनाव में जहाँ केजरीवाल ने एक तरफ भाजपा का गुरुर तोड़ा तो वहीँ कांग्रेस का एक भी सीट पर खाता नहीं खुलने दिया इस चुनाव में कांग्रेस के सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गयी। मालूम हो कि यह चुनाव ऐसा था जिसमें देश- दुनिया की नज़रें इस चुनाव पर टिकी थी।

देश की राजधानी में आम आदमी पार्टी, संक्षेप में आप, सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अरविंद केजरीवाल एवं अन्ना हजारे के लोकपाल आंदोलन से जुड़े बहुत से सहयोगियों द्वारा गठित एक भारतीय राजनितिक दल है और इसके गठन की आधिकारिक घोषणा 26 नवम्बर वर्ष 2012 को भारतीय संविधान की अधिनियम की 63 वीं वर्षगाँठ के अवसर पर जंतर-मंतर, दिल्ली में हुई थी। अन्ना भ्रष्टाचार विरोधी जनलोकपाल आंदोलन को राजनीति से पृथक रखना चाहते थे, जबकि अरविन्द केजरीवाल एवं उनके सहयोगियों की ऐसी राय थी कि एक पार्टी बनाकर चुनाव लड़ा जाये। इसी उद्देश्य के अनुरूप आप पार्टी पहली बार दिसम्बर वर्ष 2013 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में झाड़ू चुनाव चिन्ह के साथ चुनावी मैदान में उतरी थी।

दिल्ली विधानसभा सीट पर लगातार तीसरी बार अपनी जीत पर आप पार्टी दफ्तर से अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्लीवासियों ने गजब कर दिया “आई लव यू।”
आप की सरकार जब पहली बार दिल्ली की चुनाव जीत कर सत्ता संभाला था तब सभी को ऐसा लगा था कि अन्ना आंदोलन की बजह से आप की पार्टी सुर्खियों में आई है अभी कुछ एक दिनों की ही यह पार्टी मेहमान है। शुरू में कुछ ऐसी ही परिस्थियों ने जन्म भी लिया था ऐसे में एक बार लगने लगा था कि पार्टी भंग हो सकती है लेकिन अरविंद केजरीवाल के सूझबूझ ने पार्टी को कई बार टूटने से बचाया।
आम आदमी पार्टी के दिल्ली की सत्ता संभालते ही अपने सबसे बड़े वादों को पूरा करने की दृष्टीकोण से भ्रष्टाचार पर पर लगाम लगाई और कुछ ही दिनों में दिल्ली के लगभग सभी विभागों से भ्रष्टाचार 80 फीसदी तक कम हो गये। वहां पर 50 से अधिक भ्रष्ट अधिकारीयों को जेल भेजने के बाद दिल्ली में बिजली के दाम को 50 फीसदी घटाया और प्रत्येक परिवार को पानी 20,000 लीटर तक पानी मुफ्त किया। प्राइवेट स्कूलों में मैनेजमेंट कोटा ख़त्म किया तथा सभी सरकारी अस्पतालों में सभी दवाई मुफ्त में वितरित होना शुरू हुई वहां बने तीन पुलों में 350 करोड़ बचाए। अगस्त वर्ष 2016 में पार्टी अध्यक्ष केजरीवाल ने पोर्न-काण्ड में फंसे एक मन्त्री सन्दीप कुमार को मन्त्रिपद से तरन्त हटा दिया।

खैर कुछ भी हो चाहे जिससे लड़ना पड़ा या अरविंद केजरीवाल एवं दिल्ली के उपराज्यपाल के बीच अधिकारों को लेकर छिड़ी लड़ाई हम सभी लोगों को अवश्य याद होगा। दिल्ली में आम आदमी पार्टी “आप” की सरकार बनने के बाद से शासन व्यवस्था चलाने में उप राज्यपाल से अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद उठता रहा जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि शासन व्यवस्था चलाने का अधिकार चुनी गई सरकार के पास होना चाहिए, मगर केंद्र से नियुक्त उप राज्यपाल अपनी मनमर्जी चलाते हैं। सुप्रीम कोर्ट इस मसले पर पिछले वर्ष जुलाई माह में अपना फैसला सुना चुकी है।
खैर मौजूदा समय मे दिल्ली विधानसभा के चुनाव में आप पार्टी के जितने दिल्ली की जनता ने एक बार फिर से यह सिद्ध कर दिया कि जनमानस के हितों पर काम करने वाले देश की कोई भी पार्टी चुनाव जीत सकती है बसर्ते सत्ता संभालने वाली पार्टी के लोगों की नीयत साफ सुथरी होना चाहिए।
- प्रस्तुति: जी के चक्रवर्ती







