ब्लू ह्वेल चैलेंज के जबड़े में आने से बचे असम के दो किशोर

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‘ब्लू ह्वेल गेम खेलने वाले दो किशोरों को घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिला प्रशासन ने इसे लेकर एक कमेटी गठित की है। यह गेम दुनिया भर में अब तक 130 से ज्यादा लोगों की जान ले चुका हैं’


2 सितम्बर। भारत में भी चोरी छिपे ब्लू ह्वेल गेम को लोग डाउनलोड कर उसको खेल कर चैलेंज के रूप में ले रहे है लोग इसके परिणाम जानकार भी ऐसा कर रहे है अब ताजा मामला सुसाइड गेम के नाम से विश्व में प्रसिद्द ‘ब्लू ह्वेल चैलेंज’ ने अब असम के दो किशोर की जान लेने की कोशिश की है। अस्पताल में भर्ती दो और बच्चों को ब्लू ह्वेल के जबड़े में आने से बचा लिया गया है। असम में ब्लू ह्वेल चैलेंज नामक सुसाइड गेम का यह पहला मामला गुवाहाटी में सामने आया है। जहाँ एक 17 वर्षीय किशोर ने नुकीले धारदार चीज से अपने हाथों में ह्वेल मछली की छवि उकेरकर लहूलुहान कर लिया है।

बेहद खतरनाक गेम है ‘ब्लू व्हेल’, जो खेलेगा, जरूर मरेगा!

नगर में ब्लू ह्वेल गेम खेलने वाले दो किशोरों को घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिला प्रशासन ने इसे लेकर एक कमेटी गठित की है। यह गेम दुनियाभर में अब तक 130 से ज्यादा लोगों की जान ले चुका हैं। इस खेल की शुरुआत 2013 में रूस में हुई थी। सोशल नेटवर्किंग साईट के एक ग्रुप 57 है।

जिसे डेथ ग्रुप कहा जाता था। रूस की एक यूनिवर्सिटी से बाहर किए गए स्टूडेंट फिलिप बुदेकिन ने दावा किया था कि उसने यह खेल बनाया है। गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के अधीक्षक आर तालुकदार ने बताया कि 16-17 साल उम्र के दो किशोरों को अस्पताल के मनोरोग चिकित्सा विभाग में भर्ती कराया गया है। उन्हें काउंसिलिंग दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस बारे में पुलिस को सूचना दे दी गई है क्योंकि किशारों में आत्महत्या की प्रवृत्ति देखी गई है।