UP के स्कूलों में ‘Blue Whale Game’ बैन, मोबाइल साथ नहीं ले जा सकेंगे छात्र

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‘ शिक्षकों से कहा जाएगा कि वे बच्चों पर निगाह रखें कि कहीं वह ऐसे खेल तो नहीं खेल रहा है। अभिभावकों से संपर्क करके काउंसिलिंग की जाए। स्कूलों में कंप्यूटरों में फायर वाल व अन्य तकनीकी से भी ऐसे खेलों पर रोक लगाने की बात कही गई है।’


लखनऊ 24 अगस्त: किशोरावस्था के बच्चों को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले ‘ब्लू व्हेल चैलेंज’ गेम पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से इस संबंध में आदेश जारी होने के बाद राज्य सरकार ने सभी सोशल साइट्स से इसके लिंक हटाने का निर्देश दिया है। सभी सर्च इंजिन को भी इस बात की हिदायत भेजी गई है कि ब्लू व्हेल और इसकी तरह के खेलों को हटाया जाए।

गौरतलब है कि ब्लू व्हेल गेम की वजह से देश में कई बच्चे जान दे चुके हैं। इसे देखते हुए गृह मंत्रलय से भी निर्देश जारी हुए हैं, जिसे गंभीरता से लेते हुए डीजीपी सुलखान सिंह ने प्रदेश के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजा है कि स्कूलों में इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसके लिए शिक्षकों और अभिभावकों से मिलकर काउंसिलिंग कराई जाए और सोशल मीडिया पर भी सक्रिय होकर इसके लिए जनसंवाद किया जाए।

बेहद खतरनाक गेम है ‘ब्लू व्हेल’, जो खेलेगा, जरूर मरेगा!

आइजी (लोक शिकायत) विजय सिंह मीना ने बताया कि शिक्षकों से कहा जाएगा कि वे बच्चों पर निगाह रखें कि कहीं वह ऐसे खेल तो नहीं खेल रहा है। अभिभावकों से संपर्क करके काउंसिलिंग की जाए। स्कूलों में कंप्यूटरों में फायर वाल व अन्य तकनीकी से भी ऐसे खेलों पर रोक लगाने की बात कही गई है।

शिक्षा विभागों को अलर्ट: देश में ब्लू व्हेल गेम के बढ़ते खतरे को देखते हुए शिक्षा विभाग भी अलर्ट हो गया है। विभाग ने स्कूलों को इससे सतर्क रहने को कहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने एहतियात के तौर पर स्कूलों में स्टूडेंट्स के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट लाने पर प्रतिबंध के निर्देश दिए हैं।क्या है ब्लू व्हेल चैलेंज गेम: इसमें बच्चों को टास्क दिए जाते हैं। 50वें टास्क में बच्चों को कोई जानलेवा कदम उठाने के लिए कहा जाता है। इस गेम में कई बच्चों की मौत हो चुकी है।