बाल साहित्य थीम भरेगी पुस्तक प्रेमियों में उत्साह, होंगे भव्य साहित्यिक, सांस्कृतिक आयोजन और प्रतियोगिताएं
लखनऊ, 27 फरवरी : रवीन्द्रालय चारबाग लान में पहली मार्च से प्रारम्भ होने वाला नौ दिवसीय लखनऊ पुस्तक मेला इस बार अलग रंग में दिखेगा। इस वर्ष मेले की थीम बाल साहित्य रखी गयी है। मुफ़्त प्रवेश वाले किताबों के इस मेले में जहां पुस्तक विमोचन होंगे वहीं अनेक आयोजनों के बीच विविधता भरे काव्य समारोहों और अध्यात्मिक व अन्य नाट्य, नृत्य आदि सांस्कृतिक समारोहों का क्रम लगातार चलेगा। सब गोलमाल है जैसे नाटकों के मंचन के साथ महिला दिवस पर विशेष कार्यक्रम होंगे।
आयोजक मनोज सिंह चंदेल ने बताया कि ये दौर भारतीय संस्कृति और कलाओं का पुनर्जागरण काल का है। हाल में दिल्ली में सम्पन्न विश्व पुस्तक मेले में उमड़ी भीड़ और गतिविधियों से भी हम उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि नौ मार्च तक चलने वाले मेले का उद्घाटन मध्याह्न 12 बजे होगा। मेले को मेट्रो रेल का सहयोग मिल रहा है। नई टेक्नालॉजी से छपी पुस्तकों के साथ मेले में डिजिटल टेक्नालॉजी से जुड़े प्रकाशन उत्पाद देखने को मिलेंगे साथ ही स्टेशनरी, शिक्षकों, स्कूलों के लिए उपयोगी सामग्री के स्टाल होंगे। इस मेले में बहुत से नये प्रकाशक अपने साहित्य के साथ 10 हज़ार स्क्वायर फिट वाटर प्रूफ पंडाल में स्टाल होंगे।
मेला निदेशक आकर्ष चंदेल ने बताया कि मेले में कवि सम्मेलन- मुशायरे का आनन्द लेने के साथ लोगों को लेखकों-कवियों के साथ बात करने के मौके मिलेंगे ही साथ ही पुस्तक प्रेमियों के लिए बुक लवर्स लाउंज भी होगा। स्थानीय लेखकों की पुस्तकों के लिए भी एक स्टाल होगा।
फोर्स वन बुक्स के साथ यूपीएमआरसी लखनऊ मेट्रो, रेडियो सिटी, ओरिजिंस, विजय स्टूडियो, ज्वाइन हैण्ड्स फाउण्डेशन, लोकआंगन, विश्वम फाउंडेशन, समग्र एंटरप्राइज़ेज, पृथ्वी इनोवेशन, किरन फाउंडेशन, सिटी एसेंस, ट्रेड मित्र, प्लांटिलो आदि के सहयोग से हो रहे मेले के बारे में ज्योति किरन रतन ने बताया कि विद्यार्थियों को पुस्तकों के प्रति लगाव पैदा करने के मकसद से शहर भर के अनेक स्कूल-कालेजों के विद्यार्थियों को मेले में आमंत्रित किया जा रहा है। यहां उनके विभिन्न कार्यक्रम भी और प्रतियोगिताओं का आयोजन भी होगा।







