पटना: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने बिहार की राजधानी पटना में छत्रपति शाहू जी महाराज की भव्य जयंती समारोह के जरिए सामाजिक न्याय और समता की अलख जगाई। कृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित इस जोशपूर्ण कार्यक्रम में बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद को सिक्कों से तौलकर पारंपरिक सम्मान दिया गया। हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी ने समारोह को ऐतिहासिक बना दिया।
छत्रपति शाहू जी महाराज ने जातिवाद और के खिलाफ क्रांतिकारी कदम उठाए
आकाश आनंद ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि छत्रपति शाहू जी महाराज ने जातिवाद, अंधविश्वास और स्त्री-विरोधी मानसिकता के खिलाफ क्रांतिकारी कदम उठाए। उन्होंने अपने राज्य में 50% आरक्षण लागू कर दलितों और पिछड़े वर्गों को सम्मान और अवसर प्रदान किए। साथ ही, महिलाओं की शिक्षा और अधिकारों को बढ़ावा देकर समाज में समता का बीज बोया। आकाश ने बताया कि शाहू जी ने बाबा साहब अंबेडकर की उच्च शिक्षा का खर्च उठाकर सामाजिक क्रांति की नींव रखी।
बिहार को आज शाहू जी जैसे दूरदर्शी नेतृत्व की जरूरत है : आकाश आनंद
उन्होंने जोर देकर कहा, “बिहार को आज शाहू जी जैसे दूरदर्शी नेतृत्व की जरूरत है। बहन मायावती ने उत्तर प्रदेश में चार बार सरकार बनाकर ‘बहुजन गवर्नेंस मॉडल’ स्थापित किया, जिसमें शिक्षा, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। बिहार में भी बसपा वही सुशासन और सामाजिक बदलाव लाएगी।” आकाश ने बिहार की जनता से एकजुट होकर बसपा को मजबूत करने और सामाजिक न्याय की लड़ाई को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया।
शाहू जी महाराज हमारे आदर्श और प्रेरणा हैं : रामजी गौतम
कार्यक्रम में बसपा के वरिष्ठ नेता ई. रामजी गौतम ने कहा कि शाहू जी महाराज ने शिक्षा, आरक्षण और सामाजिक समता के जरिए बहुजन समाज को सशक्त किया। आज जब देश में असमानता और भेदभाव फिर से बढ़ रहा है, उनके आदर्श हमारी प्रेरणा हैं। बिहार प्रदेश अध्यक्ष शंकर महतो और केंद्रीय प्रभारी अनिल कुमार ने भी शाहू जी और बाबा साहब के सपनों को बिहार में साकार करने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने नई ऊर्जा का संचार किया। बसपा ने स्पष्ट संदेश दिया कि शाहू जी महाराज और बाबा साहब के विचारों को जमीन पर उतारने का जिम्मा केवल बसपा ही उठा सकती है। यह समारोह न केवल एक जयंती उत्सव था, बल्कि बिहार में सामाजिक न्याय और बहुजन एकता की नई शुरुआत का प्रतीक बन गया।








