तीनो ओर से लगातार फायरिंग हो रही थी, हमारे ड्राइवर हमारी जान बचाई

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साहब! सात को तो नहीं बचा पाया, लेकिन 50 को सुरक्षित जगह ले जाने में कामयाब रहा: बस ड्राइवर

अमरनाथ यात्रा पर निकली बस पर जब आतंकियों ने हमला बोला और अंधाधुंध फायरिंग करने लगे तब बस के ड्राइवर ने साहस और संयम का बड़ा परिचय दिया और बिना डरे बस को आगे भगाते ले गया, बस के ड्राइवर का नाम शेख सलीम गफूर भाई है. गोलियों के बीच बस को भगाकर आगे ले जाने के लिए उनकी काफी तारीफ हो रही है। इस हमले में जिन लोगों की जान बच गई उनका कहना है कि अगर सलीम बस को रोक देते तो कई और को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
अनंतनाग के अस्पताल में एक घायल ने कहा कि तीन ओर से लगातार फायरिंग हो रही थी. हमारा ड्राइवर बस को आगे कुछ किलोमीटर तक ले गया. उसने हमारी जान बचाई.

पुलिस सूत्रों के अनुसार हमलावर लश्कर ए तैयब के आतंकी थे, उन्होंने बताया कि आतंकियों ने पहले एक पुलिस की कार पर हमला किया था और फिर एक सिक्यूरिटी चैक पोस्ट पर गोलियां दागी थीं. इसके बाद उन आतंकियों ने बस को निशाना बनाया था. पुलिस का कहना है कि पांच बजे के बाद बस को सड़क पर नहीं चलना चाहिए था. अब कहा जा रहा है कि टायर पंचर हो जाने के कारण बस अपने समय से दो घंटे देरी से चल रही है.
भाग्यमनी जिन्होंने इस आतंकी हमले में अपनी भाभी को खो दिया तब उन्होंने कहा कि ड्राइवर बस को एक किलोमीटर दूर तक ले गया. उस समय घोर अंधेरा था और हम कुछ देख नहीं पा रहे थे. रात करीब 9.30 बजे आतंकी हमले के बाद सलीम ने अपने चचेरे भाई को फोन पर सारी घटना की जानकारी दी. जावेद ने बताया कि सलीम ने कहा – उसे अफसोस है कि वह सात लोगों को नहीं बचा पाया, लेकिन गर्व है कि वह 50 लोगों को सुरक्षित बचा लिया।