टेक्नोलॉजी और वित्तीय क्षेत्र में निवेशकों के लिए खुले दो बड़े मौके
मुंबई। पूंजी बाजार में इस सप्ताह दो अहम घोषणाओं ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। एक ओर ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सेडेमैक मेक्ट्रोनिक्स लिमिटेड अपना आईपीओ ला रही है, तो दूसरी ओर केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड ने बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं पर केंद्रित नया फंड लॉन्च किया है।
सेडेमैक मेक्ट्रोनिक्स का IPO 4 मार्च से
ऑटोमोटिव और औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में सक्रिय सेडेमैक मेक्ट्रोनिक्स का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) 4 मार्च 2026 को खुलेगा और 6 मार्च 2026 को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 2 मार्च को खुलेगी।
कंपनी ने ₹10 अंकित मूल्य वाले शेयरों के लिए ₹1,287 से ₹1,352 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। न्यूनतम 11 शेयरों के लॉट में निवेश किया जा सकेगा। यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल है, जिसके तहत 80,43,300 इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे। पात्र कर्मचारियों के लिए ₹10 मिलियन तक के शेयर आरक्षित हैं, जिन्हें प्रति शेयर ₹128 की विशेष छूट मिलेगी।
2007 में चार इंजीनियरों द्वारा स्थापित कंपनी आज भारत, अमेरिका और यूरोप के प्रमुख ओईएम को कंट्रोल-इंटेंसिव ईसीयू समाधान उपलब्ध करा रही है। दोपहिया, तिपहिया, इलेक्ट्रिक वाहन और जनरेटर सेगमेंट में मजबूत उपस्थिति के बाद अब कंपनी कमर्शियल व्हीकल्स और पावर टूल्स क्षेत्र में विस्तार की तैयारी में है।
केनरा रोबेको का बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड
इसी बीच, केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड ने ‘केनरा रोबेको बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड’ नाम से नया ओपन-एंडेड इक्विटी फंड पेश किया है। यह नया फंड ऑफर (NFO) 27 फरवरी 2026 से खुलकर 13 मार्च 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध रहेगा।
फंड का बेंचमार्क निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स होगा और न्यूनतम निवेश राशि ₹5,000 रखी गई है। स्कीम अपनी कम से कम 80% परिसंपत्तियां बैंकिंग और वित्तीय सेवा कंपनियों के शेयरों में निवेश करेगी।
कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ रजनीश नरूला के अनुसार, बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं भारतीय अर्थव्यवस्था की धुरी हैं और यह फंड निवेशकों को इस विकास यात्रा में भागीदारी का अवसर देगा।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
एक तरफ टेक्नोलॉजी आधारित कंपनी का आईपीओ है, जो ऑटो इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की बढ़ती मांग पर दांव लगा रहा है। दूसरी ओर बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं पर केंद्रित नया म्यूचुअल फंड, जो सेक्टोरल निवेश का अवसर दे रहा है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि निवेश से पहले निवेशकों को सेक्टोरल जोखिम और बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेना चाहिए।







