रायपुर/बिलासपुर, 13 दिसंबर 2025: वाह! छत्तीसगढ़ ने पर्यावरण के क्षेत्र में बड़ा धमाका कर दिया है। बिलासपुर जिले के तखतपुर ब्लॉक में स्थित कोपरा जलाशय को आधिकारिक तौर पर राज्य का पहला रामसर साइट घोषित कर दिया गया है। ये वैश्विक स्तर पर Wetlands of International Importance की लिस्ट में शामिल हो गया है (साइट नंबर 2583)। अब ये जलाशय दुनिया के नक्शे पर चमक रहा है!

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गर्व का पल बताया और कहा, “यह हमारी समृद्ध जैवविविधता, पक्षी आवास-विविधता और जल संरक्षण प्रयासों को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता है।” सीएम ने राज्य वेटलैंड प्राधिकरण, पर्यावरण विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और लोकल कम्युनिटी को दिल से थैंक्स कहा।
कोपरा की खासियतें जो इसे बनाती हैं सुपर स्पेशल:
- महानदी के ऊपरी कैचमेंट में बसा ये रिजर्वॉयर सिंचाई के लिए बना था, लेकिन अब ये जैवविविधता का हॉटस्पॉट है!
- सर्दियों में यहां विदेशी और दुर्लभ पक्षी जैसे रिवर टर्न, कॉमन पोचार्ड, इजिप्शियन वल्चर आते हैं – बर्ड वॉचर्स का पैराडाइज!
- स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की भरमार, समृद्ध जलीय जीवन, हरी-भरी वनस्पतियां और आसपास के गांवों के लिए पानी का लाइफलाइन।
- बिलासपुर शहर के करीब “ग्रीन पॉकेट” की तरह, जहां प्रकृति से कनेक्ट होने का मजा दोगुना!

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि ये उपलब्धि छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 का हिस्सा है – 2030 तक 20 वेटलैंड्स को रामसर स्टेटस दिलाने का टारगेट! इससे इको-टूरिज्म को बूस्ट मिलेगा, लोकल युवाओं को रोजगार और संरक्षण की जागरूकता बढ़ेगी।
सीएम साय ने सभी से अपील की – “इस अमूल्य धरोहर की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाएं, यही हमारा कर्तव्य है।” अब कोपरा नहीं सिर्फ लोकल जलाशय, बल्कि ग्लोबल इको-जेम है!
उधर एक अन्य जानकारी के मुताबिक राजस्थान में अब रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है –
- केवलादेव राष्ट्रीय अभ्यारण 1981
- सांभर झील 1990
- मीनार गांव उदयपुर 5 जून 2025
- किचन फलोदी 5 जून 2025
- सिली सेढ झील अलवर 12 दिसंबर 2025
रायपुर से सिर्फ 115 किमी दूर – अगली ट्रिप प्लान कर लो? क्या कहते हो, बर्ड वॉचिंग के लिए रेडी?







