मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बोरीवली पश्चिम के कोरा केंद्र में तीन दिवसीय ‘ऋषभायन 02’ आयोजन का उद्घाटन किया। भगवान ऋषभदेव को समर्पित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘ऋषभायन’ पुस्तक का लोकार्पण किया और इसे आधुनिक समाज के लिए शाश्वत जीवन मूल्यों का मार्गदर्शक बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत जैन गच्छाधिपति पूज्य यशोवर्मसूरीजी महाराज के आशीर्वचन से हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सर्वधर्म धर्म परिषद का शुभारंभ किया, जिसमें जैन, वैदिक, सिख एवं अन्य संप्रदायों के संतों ने राजा ऋषभदेव के त्याग, तप और दर्शन पर विचार साझा किए। प्रमुख संतों में पूज्य कोठारी धर्मानंद स्वामी, डंडी स्वामी जितेंद्र सरस्वती, महंत दयालपुरी, शांतिगिरि महाराज, आचार्य लोकेश मुनि, ज्ञानी रामसिंह राठौड़, स्वामी भारतानंद एवं स्वामीनारायण संप्रदाय के संत शामिल रहे।

आयोजन की विशेष उपलब्धि रही 1,111 ग्रंथों का ऐतिहासिक लोकार्पण, जिसे मुंबई जैन संघ एवं देशभर के जैन संगठनों ने मिलकर संपन्न किया। मुख्यमंत्री ने सर्वधर्म प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया और इसे नई पीढ़ी को भारतीय सभ्यता से जोड़ने वाला प्रयास बताया।मुख्यमंत्री ने सभी संतों से आशीर्वाद लिया और जैन आचार्यों द्वारा उनका सत्कार किया गया।
कार्यक्रम में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, विधायक संजय उपाध्याय, मनीषा चौधरी, गोपाल शेट्टी सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में लब्धि विक्रम जनसेवा ट्रस्ट के किरीटभाई दोशी, प्रवीणभाई जैन, कृष्णा राणा तथा मुकेशभाई जैन और सुनील लोढ़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






