लाखों फिलिस्तीनियों की आवाज़ दबाई गई, भुखमरी खतरा और बढ़ा
गाज़ा सिटी, 19 सितंबर 2025: इज़राइल के ज़मीनी हमलों और लगातार हवाई बमबारी के बीच गाज़ा सिटी में दूसरे दिन भी पूर्ण संचार ब्लैकआउट जारी है। कल (18 सितंबर) से इंटरनेट, फोन और मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप हो गए हैं, जिससे लगभग 8 लाख निर्दोष फिलिस्तीनियों को दुनिया से काट दिया गया है। मानवाधिकार संगठनों ने इसे “युद्ध अपराध” करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है।
इज़राइल की सेना ने गाज़ा सिटी के पूर्वी उपनगरों पर कब्ज़ा कर लिया है और अब शेख रदवान तथा तेल अल-हवा इलाकों में टैंकों के साथ पैदल सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है। इन इलाकों से शहर के केंद्रीय और पश्चिमी हिस्सों पर हमला आसान हो जाता है, जहां अधिकांश आबादी शरण ले रही है। मीडिया रिपोर्ट्स और रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, बमबारी के दौरान धुंध के गुबार उठते दिखे, और यह ज़मीनी अभियान का एक बड़ा विस्तार है।
संचार ब्लैकआउट का कारण इज़राइल के हमलों से क्षतिग्रस्त फाइबर-ऑप्टिक केबल्स और संचार टावरों को बताया जा रहा है। यूरो-मेड ह्यूमन राइट्स मॉनिटर ने कहा कि यह ब्लैकआउट इज़राइल की रणनीति का हिस्सा है, जो नागरिकों को अलग-थलग कर अपराधों को छिपाने का प्रयास करता है। ब्लैकआउट से अस्पतालों, एम्बुलेंस सेवाओं और सहायता संगठनों का संचालन ठप हो गया है, जिससे चिकित्सा आपात स्थिति और भुखमरी का खतरा बढ़ गया है।
एक्स पर फिलिस्तीनी पत्रकारों और कार्यकर्ताओं ने ब्लैकआउट के बीच भी कुछ अपडेट शेयर किए। कुद्स न्यूज़ नेटवर्क ने लिखा, “गाज़ा सिटी दूसरे दिन भी इंटरनेट ब्लैकआउट में डूबा है, जबकि इज़राइल की बमबारी जारी है।” एक अन्य पोस्ट में कहा गया, “यह ब्लैकआउट इज़राइल के ज़मीनी हमले के साथ मेल खाता है – फिलिस्तीनियों की आवाज़ को दबाने की कोशिश।”संयुक्त राष्ट्र और एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसे संगठनों ने चेतावनी दी है कि यह ब्लैकआउट नागरिकों को “अभूतपूर्व खतरे” में डाल रहा है।
यूएन की एक रिपोर्ट में कहा गया कि सहायता अभियान पूरी तरह ठप हैं, और ईंधन की कमी से स्थिति और बिगड़ सकती है।
एक एक्स यूजर ने लिखा यह पूरी मानवता के लिए शर्मिंदगी की बात है। निर्दोषों पर हमले रुकने चाहिए, और तत्काल युद्धविराम की ज़रूरत है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर संयुक्त राष्ट्र, को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।







