- उपभोक्ता परिषद के साप्ताहिक वेबीनार में लोगों ने बताया अपना दर्द
- उपभोक्ता परिषद ने कहा तो कल को रीडिंग जंपिंग भी करेगा
लखनऊ, 21 जून : उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के साप्ताहिक वेबीनार में प्रदेश के विभिन्न जनपदों के बिजली उपभोक्ताओं ने स्मार्ट प्रीपेड मीटरों में “भार जंपिंग” की समस्या को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उपभोक्ताओं ने बताया कि 2-3 किलोवाट वाले घरेलू कनेक्शनों में मीटर 40 किलोवाट तक का भार दर्शा रहे हैं, जिससे बिजली बिलों में भारी वृद्धि हो रही है। यह शिकायत कई जिलों से सामने आई है, जिसने उपभोक्ताओं में असंतोष को बढ़ा दिया है।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि प्रदेश में अब तक 21-22 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन इनमें तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निजीकरण की आड़ में निजी कंपनियां घटिया गुणवत्ता वाले मीटर लगा रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं का शोषण हो रहा है। वर्मा ने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन और सभी बिजली कंपनियों के समक्ष उठाया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी न हो।
वर्मा ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, 5% चेक मीटर लगाए जाने चाहिए, लेकिन इनका मिलान अब तक नहीं किया गया है। उन्होंने मांग की कि बिजली कंपनियों को चेक मीटरों की जांच के परिणाम सार्वजनिक करने चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो कि स्मार्ट मीटर सही काम कर रहे हैं या नहीं। परिषद जल्द ही इस मामले पर एक विस्तृत रिपोर्ट विद्युत नियामक आयोग के सामने पेश करेगी।
उपभोक्ता परिषद ने बिजली कंपनियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है और चेतावनी दी है कि निजीकरण के नाम पर घटिया सामग्री की आपूर्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अपनी शिकायतें 1912 हेल्पलाइन पर दर्ज करें, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।






